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नाबालिग से दुष्कर्म के बाद गर्भपात करने वाले आरोपी को नहीं मिली अग्रिम जमानत
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(अंबाला) नारायणगढ़। नाबालिग से दुष्कर्म और उसके बाद गर्भपात करवाने के मामले में हुसैनी गांव के नवनीत को कोर्ट से राहत नहीं मिली। सेशन कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान आरती सिंह के अदालत ने आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
बता दें कि पीड़ित की शिकायत पर 27 जून को केस दर्ज किया गया था हालांकि शिकायत 26 जून की रात को दी गई थी। सोमवार को कोर्ट में बचाव पक्ष ने आरोपी को बचाने के लिए कोर्ट के सामने कुछ तथ्य पेश किए। इसमें बचाव के लिए बचाव पक्ष की ओर से कुछ फोटो और व्हाट्सएप चैटिंग भी पेश की गई। अदालत को बताया कि लड़की समझौता करना चाहती थी लेकिन अजय वालिया ने झूठी कहानी रचकर न केवल केस को उलझाया बल्कि थाने में कई कर्मचारियों को निलंबित भी करवा दिया। उधर दूसरी ओर बचाव पक्ष की इन दलीलों से पीड़ित पक्ष को मजबूती मिल गई। पीड़ित के वकील ने कोर्ट से कहा कि हमें पहले ही शक था कि आरोपी के पास लड़की की कुछ तस्वीरें हैं जिससे वह उसे ब्लैकमेल कर सकता है जोकि इनसे साबित हो रहा है। इन सभी तथ्य को देखते हुए कोर्ट ने आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
यह था मामला
बता दें कि नवनीत ने 10वीं कक्षा की छात्र से दोस्ती कर उसे झांसे में लिया और लगातार उससे दो साल तक दुष्कर्म करता रहा। आरोप हैं कि अब नाबालिग गर्भवती हो गई और उसका गर्भपात करवा दिया। आरोपी को बचाने के लिए महिला थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सतविंद्र कौर और सब इंस्पेक्टर रजविंद्र कौर पर विभागीय गाज भी गिर चुकी है। साक्ष्य को खुर्द-बुर्द करने आरोपी को बचाने और शिकायत बदलने के मामले में दोनों पर केस भी दर्ज हो चुका है और इस मामले की जांच एसपी कुरुक्षेत्र को ट्रांसफर की गई है।
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बता दें कि पीड़ित की शिकायत पर 27 जून को केस दर्ज किया गया था हालांकि शिकायत 26 जून की रात को दी गई थी। सोमवार को कोर्ट में बचाव पक्ष ने आरोपी को बचाने के लिए कोर्ट के सामने कुछ तथ्य पेश किए। इसमें बचाव के लिए बचाव पक्ष की ओर से कुछ फोटो और व्हाट्सएप चैटिंग भी पेश की गई। अदालत को बताया कि लड़की समझौता करना चाहती थी लेकिन अजय वालिया ने झूठी कहानी रचकर न केवल केस को उलझाया बल्कि थाने में कई कर्मचारियों को निलंबित भी करवा दिया। उधर दूसरी ओर बचाव पक्ष की इन दलीलों से पीड़ित पक्ष को मजबूती मिल गई। पीड़ित के वकील ने कोर्ट से कहा कि हमें पहले ही शक था कि आरोपी के पास लड़की की कुछ तस्वीरें हैं जिससे वह उसे ब्लैकमेल कर सकता है जोकि इनसे साबित हो रहा है। इन सभी तथ्य को देखते हुए कोर्ट ने आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
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यह था मामला
बता दें कि नवनीत ने 10वीं कक्षा की छात्र से दोस्ती कर उसे झांसे में लिया और लगातार उससे दो साल तक दुष्कर्म करता रहा। आरोप हैं कि अब नाबालिग गर्भवती हो गई और उसका गर्भपात करवा दिया। आरोपी को बचाने के लिए महिला थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सतविंद्र कौर और सब इंस्पेक्टर रजविंद्र कौर पर विभागीय गाज भी गिर चुकी है। साक्ष्य को खुर्द-बुर्द करने आरोपी को बचाने और शिकायत बदलने के मामले में दोनों पर केस भी दर्ज हो चुका है और इस मामले की जांच एसपी कुरुक्षेत्र को ट्रांसफर की गई है।
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