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सोमवार से बुहावा मंडी में डाली जाएगी गेहूं
ambala
Updated Mon, 04 Apr 2016 01:02 AM IST
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अनाज मंडी कैंट में अब सोमवार से गेहूं नहीं डाली जाएगी, जबकि इसके लिए प्रदेश के मंत्री अनिल विज ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। अमर उजाला ने दो अप्रैल के अंक में 'मंडी शिफ्टिंग लटकी, बढ़ेगी किसानों व जनता की परेशानी शीर्षक' से समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद अब बुहावा मंडी में अब किसानों को अपनी गेहूं ले जानी होगी।
यह रही है अब तक स्थिति
अंबाला कैंट की अनाज मंडी कमर्शियल और रेजीडेंशियल एरिया के एकदम बीच में स्थित है। यहीं से गेहूं, धान आदि की खरीद फरोख्त होती है। गेहूं व धान के सीजन में इस मंडी के सारे रास्ते बुरी तरह से प्रभावित होते रहे हैं, जिसके कारण आम जनता खासी परेशान है। तत्कालीन सरकार के कार्यकाल में मंडी को बुहावा शिफ्ट करने की योजना बनी, लेकिन कई किसानों, जिनकी जमीन का अधिग्रहण किया जाना था, ने जहां अदालत की शरण ली। बाद में अदालत के निर्देश पर अधिग्रहण किया गया, जबकि किसानों को मुआवजा भी दिया गया। इसके बाद से ही यह मंडी निर्माण में लेटलतीफी के कारण लटकी रही।
यह आ रही हैं परेशानियां
- मंडी के रास्ते सीजन के दौरान लगभग बंद हो जाते हैं
- धूल मिट्टी के कारण जनता परेशानी रहती है
- कारोबारियों का व्यापार प्रभावित होता रहा
- सीजन के दौरान फसल सफाई से निकला कचरा नालों व नालियों में जमा होता रहा
- एक माह तक इन रास्तों से आवाजाही करना लोगों के लिए मुश्किल होता रहा
- लोगों को अपने काम से आने के बाद वाहन पार्किंग के लिए जगह नहीं मिलती
दो धड़ों में बंटे आढ़ती, प्रदर्शन
प्रदेश के मंत्री अनिल विज द्वारा अब सोमवार से गेहूं की बिक्री बुहावा अनाज मंडी में करने के आदेश देने के बाद मंडी से जुड़े आढ़ती दो धड़ों में बंट गए हैं। एक धड़ा जहां इससे काफी राहत महसूस कर रहा है, वहीं दूसरा धड़ा इसे एकदम थोपा गया आदेश बता रहा है। एक पक्ष का कहना है कि बुहावा अनाज मंडी में अभी मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं, जिस कारण कईं आढ़ती वहां जाना नहीं चाहते। यदि प्रशासन बुहावा मंडी में गेहूं की बिक्री व खरीद शरु करवाना चाहता है, तो वहां पर सुविधाएं दी जाएं। इसी को लेकर एक पक्ष की मार्केट कमेटी सचिव से बहसबाजी हुई, जबकि प्रदर्शन भी किया। उधर, पहला पक्ष चाहता है कि गेहूं की खरीद फरोख्त बुहावा मंडी में शुरु किया जाना ठीक कदम है। काफी समय से चाह रहे थे कि मंडी शिफ्ट की जाए, जबकि अब यह निर्देश मिलने के बाद जनता को भी काफी राहत मिलेगी।
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मार्केट सचिव पर भड़के मंत्री
जिस समय मंत्री अनाज मंडी कैंट का दौरा कर रहे थे, तो उस दौरान अव्यवस्थाएं देखकर भड़क गए। इस दौरान उन्होंने मार्केट सचिव से बातचीत की, जबकि वे कोई ठोस जवाब नहीं दे पाए। इस दौरान उन्होंने सचिव को साफ कहा कि सोमवार से गेहूं कैंट अनाज मंडी में नहीं बल्कि बुहावा मंडी में डलवाई जाए।
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बुहावा अनाज मंडी में सोमवार से गेहूं डलवाने के निर्देश दिए गए हैं। मंडी में आढ़तियों, किसानों को जो भी सुविधा चाहिए वे दी जाएंगी। जो कार्य शेष रह गया है, उसे भी तेजी से पूरा कराया जाएगा।
- अनिल विज, स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री
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यह रही है अब तक स्थिति
अंबाला कैंट की अनाज मंडी कमर्शियल और रेजीडेंशियल एरिया के एकदम बीच में स्थित है। यहीं से गेहूं, धान आदि की खरीद फरोख्त होती है। गेहूं व धान के सीजन में इस मंडी के सारे रास्ते बुरी तरह से प्रभावित होते रहे हैं, जिसके कारण आम जनता खासी परेशान है। तत्कालीन सरकार के कार्यकाल में मंडी को बुहावा शिफ्ट करने की योजना बनी, लेकिन कई किसानों, जिनकी जमीन का अधिग्रहण किया जाना था, ने जहां अदालत की शरण ली। बाद में अदालत के निर्देश पर अधिग्रहण किया गया, जबकि किसानों को मुआवजा भी दिया गया। इसके बाद से ही यह मंडी निर्माण में लेटलतीफी के कारण लटकी रही।
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यह आ रही हैं परेशानियां
- मंडी के रास्ते सीजन के दौरान लगभग बंद हो जाते हैं
- धूल मिट्टी के कारण जनता परेशानी रहती है
- कारोबारियों का व्यापार प्रभावित होता रहा
- सीजन के दौरान फसल सफाई से निकला कचरा नालों व नालियों में जमा होता रहा
- एक माह तक इन रास्तों से आवाजाही करना लोगों के लिए मुश्किल होता रहा
- लोगों को अपने काम से आने के बाद वाहन पार्किंग के लिए जगह नहीं मिलती
दो धड़ों में बंटे आढ़ती, प्रदर्शन
प्रदेश के मंत्री अनिल विज द्वारा अब सोमवार से गेहूं की बिक्री बुहावा अनाज मंडी में करने के आदेश देने के बाद मंडी से जुड़े आढ़ती दो धड़ों में बंट गए हैं। एक धड़ा जहां इससे काफी राहत महसूस कर रहा है, वहीं दूसरा धड़ा इसे एकदम थोपा गया आदेश बता रहा है। एक पक्ष का कहना है कि बुहावा अनाज मंडी में अभी मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं, जिस कारण कईं आढ़ती वहां जाना नहीं चाहते। यदि प्रशासन बुहावा मंडी में गेहूं की बिक्री व खरीद शरु करवाना चाहता है, तो वहां पर सुविधाएं दी जाएं। इसी को लेकर एक पक्ष की मार्केट कमेटी सचिव से बहसबाजी हुई, जबकि प्रदर्शन भी किया। उधर, पहला पक्ष चाहता है कि गेहूं की खरीद फरोख्त बुहावा मंडी में शुरु किया जाना ठीक कदम है। काफी समय से चाह रहे थे कि मंडी शिफ्ट की जाए, जबकि अब यह निर्देश मिलने के बाद जनता को भी काफी राहत मिलेगी।
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मार्केट सचिव पर भड़के मंत्री
जिस समय मंत्री अनाज मंडी कैंट का दौरा कर रहे थे, तो उस दौरान अव्यवस्थाएं देखकर भड़क गए। इस दौरान उन्होंने मार्केट सचिव से बातचीत की, जबकि वे कोई ठोस जवाब नहीं दे पाए। इस दौरान उन्होंने सचिव को साफ कहा कि सोमवार से गेहूं कैंट अनाज मंडी में नहीं बल्कि बुहावा मंडी में डलवाई जाए।
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बुहावा अनाज मंडी में सोमवार से गेहूं डलवाने के निर्देश दिए गए हैं। मंडी में आढ़तियों, किसानों को जो भी सुविधा चाहिए वे दी जाएंगी। जो कार्य शेष रह गया है, उसे भी तेजी से पूरा कराया जाएगा।
- अनिल विज, स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री