फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   balne-is-work-in-mshin

बोलने पर काम करेगी मशीन, जवाब भी बोलकर देगी

Sat, 19 Nov 2016 12:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अंबाला सिटी
अमर उजाला ब्यूरो/अंबाला सिटी Updated Sat, 19 Nov 2016 12:11 AM IST
विज्ञापन
अंबाला सिटी। अब आप बोलेंगे और आप के कहे अनुसार मशीन काम करेगी। इतना ही नहीं मशीन बोलकर अपना जवाब भी आप तक पहुंचाएगी। इसी तकनीक को ईजाद किया है अंबाला के वरिष्ठ इंजीनियर अमित गर्ग ने। ये तकनीक खास कैमिकल टेस्टिंग मशीनों के साथ जोड़ी जा सकती है। जिससे न केवल काम जल्दी होगा, बल्कि मशीन की कार्यप्रणाली को भी समझना आसान होगा।
विज्ञापन

इसी तकनीक को ईजाद करने पर इंडियन इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रोनिक मैन्युफेक्चर एसोसिएशन की ओर से इंजीनियर अमित गर्ग सम्मानित भी हो चुके हैं। अंबाला के इंडस्ट्रियल एरिया में अंबाला साइंसटिफिक इंस्ट्रूमेंट्स मैन्युफेक्चरर्स एसोसिएशन (असीमा) की ओर से आयोजित साइंस प्रदर्शनी ग्लोबल लैब एक्सपो में इस तकनीक को प्रदर्शित किया गया।
विज्ञापन

सीनियर इंजीनियर अमित गर्ग ने अमर उजाला को बताया कि ये एक वायॅरलैस बेस स्पीच रिकोगनाइजेशन सिस्टम है, जिसे किसी भी मशीन के साथ अटैच किया जा सकता है। उनके अनुसार इसके जरिए मशीन आपके बोलने से ही काम नहीं करेगी, बल्कि खुद बोलकर आपकी बात का जवाब भी देगी। उनके अनुसार कंप्यूटर सेल्फ लर्निंग तकनीक से मशीन कई कमांड को लर्न भी करेगी। ये लेकिन ये काफी एडवांस तकनीक है, जिस पर काम चल रहा है। उनके अनुसार भारतीय उद्योग जगत में ये तकनीक काफी एडवांस और सहुलियत भरी रहेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


अब लैब टेस्टिंग मशीनों में भी टच स्क्रीन
इसी प्रदर्शनी में कैमिस्टरी लैब में इस्तेमाल होने वाले कई मशीने ऐसी भी प्रदर्शित की गई, जो अब टॅच स्क्रीन से काम करेंगी। अभी तक ये मशीनें रेगुलैटरनुमा उपकरणों से काम करती थी। लेकिन अब इन मशीनों का कंट्रोलिंग सिस्टम जर्मन तकनीक से तैयार किया गया है। ये टॅच स्क्रीन पर आधारित होगा। जिसकी खास बात यह रहेगी कि यदि लैब में विभिन्न कैमिकल की टेस्टिंग इन मशीनों से की जा रही है तो उसका सारा रिकार्ड इसी मशीन में फीड करके रखा जा सकता है।
बाद में यदि किसी टेस्ट के रिजल्ट देखने हैं तो मशीन पर संबंधित कैमिकल का नाम टाइप करते ही उसके टेस्टिंग रिजल्ट चंद सैंकडों में सामने होगी। दूसरा, इससे पैन ड्राइव व लैपटॉप को भी मशीन से अटैच किया जा सकता है। इसके अलावा सिक्योरिटी सिस्टम के लिहाज से इन मशीनों में फिंगर प्रिंट सिस्टम भी अटैच किया जा सकेगा।
यानी किसी खास टेस्ट रिपोर्ट को यदि गोपनीय रखना है, तो इस फिंगर प्रिंट सिस्टम को टेस्टिंग मशीन  की टॅच स्क्रीन के साथ ही अटैच कर दिया जाएगा। जब तक उसमें फीड किए गए फिंगर प्रिंट मैच नहीं होंगे, तब तक ये टेस्टिंग मशीन वर्किंग में नहीं आएगी।

अब और आसान होगी पत्थरों की पढ़ाई
पत्थर तैरते हैं, पत्थर लचकते हैं, पत्थर अजीबोगरीब आकृति भी लेते हैं। लेकिन आखिरकार पत्थरों के भीतर क्या है? उनमें ऐसी क्या खासियत है, क्या तत्व है? उनका आंतरिक ढांचा क्या है? उनमें क्या खनिज छिपे हैं? पत्थरों से जुड़ी इस तरह की गूढ़  पढ़ाई अब छात्रों, भू वैज्ञानिक और सिविल इंजीनियरों के और आसान हो जाएगी।  क्योंकि अंबाला के उद्यमी अमित जैन ने इस पत्थरों की इस पढ़ाई को और आसान बनाते हुए पत्थरों की इतनी पतली पारदर्शी स्लाइड्स तैयार कर दी है, जो इस स्टोन स्टडी को नया आयाम देंगी।

अभी तक ये स्लाइड्स विदेशों से मंगवाई जाती थी, लेकिन अब इस स्लाइड्स को अंबाला से अमेरिका, कनाड़ा, रूस व आस्ट्रेलिया तक भेजा जाता है। एमडी अमित जैन बताते हैं कि पत्थरों को काटने के लिए डायमंड कटर तैयार करके पत्थरों की स्लाइड्स तैयार करने के लिए उसे 30 माइक्रोन तक पतला किया गया है। जबकि इसकी स्टडी के लिए स्पेशल पॉलीराइजिंग माइक्रोस्कोप भी तैयार किया गया है। उनके अनुसार ये उपकरण और स्लाइड्स इंडिया में तैयार होने से संस्थानों का खर्च आधे से भी बहुत कम हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed