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Yamuna Nagar News: सरस्वती नदी में गंदा पानी छोड़ने से मर रहे जलीय जीव
Tue, 18 Nov 2025 03:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 18 Nov 2025 03:13 AM IST
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सरस्वती अजात आश्रम के पास गंदे पानी को दिखाते महंत व अन्य। संवाद
व्यासपुर। सरस्वती नदी में आसपास का गंदा पानी जलीय जीव जंतुओं के लिए जानलेवा और बदबू फैलने का बड़ा कारण बन रहा है। श्रद्धालुओं ने जल्द स्थायी समाधान करने की मांग रखी।
सरस्वती अजात आश्रम के महंत स्वामी कृष्णानंद सरस्वती, संदीप कुमार, गोपाल, चंद्रमोहन, अशोक कुमार का कहना है कि सरस्वती नदी में आसपास के वेस्ट पानी को छोड़ा जा रहा है। इससे पानी प्रदूषित और जहरीला हो गया। इसका असर जलीय जीवों पर देखने को मिला है। सेवक सुमन कुमार ने बताया कि आश्रम के पास बहने वाले सरस्वती नदी में पिछले दो दिनों से लगातार मरी हुई मछलियां और अन्य जलीय जीव उतरते हुए मिल रहे हैं। बड़ी संख्या में मरी मछलियां पानी की सतह पर जमा हो गई हैं। जिससे नदी के तट पर तेज बदबू फैल गई है। आश्रम परिसर और आसपास के इलाकों में दुर्गंध के कारण श्रद्धालुओं व स्थानीय लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है।
आश्रम के सेवकों का कहना है कि शौचालयों की सफाई कर टैंकरों से गंदगी सरस्वती नदी में डाल देने से व शौचालयों से निकला वेस्ट पानी नालों के माध्यम से बहकर सरस्वती नदी में पहुंच जाने से नदी के जल को इतना प्रदूषित कर दिया गया है। जिससे नदी का पानी काला पड़ गया। उसमें सड़न और झाग बनने से मछलियों मरने लगी। महंत स्वामी कृष्णानंद सरस्वती ने प्रशासन से मांग की है कि तुरंत इस मामले की जांच हो और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए। सेवादार सुमन कुमार ने कहा कि श्मशान घाट में संस्कार के बाद राख व वेस्ट को व्यासपुर व आसपास के गांवों के लोग सरस्वती नदी में डाल देते है जिससे रास्ते से निकलना मुश्किल हो गया है। जिससे पानी के बहाव में भी रुकावट पैदा हो रही हैं। आश्रम की तरफ से सभी से अपील की है कि वेस्ट व राख को यमुना व अन्य बहती नदियों में प्रवाहित किया जाना चाहिए।
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इस बारे में एसडीएम व्यासपुर जसपाल सिंह का कहना है कि अगर कहीं किसी प्रकार की कोई समस्या है तो वह मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लेकर समस्या का समाधान करेंगे। किसी को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। संवाद
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सरस्वती अजात आश्रम के महंत स्वामी कृष्णानंद सरस्वती, संदीप कुमार, गोपाल, चंद्रमोहन, अशोक कुमार का कहना है कि सरस्वती नदी में आसपास के वेस्ट पानी को छोड़ा जा रहा है। इससे पानी प्रदूषित और जहरीला हो गया। इसका असर जलीय जीवों पर देखने को मिला है। सेवक सुमन कुमार ने बताया कि आश्रम के पास बहने वाले सरस्वती नदी में पिछले दो दिनों से लगातार मरी हुई मछलियां और अन्य जलीय जीव उतरते हुए मिल रहे हैं। बड़ी संख्या में मरी मछलियां पानी की सतह पर जमा हो गई हैं। जिससे नदी के तट पर तेज बदबू फैल गई है। आश्रम परिसर और आसपास के इलाकों में दुर्गंध के कारण श्रद्धालुओं व स्थानीय लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है।
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आश्रम के सेवकों का कहना है कि शौचालयों की सफाई कर टैंकरों से गंदगी सरस्वती नदी में डाल देने से व शौचालयों से निकला वेस्ट पानी नालों के माध्यम से बहकर सरस्वती नदी में पहुंच जाने से नदी के जल को इतना प्रदूषित कर दिया गया है। जिससे नदी का पानी काला पड़ गया। उसमें सड़न और झाग बनने से मछलियों मरने लगी। महंत स्वामी कृष्णानंद सरस्वती ने प्रशासन से मांग की है कि तुरंत इस मामले की जांच हो और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए। सेवादार सुमन कुमार ने कहा कि श्मशान घाट में संस्कार के बाद राख व वेस्ट को व्यासपुर व आसपास के गांवों के लोग सरस्वती नदी में डाल देते है जिससे रास्ते से निकलना मुश्किल हो गया है। जिससे पानी के बहाव में भी रुकावट पैदा हो रही हैं। आश्रम की तरफ से सभी से अपील की है कि वेस्ट व राख को यमुना व अन्य बहती नदियों में प्रवाहित किया जाना चाहिए।
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इस बारे में एसडीएम व्यासपुर जसपाल सिंह का कहना है कि अगर कहीं किसी प्रकार की कोई समस्या है तो वह मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लेकर समस्या का समाधान करेंगे। किसी को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। संवाद