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Ambala News: मॉडल संस्कृति स्कूलों में दाखिले एक से
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अंबाला सिटी। जिले के राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक और राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालयों में एक अप्रैल से दाखिला प्रक्रिया शुरू होगी। इसके लिए शिक्षा निदेशालय ने शेड्युल जारी कर दिया है।
यहां शिक्षा विभाग ने स्कूलों को एसएमसी के तहत नियमानुसार दोहरी पारी में संचालित करने को लेकर निर्देश् दिए हैं, वहीं, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी निर्देशों का विरोध कर रहा है। इसके लिए संघ जिला स्तर पर जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी और राज्य स्तर पर निदेशक के नाम ज्ञापन भी सौंपेगा।
एक सेक्शन में होंगे 30 बच्चे
राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में प्रत्येक विद्यालय में उपलब्ध कमरों और अन्य ढांचागत सुविधाओं के मध्य नजर एसएमसी की बैठक में निर्णय लेकर कक्षा पहली, छठी, नौवीं और बारहवीं में अंग्रेजी माध्यम सेक्शन अनुभाग में ही नए दाखिले किए जाएंगे। अन्य कक्षाओं में दाखिले केवल सीटें रिक्त होने की अवस्था में ही किए जाएंगे।
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कक्षा 11वीं में दाखिले के संदर्भ में विद्यालय में पहले से पढ़ रहे विद्यार्थियों को प्राथमिकता दी जानी है। वहीं यदि एसएमसी विद्यालय को दोहरी पारी में संचालित करने का निर्णय करती है तो ऐसे में उन्हें अतिरिक्त सेक्शन बनाने की अनुमति होगी। जिसमें कक्षा पहली से पांचवीं तक 30, छठी से आठवीं तक 35, नौंवी से बारहवीं तक 40 विद्यार्थी प्रति सेक्शन में होंगे।
इसी तरह राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय में पहली कक्षा में प्रत्येक सेक्शन में अधिकतम छात्र संख्या 30 है और केवल अंग्रेजी माध्यम में पढ़ने के इच्छुक विद्यार्थियों को ही इस कक्षा में दाखिला मिलेगा। गत वर्ष की भांति इन विद्यालयों में कक्षा पहली से हिंदी माध्यम का सेक्शन नहीं होगा। सीटों की संख्या एसएमसी द्वारा विद्यालय में उपलब्ध ढांचागत सुविधाओं के मध्य नजर निर्धारित की जाएगी और ड्रा के लिए उपलब्ध करवाई जाएगी।
ऐसे चलेगी दाखिला प्रक्रिया
एक अप्रैल से दाखिला प्रक्रिया आरंभ होगी। 20 अप्रैल तक स्कूल में आवेदन जमा होंगे। 22 अप्रैल को ड्रा निकाले जाएंगे और 26 अप्रैल को प्रतीक्षा सूची का दाखिला होगा। सीट खाली रहने की अवस्था में दाखिला का दूसरा दौर 27 अप्रैल से आरंभ किया जाएगा।
डीईईओ व निदेशक को सौंपेंगे ज्ञापन : राज्य महासचिव
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के राज्य महासचिव राजेश शर्मा ने बताया कि किसी भी मॉडल संस्कृति विद्यालय की किसी भी कक्षा में 30 से अधिक विद्यार्थी दाखिल नहीं किए जा सकते, यदि उससे अधिक विद्यार्थी आते है तो या तो उन्हें किसी अन्य विद्यालय में जाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा या फिर यदि उसी विद्यालय में दाखिल किए जाएं तो उसके लिए एक अन्य सेक्शन बनाकर एसएमसी की सहमति से दोहरी पारी में स्कूल लगाया जाना है जोकि अनुचित और किसी भी प्रकार से तर्क संगत नहीं है। विद्यालयों में कक्षा 1 से 5 तक दाखिला फीस व मासिक शुल्क भी विद्यार्थियों से लिया जाना है जोकि आरटीई के तहत मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा का सीधे तौर पर उल्लंघन है। उन्होंने बताया कि पहली, छठी व नौवीं कक्षा में उपरोक्त स्कूलों में केवल अंग्रेजी माध्यम के बच्चे ही दाखिल करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं जोकि नई शिक्षा नीति के बिल्कुल विपरीत है।
कई विद्यालय नहीं है मॉडल संस्कृति : छाबड़ा
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के पूर्व प्रधान अमित छाबड़ा ने बताया कि राजकीय मॉडल संस्कृति विद्यालयों के पास बहुत सारे ऐसे प्राथमिक विद्यालय है जोकि मॉडल संस्कृति नहीं है वहां से जो बच्चा पांचवीं पास करके जाएगा, उनका दाखिला लेने में अत्यधिक समस्या आएगी, क्योंकि वह केवल हिंदी माध्यम विद्यालय में ही दाखिला लेना चाहेगा। इससे छात्र संख्या काफी कम होगी।
