{"_id":"61ae74e9179e1820551e2559","slug":"asha-workers-staged-a-sit-in-at-the-residence-of-the-home-minister-ambala-news-knl91933945","type":"story","status":"publish","title_hn":"आशा कार्यकर्ताओं ने गृहमंत्री के आवास पर दिया धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आशा कार्यकर्ताओं ने गृहमंत्री के आवास पर दिया धरना
विज्ञापन
अंबाला सिटी। अपनी मांगों को लेकर मुखर हुईं आशा कार्यकर्ताओं ने सोमवार को दिनभर गृह मंत्री अनिल विज के अंबाला शास्त्री नगर स्थित आवास पर धरना देकर नारेबाजी। हालांकि रात करीब आठ बजे गृहमंत्री अनिल विज से अंबाला पहुंचने पर आशा वर्कर एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंडल के साथ मुलाकात संभव हुई। विज से आश्वासन मिलने के बाद संतुष्ट आशा वर्करों ने अपना धरना समाप्त किया।
सोमवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे आशा वर्करों ने गृहमंत्री के आवास के बाहर धरना शुरू कर दिया। इस दौरान उन्होंने जमकर नारेबाजी की। आशा वर्कर एसोसिएशन गृहमंत्री विज से मुलाकात के बाद भी यहां से धरना उठाने का इरादा बनाकर आए थे। अंधेरा पसर जाने के बावजूद आशा वर्करों ने यहां से मोर्चा नहीं छोड़ा और रात को भी यहीं दरी बिछाये रखने का फैसला लिया। इधर आशा वर्कर्स यूनियन की राज्य कमेटी ने भी यह निर्णय लिया है कि रात तक वार्ता नहीं हुई तो हरियाणा की शेष तमाम आशा वर्कर भी मंगलवार सुबह से गृह मंत्री विज के अंबाला स्थित निवास स्थान पर पहुंचेंगी। मगर देर शाम को गृहमंत्री अनिल विज से मुलाकात के बाद उन्हें आश्वासन दिया गया कि जल्द अधिकारियों के साथ एक बैठक कर उनकी मांगों पर गौर किया जाएगा। विज ने प्रतिनिधि मंडल से बातचीत के दौरान यह भी आश्वासन दिया है कि अधिकारियों से बैठक के बाद आशा वर्कर एसो सिएशन के प्रतिनिधि मंडल की भी एक बैठक कराएंगे।
धरने के दौरान इन्होंने किया संबोधित
राज्यभर से पहुंचीं आशा वर्कर्स को मुख्य रूप से यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष सुरेखा, महासचिव सुनीता, सीटू प्रदेश महासचिव जय भगवान, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव सतीश सेठी ने संबोधित किया। संगठन नेताओं ने कहा की दो नवंबर को मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर के एनएचएम कर्मचारियों को सातवें पे कमीशन के लाभ देने की घोषणा की है तथा कोरोना महामारी से लड़ने में उनकी भूमिका को सराहा है, जोकि सही है। मगर, दूसरी तरफ 20 हजार आशा कार्यकर्ताओं के बारे में एक शब्द नहीं कहा। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ता हरियाणा सरकार के ऐसे व्यवहार को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं करेंगी। सरकार एक तरफ बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के नारे बुलंद करती है और देश और प्रदेश की सेवा करने वाली 20हजार बेटियों के मानदेय में कटौती करती है।
विज्ञापन
इन मांगों पर फंसा है पेंच
लगातार महंगाई बढ़ती जा रही है और आशा वर्कर के कार्य भी लगातार विभाग द्वारा बढ़ाएं जा रहे हैं। कोरोना के टीकाकरण में आशाओं को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक की ड्यूटी कर रही हैं अनेक काम कर रहे हैं। इसके लिए महीने में भारत सरकार आशा कार्यकर्ताओं को 1000 रुपये अतिरिक्त मानदेय देती थी जो अक्तूबर से बंद कर दिया गया। हरियाणा सरकार द्वारा आशा वर्कर्स को कोरोना संबंधित कार्यों का कोई मानदेय नहीं दिया है जबकि वर्ष 2013 के निर्णय के अनुसार केंद्र सरकार द्वारा जो मानदेय आशा वर्कर्स को दिया जाता है उसकी 50 प्रतिशत राशी हरियाणा सरकार द्वारा दी जाती है। उन्होंने कहा कि आशाओं को निर्धारित राशि 4 हजार रुपये मिलती है। प्रोत्साहन राशियों को मिलाकर मुश्किल से 6-7 हजार महीना वर्कर को मिलता है। इसमें गुजारा संभव नहीं है। इसलिए आशाओं को स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी घोषित किया जाए और 24 हजार रुपये न्यूनतम वेतन लागू करने की मांग की है।
इसलिए नहीं हुई थी दिनभर मुलाकात
