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Ambala News: कहीं दाल और मसाले नहीं तो कहीं नमक हो चुका खत्म
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अंबाला छावनी के बीसी बाजार स्थित राजकीय माध्यविक विद्यालय। संवाद
- इंचार्ज बोलीं- दुकान से उधार व खुद खर्च कर चला रहीं मिड डे मील का काम
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। छावनी के स्कूलों में मिड डे मील के राशन की कमी हो गई है। किसी स्कूल में दाल, मसाले और नमक खत्म है तो कहीं गेहूं नहीं आया है। किसी स्कूल में गुड़ खत्म है। ऐसे में इंचार्ज अपनी जेब से खर्च कर सामान खरीद रहे हैं। मिड-डे मील योजना को कागजों से इतर धरातल पर सुचारू बनाने के लिए प्रशासन को फंड की निरंतरता और इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान देने की आवश्यकता है। जिला शिक्षाधिकारी सुधीर कालड़ा ने कहा कि स्कूल प्रभारियों ने मिड डे मील से जुड़ी समस्याएं बताई हैं। एक दो दिन में उनका समाधान कर देंगे।
केस 1-
बीसी बाजार स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय की इंचार्ज ने बताया कि फरवरी में दाल, चावल, गेहूं, मसाले, राजमा और चना आया था। इसके बाद स्कूल में राशन नहीं आया। दाल, तेल, नमक और मसाले खत्म हैं, इंचार्ज अपने पैसे से दाल खरीद रहे हैं। यही स्थिति राजकीय प्राथमिक पाठशाला की भी है, यहां इंचार्ज ने बताया कि 10 अप्रैल से राशन खत्म हो रहा है। वह दुकानदार से राशन उधार लेकर काम चला रहे हैं।
केस 2-
नन्हेडा स्थित नगर खेडा परिसर में चल रहे राजकीय माध्यमिक विद्यालय में छठी से आठवीं तक के 45 बच्चों के लिए मिड डे मील बनाया जा रहा है। यहां पर मिड डे मील की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। यहां पर खाना बनाने और राशन रखने के लिए रसोई नहीं है। मिड डे मील इंचार्ज राशन को स्टाफ कार्यालय के कमरे में टेबल के नीचे रखने को मजबूर हैं। उन्होंने बताया कि उनके पास रसोई नहीं है मजबूरी में वह मिड डे मील खुले में टूटे हुए सीमेंट के शेड के नीचे खाना बना रही हैं।
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केस 3-
नन्हेडा की प्राथमिक पाठशाला में इंचार्ज ने बताया कि स्कूल में राशन पड़ा है। स्कूल में 70 बच्चों का मिड डे मील बनाया जाता है। हालांकि, गुड़ नहीं है। उन्होंने बताया कि वह अपने स्तर पर ही गुड़ खरीदकर मीठे चावल और मीठा दलिया बनवा रहे हैं जिससे बच्चे मीठा दलिया और मीठे चावल खा सकें। इसके अलावा रसोई में पंखा नहीं लगा है।
केस 4
छावनी के 12 क्रास रोड स्थित बकरा मार्केट स्कूल स्थित मीड डे मील इंचार्ज ने बताया कि कुछ दिन से गेंहू और चावल खत्म थे। दोपहर को दो क्विंटल चावल चुके हैं, गेहूं भी आ जाएगी, डिमांड भेजी हुई है। उनके स्कूल में रोजाना 150 के लगभग छात्रों को मिड डे मील बनता है।
केस 5-
रगिया मंडी स्थित राजकीय वरिष्ठ विद्यालय में रसोई छोटी है और इस छोटी रसोई में बड़ी मुश्किल से राशन रखा हुआ है, इसके अलावा इस रसोई में ही लगभग 200 बच्चों के लिए मिड डे मील बनाया जाता है। इस रसोई में तीन कुक हैं जो बड़ी मुश्किल से मिड डे मील बना रही हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। छावनी के स्कूलों में मिड डे मील के राशन की कमी हो गई है। किसी स्कूल में दाल, मसाले और नमक खत्म है तो कहीं गेहूं नहीं आया है। किसी स्कूल में गुड़ खत्म है। ऐसे में इंचार्ज अपनी जेब से खर्च कर सामान खरीद रहे हैं। मिड-डे मील योजना को कागजों से इतर धरातल पर सुचारू बनाने के लिए प्रशासन को फंड की निरंतरता और इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान देने की आवश्यकता है। जिला शिक्षाधिकारी सुधीर कालड़ा ने कहा कि स्कूल प्रभारियों ने मिड डे मील से जुड़ी समस्याएं बताई हैं। एक दो दिन में उनका समाधान कर देंगे।
केस 1-
बीसी बाजार स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय की इंचार्ज ने बताया कि फरवरी में दाल, चावल, गेहूं, मसाले, राजमा और चना आया था। इसके बाद स्कूल में राशन नहीं आया। दाल, तेल, नमक और मसाले खत्म हैं, इंचार्ज अपने पैसे से दाल खरीद रहे हैं। यही स्थिति राजकीय प्राथमिक पाठशाला की भी है, यहां इंचार्ज ने बताया कि 10 अप्रैल से राशन खत्म हो रहा है। वह दुकानदार से राशन उधार लेकर काम चला रहे हैं।
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केस 2-
नन्हेडा स्थित नगर खेडा परिसर में चल रहे राजकीय माध्यमिक विद्यालय में छठी से आठवीं तक के 45 बच्चों के लिए मिड डे मील बनाया जा रहा है। यहां पर मिड डे मील की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। यहां पर खाना बनाने और राशन रखने के लिए रसोई नहीं है। मिड डे मील इंचार्ज राशन को स्टाफ कार्यालय के कमरे में टेबल के नीचे रखने को मजबूर हैं। उन्होंने बताया कि उनके पास रसोई नहीं है मजबूरी में वह मिड डे मील खुले में टूटे हुए सीमेंट के शेड के नीचे खाना बना रही हैं।
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केस 3-
नन्हेडा की प्राथमिक पाठशाला में इंचार्ज ने बताया कि स्कूल में राशन पड़ा है। स्कूल में 70 बच्चों का मिड डे मील बनाया जाता है। हालांकि, गुड़ नहीं है। उन्होंने बताया कि वह अपने स्तर पर ही गुड़ खरीदकर मीठे चावल और मीठा दलिया बनवा रहे हैं जिससे बच्चे मीठा दलिया और मीठे चावल खा सकें। इसके अलावा रसोई में पंखा नहीं लगा है।
केस 4
छावनी के 12 क्रास रोड स्थित बकरा मार्केट स्कूल स्थित मीड डे मील इंचार्ज ने बताया कि कुछ दिन से गेंहू और चावल खत्म थे। दोपहर को दो क्विंटल चावल चुके हैं, गेहूं भी आ जाएगी, डिमांड भेजी हुई है। उनके स्कूल में रोजाना 150 के लगभग छात्रों को मिड डे मील बनता है।
केस 5-
रगिया मंडी स्थित राजकीय वरिष्ठ विद्यालय में रसोई छोटी है और इस छोटी रसोई में बड़ी मुश्किल से राशन रखा हुआ है, इसके अलावा इस रसोई में ही लगभग 200 बच्चों के लिए मिड डे मील बनाया जाता है। इस रसोई में तीन कुक हैं जो बड़ी मुश्किल से मिड डे मील बना रही हैं।

अंबाला छावनी के बीसी बाजार स्थित राजकीय माध्यविक विद्यालय। संवाद

अंबाला छावनी के बीसी बाजार स्थित राजकीय माध्यविक विद्यालय। संवाद