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Ambala News: एनीमिया मुक्त सप्ताह के तहत होगी खून की जांच
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अंबाला सिटी। एनिमिया मुक्त सप्ताह अभियान के चलते स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी है। यह अभियान जिले भर के सभी स्वास्थ्य केंद्रों , नागरिक अस्पतालों में 11 मार्च से 17 मार्च तक चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत शून्य से पांच वर्ष के बच्चों के लिए आयरन सीरप, छह से 10 वर्ष के बच्चों को आयरन गुलाबी गोली, 11 से 19 वर्ष के बच्चों को आयरन नीली गोली, गर्भवती व महिलाओं को आयरन लाल रंग की गोली खिलाई जाएगाी। यह गोली उन्हें ही खिलाई जाएगी जिनके खून में हिमोग्लोबिन की कमी पाई जाएगी। विभाग की ओर से इस अभियान के तहत मरीजों को खून की जांच करवाने के लिए परामर्श दिया जाएगा। विभाग की ओर से प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र पर कम से कम 150 मरीजों की जांच करने का लक्ष्य दिया गया है।
एनिमिया के कारण होती है कमजोरी
खराब खान पान के कारण जिस भी व्यक्ति के खून में हिमोग्लोबिन या ऑयरन कम हो जाता है। उसे एनिमिया की बीमारी का खतरा अधिक होता है। एनिमिया के रोगी को कमजोरी महसूस होती रहती है, पढ़ाई में मन नहीं लगता, शारीरिक विकास भी धीमा होता है।महिलाओं में गर्भावस्था के समय खून की कमी होने के कारण एनीमिया होने का खतरा अधिक होता है। वृद्धावस्था में क्रॉनिक बीमारियों का खतरा अधिक हो जाता है जो आगे चलकर एनीमिया का कारण बन सकता है। इसके बचाव के लिए हमें अपने खान पान का सही ख्याल रखना चाहिए। सब्जियों व फलों का सेवन नियमित करना चाहिए। इसलिए अपने खून की नियमित जांच करवानी चाहिए। ताकी समय रहते खून में एनिमिया का पता लगाया जा सके।
एनीमिया के मुक्त अभियान के तहत खून की मात्रा में अगर हीमोग्लोबिन कम होता है तो उसे उपचार के लिए परामर्श दिया जाएगा। इसके लिए विभिन्न स्तर पर पीएचसी सीएचसी और सभी नागरिक अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में यह अभियान चलाया जाएगा यह अभियान सोमवार से शुरू होगा।
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-डॉ नीलम, डिप्टी सीएमओ अंबाला।
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एनिमिया के कारण होती है कमजोरी
खराब खान पान के कारण जिस भी व्यक्ति के खून में हिमोग्लोबिन या ऑयरन कम हो जाता है। उसे एनिमिया की बीमारी का खतरा अधिक होता है। एनिमिया के रोगी को कमजोरी महसूस होती रहती है, पढ़ाई में मन नहीं लगता, शारीरिक विकास भी धीमा होता है।महिलाओं में गर्भावस्था के समय खून की कमी होने के कारण एनीमिया होने का खतरा अधिक होता है। वृद्धावस्था में क्रॉनिक बीमारियों का खतरा अधिक हो जाता है जो आगे चलकर एनीमिया का कारण बन सकता है। इसके बचाव के लिए हमें अपने खान पान का सही ख्याल रखना चाहिए। सब्जियों व फलों का सेवन नियमित करना चाहिए। इसलिए अपने खून की नियमित जांच करवानी चाहिए। ताकी समय रहते खून में एनिमिया का पता लगाया जा सके।
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एनीमिया के मुक्त अभियान के तहत खून की मात्रा में अगर हीमोग्लोबिन कम होता है तो उसे उपचार के लिए परामर्श दिया जाएगा। इसके लिए विभिन्न स्तर पर पीएचसी सीएचसी और सभी नागरिक अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में यह अभियान चलाया जाएगा यह अभियान सोमवार से शुरू होगा।
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-डॉ नीलम, डिप्टी सीएमओ अंबाला।