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यहां शिक्षा विभाग ने स्कूलों को एसएमसी के तहत नियमानुसार दोहरी पारी में संचालित करने को लेकर निर्देश् दिए हैं, वहीं, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी निर्देशों का विरोध कर रहा है। इसके लिए संघ जिला स्तर पर जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी और राज्य स्तर पर निदेशक के नाम ज्ञापन भी सौंपेगा।
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एक सेक्शन में होंगे 30 बच्चे
राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में प्रत्येक विद्यालय में उपलब्ध कमरों और अन्य ढांचागत सुविधाओं के मध्य नजर एसएमसी की बैठक में निर्णय लेकर कक्षा पहली, छठी, नौवीं और बारहवीं में अंग्रेजी माध्यम सेक्शन अनुभाग में ही नए दाखिले किए जाएंगे। अन्य कक्षाओं में दाखिले केवल सीटें रिक्त होने की अवस्था में ही किए जाएंगे।
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कक्षा 11वीं में दाखिले के संदर्भ में विद्यालय में पहले से पढ़ रहे विद्यार्थियों को प्राथमिकता दी जानी है। वहीं यदि एसएमसी विद्यालय को दोहरी पारी में संचालित करने का निर्णय करती है तो ऐसे में उन्हें अतिरिक्त सेक्शन बनाने की अनुमति होगी। जिसमें कक्षा पहली से पांचवीं तक 30, छठी से आठवीं तक 35, नौंवी से बारहवीं तक 40 विद्यार्थी प्रति सेक्शन में होंगे।
इसी तरह राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय में पहली कक्षा में प्रत्येक सेक्शन में अधिकतम छात्र संख्या 30 है और केवल अंग्रेजी माध्यम में पढ़ने के इच्छुक विद्यार्थियों को ही इस कक्षा में दाखिला मिलेगा। गत वर्ष की भांति इन विद्यालयों में कक्षा पहली से हिंदी माध्यम का सेक्शन नहीं होगा। सीटों की संख्या एसएमसी द्वारा विद्यालय में उपलब्ध ढांचागत सुविधाओं के मध्य नजर निर्धारित की जाएगी और ड्रा के लिए उपलब्ध करवाई जाएगी।
ऐसे चलेगी दाखिला प्रक्रिया
एक अप्रैल से दाखिला प्रक्रिया आरंभ होगी। 20 अप्रैल तक स्कूल में आवेदन जमा होंगे। 22 अप्रैल को ड्रा निकाले जाएंगे और 26 अप्रैल को प्रतीक्षा सूची का दाखिला होगा। सीट खाली रहने की अवस्था में दाखिला का दूसरा दौर 27 अप्रैल से आरंभ किया जाएगा।
डीईईओ व निदेशक को सौंपेंगे ज्ञापन : राज्य महासचिव
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के राज्य महासचिव राजेश शर्मा ने बताया कि किसी भी मॉडल संस्कृति विद्यालय की किसी भी कक्षा में 30 से अधिक विद्यार्थी दाखिल नहीं किए जा सकते, यदि उससे अधिक विद्यार्थी आते है तो या तो उन्हें किसी अन्य विद्यालय में जाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा या फिर यदि उसी विद्यालय में दाखिल किए जाएं तो उसके लिए एक अन्य सेक्शन बनाकर एसएमसी की सहमति से दोहरी पारी में स्कूल लगाया जाना है जोकि अनुचित और किसी भी प्रकार से तर्क संगत नहीं है। विद्यालयों में कक्षा 1 से 5 तक दाखिला फीस व मासिक शुल्क भी विद्यार्थियों से लिया जाना है जोकि आरटीई के तहत मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा का सीधे तौर पर उल्लंघन है। उन्होंने बताया कि पहली, छठी व नौवीं कक्षा में उपरोक्त स्कूलों में केवल अंग्रेजी माध्यम के बच्चे ही दाखिल करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं जोकि नई शिक्षा नीति के बिल्कुल विपरीत है।
कई विद्यालय नहीं है मॉडल संस्कृति : छाबड़ा
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के पूर्व प्रधान अमित छाबड़ा ने बताया कि राजकीय मॉडल संस्कृति विद्यालयों के पास बहुत सारे ऐसे प्राथमिक विद्यालय है जोकि मॉडल संस्कृति नहीं है वहां से जो बच्चा पांचवीं पास करके जाएगा, उनका दाखिला लेने में अत्यधिक समस्या आएगी, क्योंकि वह केवल हिंदी माध्यम विद्यालय में ही दाखिला लेना चाहेगा। इससे छात्र संख्या काफी कम होगी।