फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   After 2 years, passengers will get food, sheet, pillow and blanket in the train

2 साल बाद यात्रियों को ट्रेन में मिलेगा खाना, चादर, तकिया और कंबल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 22 Nov 2021 12:48 AM IST
विज्ञापन
After 2 years, passengers will get food, sheet, pillow and blanket in the train
लगभग 2 साल बाद यात्रियों को ट्रेनों में तैयार गर्म खाना व ठंड से बचने के लिए चादर, कंबल और तकिये की सुविधा मिलने वाली है। रेलवे बोर्ड से निर्देश मिलते ही आईआरसीटीसी और संबंधित जोन ने तैयारियां आरंभ कर दी हैं। अगले कुछ दिनों में यात्रियों को उक्त दोनों सुविधाएं मिलने लगेंगी। ठंड के मौसम में लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रा करने वाले लोगों की परेशानी को देखते हुए रेलवे ने यह फैसला लिया है।
विज्ञापन

रेलवे बोर्ड लिखित आदेशों के तहत ट्रेन में भोजन तैयार कर यात्रियों को परोसना और सफर के दौरान कंबल आदि देना शामिल है। खाने को लेकर आईआरसीटीसी को तुरंत प्रभाव से कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसमें यह भी जानकारी दी गई है कि अगर टेंडर करने की जरूरत है या फिर पुरानी पार्टी से ही कार्रवाई की जानी है तो जल्द ही प्रक्रिया बनाकर यात्रियों को सुविधाएं प्रदान करें। वहीं संबंधित विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि कोविड नियमों के तहत चादर, कंबल व तकिया पूरी तरह से साफ-सुथरा होना चाहिए। इसके लिए विशेष टीम की भी तैनाती के निर्देश दिए गए हैं, जोकि उक्त सुविधाओं की समय-समय पर जांच भी करेगी।
विज्ञापन

रेलवे बोर्ड के आदेशों पर आईआरसीटीसी ने आगामी प्रक्रिया पर तुरंत प्रभाव से कार्य कर दिया है। वहीं उत्तर रेलवे के मुख्यालय बड़ोदा हाउस नई दिल्ली की तरफ से भी 17 नवंबर को पत्र जारी किया गया है। जिसमें दिल्ली मंडल सहित फिरोजपुर, लखनऊ, मुरादाबाद व अंबाला मंडल को निर्देश दिए गए हैं कि उक्त सुविधा को लेकर इसकी योजना तैयार करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

मार्च 2020 में सुविधा हुई थी बंद
कोरोना काल यानी मार्च 2020 में यात्रियों की सुरक्षा व स्वास्थ्य को देखते हुए रेलवे ने ट्रेनों में तैयार किए जाने वाले खाने और बैडिंग पर रोक लगा दी थी। वहीं संक्रमण को रोकने के लिए ट्रेन के एसी कोच से पर्दे भी हटा दिए थे। कोविड संक्रमण में राहत मिलने के बाद जुलाई 2020 में यात्रियों को खुद ही अपना खाने-पीने का सामान साथ लेकर चलने के निर्देश दिए। फिर अक्तूबर में ट्रेन में यात्रियों की परेशानी को देखते हुए पैक्ड फूड की सुविधा शुरू की थी।
नियमित नंबर से ट्रेन संचालन की प्रक्रिया आरंभ
रेलवे बोर्ड ने 12 नवंबर की शाम को आदेश जारी किए थे। जिसमें रेलवे ने स्पेशल ट्रेनों के नंबर से जीरो हटाकर इसके स्थान पर नियमित पुराना नंबर 1 लगाने का फैसला किया था। कुछ ट्रेनों में यह प्रक्रिया आरंभ हो गई है। रेलवे ने जिन ट्रेनों में बदलाव की घोषणा की है, उसमें अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन से निकलने वाली 136 ट्रेनें शामिल हैं।
ठंड के मौसम में यात्री कर रहे शिकायत
जानकारी के अनुसार ट्रेन में सफर करने वाले यात्री लगातार शिकायत करते हुए रेलवे से आग्रह कर रहे हैं कि उन्हें ट्रेन में ही तैयार खाना व बैडिंग की सुविधा दी जाए, क्योंकि ठंड के मौसम में पैक्ड फूड ठंडा होता है। वहीं सफर के दौरान चादर, कंबल व तकिया लेकर साथ चलना काफी मुश्किल है। अब कोरोना संक्रमण काबू में है, इसलिए यह सुविधाएं शुरू की जाएं।
स्पेशल ट्रेनों को नियमित ट्रेनों के तहत संचालित करने के आदेश रेलवे बोर्ड की तरफ से जारी किए गए हैं। अब ट्रेनों में बैडिंग को लेकर भी संबंधित विभाग ने प्रक्रिया आरंभ कर दी है। इस संबंध में संबंधित पांचों मंडलों को लिखित पत्र भेजा गया है, ताकि समय अनुसार व्यवस्थाएं बनाई जा सके।

दीपक कुमार, प्रवक्ता, उत्तर रेलवे।
रेलवे बोर्ड की तरफ से पत्र मिला है। जिसमें ट्रेन में ही तैयार खाने को परोसने के निर्देश दिए गए हैं। इस पर कार्रवाई आरंभ हो गई है। बेस किचन सहित ट्रेनों में चलने वाली पैंट्रीकार को लेकर जानकारी मांगी गई है। जल्द ही आगामी कार्रवाई को पूरा कर रेलवे को जानकारी दे दी जाएगी।
एके झा, सह प्रबंधक, आईआरसीटीसी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed