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दो साल में नहीं बन पाया पशु बाड़ा, निगम के ईओ और सीएसई तलब

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 24 Aug 2021 01:41 AM IST
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Animal enclosure could not be built in two years, corporation's EO and CSE summoned
अंबाला सिटी। शहर में बेसहारा पशुओं की समस्या संबंधी याचिका पर सुनवाई करते हुए स्थायी लोक अदालत ने सख्ती दिखाई है। अदालत ने इस संदर्भ में नगर निगम की ओर से बरती जा रही लापरवाही और समाधान संबंधी योजना में देरी को लेकर हैरानी और असंतोष जाहिर किया है। जिसके चलते अगली पेशी पर नगर निगम के अधिशासी अधिकारी (ईओ) और मुख्य सफाई निरीक्षक (चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर) को अदालत में पेश होने का आदेश दिया है। याचिका पर अगली सुनवाई 3 सितंबर को होगी।
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शहर में बेसहारा पशुओं की समस्या बहुत गंभीर है। इसी समस्या को लेकर अधिवक्ता रोहित जैन ने बतौर याची स्थायी लोक अदालत में नगर निगम के खिलाफ याचिका दायर की हुई है। सोमवार को इस मामले में सुनवाई करते हुए स्थायी लोक अदालत के चेयरमैन एसएल शर्मा ने कहा कि दो साल में पशु बाड़ा बनाना तो दूर की बात निगम अभी तक जगह का चयन भी नहीं पाया है। नगर निगम की ओर से पेश हुए अधिवक्ता ने अदालत के समक्ष जवाब प्रस्तुत किया था। मगर वकील के जवाब से असंतुष्ट चेयरमैन ने अगली पेशी में निगम की पशु बाड़ा बनाने संबंधी योजना की स्टेटस रिपोर्ट के साथ ईओ और चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर (सीएसई) को पेश होने के आदेश दिए हैं।
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उधर, याची रोहित जैन ने सुनवाई के दौरान अदालत के चेयरमैन को बताया कि उन्होंने 20 अगस्त 2018 को बेसहारा गोवंश को न पकड़ने के लिए नगर निगम के खिलाफ कोर्ट में याचिका डाली थी। इस बीच हुई कई सुनवाई में अधिकारी पेश हुए और जल्द समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। मगर आज तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। जबकि नगर निगम अधिनियम के साथ साथ-साथ हरियाणा गोवंश संरक्षण एवं संवर्धन अधिनियम के अनुसार भी गोवंश की व्यवस्था करने का काम नगर निगम का है। इसको लेकर अदालत ने 15 नवंबर 2019 को भी पशु बाड़ा बनाने को लेकर क्या तैयारी की गई हैं, इस संदर्भ में निगम को रिपोर्ट पेश करने को कहा गया था। लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी नगर निगम की ओर से पशु बाड़ा बनाना तो दूर की बात है, जगह की तलाश तक नहीं हो पाई। जिस कारण बेसहारा गोवंश सड़कों पर घूम रहे हैं और हादसों का सबब बन रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि नगर निगम एक साथ तो इतने पशुओं की व्यवस्था नहीं कर सकता, लेकिन जब तक व्यवस्था हो, तब तक सभी गोवंश के गले में रेडियम टेप लगाई जाए, जिससे रात के समय सड़कों पर घूम रहे इन पशुओं से होने वाले हादसों में कमी आ सके।

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इस तरह चली अदालत में कार्रवाई
चेयरमैन निगम अधिवक्ता से - आप अपने काम से मुख मोड़ रहे हैं, दो साल में अभी तक पशु बाड़ा के लिए जगह तक नहीं ढूंढी गई है। बहुत ढीला काम चल रहा है।
वकील: जगह की तलाश को लेकर डीसी व अन्य अधिकारियों को पत्र लिखा गया है, एक सप्ताह में रिपोर्ट पेश कर देंगे।
चेयरमैन: अंबाला में कितने पशु हैं।
वकील: पशु एवं डेयरी विभाग के रिपोर्ट के अनुसार 600 गोवंश हैं।
चेयरमैन : अब और क्या किया जा रहा है।
वकील: पहले भी टेंडर जारी करते हुए पशु पकड़ने का काम किया गया था। संबंधित टेंडर की समयावधि खत्म हो गई है, दोबारा टेंडर लगाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। जल्द ही उसे पूरा कर दिया जाएगा।
चेयरमैन: कब तक ढूंढ लेंगे जमीन।
वकील: इसको लेकर मुख्य सफाई निरीक्षक से बात की जाएगी।
चेयरमैन : तीन सितंबर को अगली सुनवाई होगी, इसमें जगह की तलाश की रिपोर्ट के साथ नगर निगम के ईओ और सीएसआई को भी पेश होना है।
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