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Ambala News: होम्योपैथिक अस्पताल में छह माह बाद भी नहीं बेड की सुविधा
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छावनी के रामपुर स्थित सामुदायिक भवन में चल रहा होम्योपैथिक अस्पताल
अंबाला। रामपुर सरसेहड़ी के सामुदायिक भवन में अस्थाई रूप से चल रहा प्रदेश के पहले राजकीय होम्योपैथिक अस्पताल की सौगात मिले छह माह का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक स्टाफ की कमी पूरी नहीं हो सकी है।
अस्पताल चलाने के लिए कुल 54 स्टाफ की जरूरत है, जिसमें डॉक्टरों से लेकर नर्सिंग ऑफिसर, ऑपरेटर तक शामिल है। चुनावों के लिए लगी आचार संहिता ने अड़ंगा डाल दिया है। ऐसे में होम्योपैथिक पद्धति से उपचार करवाने के लिए आने वाले मरीजों को दाखिल होने की सुविधा नहीं मिल पा रही है। जबकि मरीजों के लिए प्राथमिक चरण में करीब 10 बेड लगाए हैं।
यहां केवल ओपीडी चल रही है और उसमें भी डेपुटेशन पर स्टाफ है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आचार संहिता के बाद स्टाफ को पूरा किया जाएगा ताकि मरीजों को लाभ मिल सके। बता दें कि इस अस्पताल में अंबाला के अलावा आसपास के शहरों के भी मरीज आ रहे हैं और ओपीडी में दवा ले रहे हैं। बता दें कि चंद्रपुरी में बन रही अस्पताल और कॉलेज की नई बिल्डिंग के बाद वहां पर शिफ्ट हो जाएगा।
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ऑनलाइन पंजीकरण भी अटका
स्टाफ के अलावा अस्पताल में अभी अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे मशीन की भी सुविधा नहीं मिली है। जबकि मैनुअल ही ओपीडी में आने वाले मरीजों का पंजीकरण किया जा रहा है। स्टाफ पूरा होने के बाद यह सुविधाएं भी शुरू होगी और मरीजों को इसका पूरा लाभ मिलेगा।
55.85 करोड़ से बन रहा अस्पताल
चंदपुरी में राजकीय होम्योपैथिक कॉलेज और 100 बेड के अस्पताल बनाने का काम चल रहा है। करीब 55.85 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कार्य किया जा रहा है। इस अस्पताल और कॉलेज तक बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में काम हो रहा है। अस्पताल तक तक चार करोड़ की लागत से 10 मीटर चौड़ी रामपुर-सरसेहड़ी रोड का निर्माण हो गया है। चंदपुरा में टांगरी नदी पुल पर 4 करोड़ रुपये की लागत से नया ब्रिज बनाया गया है। तीन मंजिला अस्पताल और दो मंजिला कॉलेज की इमारत अलग-अलग होंगी। 6-6 मंजिला ब्वॉयज और गर्ल्स होस्टल का निर्माण होगा। 16 स्टाफ क्वार्टरों का निर्माण किया जाएगा।
वर्जन
राजकीय होम्योपैथिक अस्पताल के लिए 54 पद भरे जाने हैं। आचार संहिता हटने के बाद स्टाफ भरने की प्रक्रिया शुरू होगी। तब तक अस्पताल में ओपीडी की सुविधा दी जा रही है।
डॉ. शशिकांत, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी, अंबाला।
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अस्पताल चलाने के लिए कुल 54 स्टाफ की जरूरत है, जिसमें डॉक्टरों से लेकर नर्सिंग ऑफिसर, ऑपरेटर तक शामिल है। चुनावों के लिए लगी आचार संहिता ने अड़ंगा डाल दिया है। ऐसे में होम्योपैथिक पद्धति से उपचार करवाने के लिए आने वाले मरीजों को दाखिल होने की सुविधा नहीं मिल पा रही है। जबकि मरीजों के लिए प्राथमिक चरण में करीब 10 बेड लगाए हैं।
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यहां केवल ओपीडी चल रही है और उसमें भी डेपुटेशन पर स्टाफ है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आचार संहिता के बाद स्टाफ को पूरा किया जाएगा ताकि मरीजों को लाभ मिल सके। बता दें कि इस अस्पताल में अंबाला के अलावा आसपास के शहरों के भी मरीज आ रहे हैं और ओपीडी में दवा ले रहे हैं। बता दें कि चंद्रपुरी में बन रही अस्पताल और कॉलेज की नई बिल्डिंग के बाद वहां पर शिफ्ट हो जाएगा।
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ऑनलाइन पंजीकरण भी अटका
स्टाफ के अलावा अस्पताल में अभी अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे मशीन की भी सुविधा नहीं मिली है। जबकि मैनुअल ही ओपीडी में आने वाले मरीजों का पंजीकरण किया जा रहा है। स्टाफ पूरा होने के बाद यह सुविधाएं भी शुरू होगी और मरीजों को इसका पूरा लाभ मिलेगा।
55.85 करोड़ से बन रहा अस्पताल
चंदपुरी में राजकीय होम्योपैथिक कॉलेज और 100 बेड के अस्पताल बनाने का काम चल रहा है। करीब 55.85 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कार्य किया जा रहा है। इस अस्पताल और कॉलेज तक बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में काम हो रहा है। अस्पताल तक तक चार करोड़ की लागत से 10 मीटर चौड़ी रामपुर-सरसेहड़ी रोड का निर्माण हो गया है। चंदपुरा में टांगरी नदी पुल पर 4 करोड़ रुपये की लागत से नया ब्रिज बनाया गया है। तीन मंजिला अस्पताल और दो मंजिला कॉलेज की इमारत अलग-अलग होंगी। 6-6 मंजिला ब्वॉयज और गर्ल्स होस्टल का निर्माण होगा। 16 स्टाफ क्वार्टरों का निर्माण किया जाएगा।
वर्जन
राजकीय होम्योपैथिक अस्पताल के लिए 54 पद भरे जाने हैं। आचार संहिता हटने के बाद स्टाफ भरने की प्रक्रिया शुरू होगी। तब तक अस्पताल में ओपीडी की सुविधा दी जा रही है।
डॉ. शशिकांत, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी, अंबाला।