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दो साल बाद बीडी फ्लोर मिल के गेट से हटा सरकारी कब्जा
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अंबाला। छावनी की बीडी फ्लोर मिल से आखिरकार दो साल बाद सरकारी कब्जा हट गया। मंगलवार को कोर्ट के अधिकारियों की मौजूदगी में वीडियोग्राफी के बीच सील लगे ताले को तोड़कर कब्जा छुड़वाया। इस दौरान दूसरे पक्ष से एडवोकेट रोहित जैन व अन्य मौजूद रहे।
बता दें कि जुलाई 2020 को प्रशासनिक अधिकारियों ने पुलिस की मौजूदगी में मिल में रहने वाले लोगों को बाहर निकालकर कब्जा लिया था। हालांकि इस संबंध में पहले नोटिस दिए गए थे। प्रशासन का दावा था कि करीब साढ़े छह एकड़ ओल्ड ग्रांट की जमीन दी गई थी। इस जमीन का उपयोग बदल गया था। कब्जे के बाद जमीन के हिस्सेदारों ने वकील की मदद से खाली पड़ी जगह पर बदहाली व सामान चोरी होने की बात कोर्ट में कही थी। कोर्ट की तरफ से टीम नियुक्त की गई थी और मौके का मुआयना करने पर हालात बद से बदतर मिले थे। इसको ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने अब हिस्सेदारों के हक में सुनवाई करते हुए जिला प्रशासन को कब्जा छुड़वाने के निर्देश दिए। बता दें कि करीब तेरह लोगों के हिस्से में यह जमीन है, लेकिन कुछ ने अलग-अलग लोगों को पावर आफ अटार्नी दी हुई है।
प्लॉट काटकर बेचने पर डीसी ने दिए थे लोगों को नोटिस
जुलाई 2020 को मिल में प्लॉट काटकर बेचने, कमर्शियल जमीन का प्रयोग करने की बात कही गई। डीसी ने सभी लोगों को नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा था। उनकी ओर से असंतुष्ट होने पर कब्जा लेने का आदेश जारी किया गया था। आदेशों में पांच दिन का समय दिया गया था, लेकिन आनन-फानन में उसी दिन कब्जा ले लिया गया था। लोगों के साथ-साथ उनके सामान को भी बाहर निकाल दिया था। 23 अक्टूबर 2020 को बीडी फ्लोरी मिल के अंदर बने मकानों में चोरी की सूचना पर एसडीएम ने नगर परिषद के अधिकारियों को भेजकर ताला खुलवाया। अधिकारियों ने यहां चोरी न होने की बात कही थी।
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बता दें कि जुलाई 2020 को प्रशासनिक अधिकारियों ने पुलिस की मौजूदगी में मिल में रहने वाले लोगों को बाहर निकालकर कब्जा लिया था। हालांकि इस संबंध में पहले नोटिस दिए गए थे। प्रशासन का दावा था कि करीब साढ़े छह एकड़ ओल्ड ग्रांट की जमीन दी गई थी। इस जमीन का उपयोग बदल गया था। कब्जे के बाद जमीन के हिस्सेदारों ने वकील की मदद से खाली पड़ी जगह पर बदहाली व सामान चोरी होने की बात कोर्ट में कही थी। कोर्ट की तरफ से टीम नियुक्त की गई थी और मौके का मुआयना करने पर हालात बद से बदतर मिले थे। इसको ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने अब हिस्सेदारों के हक में सुनवाई करते हुए जिला प्रशासन को कब्जा छुड़वाने के निर्देश दिए। बता दें कि करीब तेरह लोगों के हिस्से में यह जमीन है, लेकिन कुछ ने अलग-अलग लोगों को पावर आफ अटार्नी दी हुई है।
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प्लॉट काटकर बेचने पर डीसी ने दिए थे लोगों को नोटिस
जुलाई 2020 को मिल में प्लॉट काटकर बेचने, कमर्शियल जमीन का प्रयोग करने की बात कही गई। डीसी ने सभी लोगों को नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा था। उनकी ओर से असंतुष्ट होने पर कब्जा लेने का आदेश जारी किया गया था। आदेशों में पांच दिन का समय दिया गया था, लेकिन आनन-फानन में उसी दिन कब्जा ले लिया गया था। लोगों के साथ-साथ उनके सामान को भी बाहर निकाल दिया था। 23 अक्टूबर 2020 को बीडी फ्लोरी मिल के अंदर बने मकानों में चोरी की सूचना पर एसडीएम ने नगर परिषद के अधिकारियों को भेजकर ताला खुलवाया। अधिकारियों ने यहां चोरी न होने की बात कही थी।
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