आशा वर्कर एसोसिएशन का आरोप था कि गृहमंत्री अनिल विज से उनकी मुलाकात नहीं कराई जा रही, इसके कारण वह धरने को रात भर जारी रखेंगे और अगले रोज यानी मंगलवार को प्रदेशभर के अन्य सदस्यों को बुलाकर आंदोलन को तेज करेंगे, मगर बाद में पता चला कि विज रविवार से गुरुग्राम निजी कार्यक्रम में शिरकत करने गये थे और सोमवार देर शाम को अंबाला लौटते ही उन्होंने सबसे पहले आशा वर्कर प्रतिनिधि मंडल से मुलाकात की।
विज्ञापन
सोमवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे आशा वर्करों ने गृहमंत्री के आवास के बाहर धरना शुरू कर दिया। इस दौरान उन्होंने जमकर नारेबाजी की। आशा वर्कर एसोसिएशन गृहमंत्री विज से मुलाकात के बाद भी यहां से धरना उठाने का इरादा बनाकर आए थे। अंधेरा पसर जाने के बावजूद आशा वर्करों ने यहां से मोर्चा नहीं छोड़ा और रात को भी यहीं दरी बिछाये रखने का फैसला लिया। इधर आशा वर्कर्स यूनियन की राज्य कमेटी ने भी यह निर्णय लिया है कि रात तक वार्ता नहीं हुई तो हरियाणा की शेष तमाम आशा वर्कर भी मंगलवार सुबह से गृह मंत्री विज के अंबाला स्थित निवास स्थान पर पहुंचेंगी। मगर देर शाम को गृहमंत्री अनिल विज से मुलाकात के बाद उन्हें आश्वासन दिया गया कि जल्द अधिकारियों के साथ एक बैठक कर उनकी मांगों पर गौर किया जाएगा। विज ने प्रतिनिधि मंडल से बातचीत के दौरान यह भी आश्वासन दिया है कि अधिकारियों से बैठक के बाद आशा वर्कर एसो सिएशन के प्रतिनिधि मंडल की भी एक बैठक कराएंगे।
विज्ञापन
धरने के दौरान इन्होंने किया संबोधित
राज्यभर से पहुंचीं आशा वर्कर्स को मुख्य रूप से यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष सुरेखा, महासचिव सुनीता, सीटू प्रदेश महासचिव जय भगवान, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव सतीश सेठी ने संबोधित किया। संगठन नेताओं ने कहा की दो नवंबर को मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर के एनएचएम कर्मचारियों को सातवें पे कमीशन के लाभ देने की घोषणा की है तथा कोरोना महामारी से लड़ने में उनकी भूमिका को सराहा है, जोकि सही है। मगर, दूसरी तरफ 20 हजार आशा कार्यकर्ताओं के बारे में एक शब्द नहीं कहा। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ता हरियाणा सरकार के ऐसे व्यवहार को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं करेंगी। सरकार एक तरफ बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के नारे बुलंद करती है और देश और प्रदेश की सेवा करने वाली 20हजार बेटियों के मानदेय में कटौती करती है।
विज्ञापन
इन मांगों पर फंसा है पेंच
लगातार महंगाई बढ़ती जा रही है और आशा वर्कर के कार्य भी लगातार विभाग द्वारा बढ़ाएं जा रहे हैं। कोरोना के टीकाकरण में आशाओं को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक की ड्यूटी कर रही हैं अनेक काम कर रहे हैं। इसके लिए महीने में भारत सरकार आशा कार्यकर्ताओं को 1000 रुपये अतिरिक्त मानदेय देती थी जो अक्तूबर से बंद कर दिया गया। हरियाणा सरकार द्वारा आशा वर्कर्स को कोरोना संबंधित कार्यों का कोई मानदेय नहीं दिया है जबकि वर्ष 2013 के निर्णय के अनुसार केंद्र सरकार द्वारा जो मानदेय आशा वर्कर्स को दिया जाता है उसकी 50 प्रतिशत राशी हरियाणा सरकार द्वारा दी जाती है। उन्होंने कहा कि आशाओं को निर्धारित राशि 4 हजार रुपये मिलती है। प्रोत्साहन राशियों को मिलाकर मुश्किल से 6-7 हजार महीना वर्कर को मिलता है। इसमें गुजारा संभव नहीं है। इसलिए आशाओं को स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी घोषित किया जाए और 24 हजार रुपये न्यूनतम वेतन लागू करने की मांग की है।
इसलिए नहीं हुई थी दिनभर मुलाकात
आशा वर्कर एसोसिएशन का आरोप था कि गृहमंत्री अनिल विज से उनकी मुलाकात नहीं कराई जा रही, इसके कारण वह धरने को रात भर जारी रखेंगे और अगले रोज यानी मंगलवार को प्रदेशभर के अन्य सदस्यों को बुलाकर आंदोलन को तेज करेंगे, मगर बाद में पता चला कि विज रविवार से गुरुग्राम निजी कार्यक्रम में शिरकत करने गये थे और सोमवार देर शाम को अंबाला लौटते ही उन्होंने सबसे पहले आशा वर्कर प्रतिनिधि मंडल से मुलाकात की।