{"_id":"53-56116","slug":"Ambala-56116-53","type":"story","status":"publish","title_hn":"20 हजार में बाप ने बेची थी बेटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
20 हजार में बाप ने बेची थी बेटी
Ambala
Updated Mon, 27 May 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबाला। छावनी के टांगरी नदी के पास मतिदास नगर में एक बच्ची बीते सात साल से एक घर में बंधक थी। खरीदार बच्ची को मानसिक और शारीरिक यातनाएं देता था। इसके अलावा उससे शराब भी बिकवाई जाती थी। इस बच्ची को उसका पिता यहां एक औरत के पास 20 हजार रुपये में बेच गया था। काम में कोताही होने पर उसे कोठे पर बेचने की धमकी भी दी जाती थी।
बीते दिनों बच्ची एक महिला के जरिये अंबाला चाइल्ड लाइन तक पहुंची। टीम ने इसकी सूचना डीसी अंबाला को दी। डीसी ने इस मामले में अब लेबर इंस्पेक्टर की शिकायत पर इस बच्ची को प्रताड़ित करने वाली महिला अमर कौर ऊर्फ अमरो, उसके पति भजन सिंह और बेटी सिम्मी के खिलाफ स्थानीय थाने में केस दर्ज करवा दिया है। तीनों अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
बंद कमरे में डंडों से पीटा जाता था
बच्ची ने डीसी, सिटी मजिस्ट्रेट और पुलिस को दिए बयानों में कहा कि उसका पिता उसे यहां 20 हजार रुपये में बेच गया था। अमरो इस बात की धमकी उसे कई बार देती थी। वह बच्ची को कहती थी कि तेरे पिता को 20 हजार रुपये देकर तुझे खरीदा है, इसलिए उसे अब यही रहना है। बच्ची के अनुसार वह घर का सारा काम करती थी और जब वह आराम करना चाहती थी, तो उसकी पिटाई कर दी जाती थी। उसे शराब भी बेचनी पड़ती थी, क्योंकि महिला, उसका पति और बेटी तीनों अवैध शराब का कारोबार करते हैं। इसलिए उसे भी ग्राहकों शराब सप्लाई करनी पड़ती थी। बच्ची के अनुसार आंटी की बेटी सिम्मी उसे सबसे ज्यादा मारती थी और कहती थी कि यदि काम ठीक से नहीं किया तो तुझे कोठे पर पहुंचा दूंगी। बच्ची के अनुसार वह जमीन पर ही सोती थी और उसे कई बार कमरा बंद करके डंडों से कई बार पीटा जाता था। लेकिन अब कुछ दिन पहले वह भाग गई और एक आंटी ने उसकी मदद की।
विज्ञापन
प्रोग्राम अफसर पर गिरी गाज, डीसी ने दिया नोटिस
डीसी अंबाला को शिकायत मिली कि बच्ची 15 मई को अंबाला चाइल्डलाइन टीम को मिली और टीम ने इस के बारे में महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रोग्राम अफसर राजबाला कटारिया को इसकी सूचना दी। इसके बावजूद डीसी को इस बारे में औपचारिक रूप में कुछ भी स्पष्ट नहीं बताया गया। इतना ही नहीं सूत्रों के अनुसार इस पूरे मामले को एक प्रभावशाली नेता के प्रभाव की वजह से रफा-दफा करने की भी कोशिश की गई। लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसी अंबाला ने इसमें पूरी तरह सख्ती बरती और डीसी ने सिटी मजिस्ट्रेट को बच्ची के बयान लेने को कहा। बच्ची ने सारी घटना खुलकर सिटी मजिस्ट्रेट को बता दी। इसी बात से खफा डीसी अंबाला शेखर विद्यार्थी ने प्रोग्राम अफसर राजबाला कटारिया को नोटिस जारी कर उनसे इस मामले में कार्रवाई करने में देरी बरतने में स्पष्टीकरण मांगा है।
कोट
प्रोग्राम अफसर राजबाला कटारिया को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। मामला गंभीर था और बच्ची से जुड़ा है। उसके बावजूद कार्रवाई में इतने दिन लग गए। उन्हे 24 मई को इसके बारे में बताया गया। स्पष्टीकरण आने के बाद जिम्मेदार अफसर पर कार्रवाई जरूर होगी।
-शेखर विद्यार्थी, डीसी अंबाला-
विज्ञापन
बीते दिनों बच्ची एक महिला के जरिये अंबाला चाइल्ड लाइन तक पहुंची। टीम ने इसकी सूचना डीसी अंबाला को दी। डीसी ने इस मामले में अब लेबर इंस्पेक्टर की शिकायत पर इस बच्ची को प्रताड़ित करने वाली महिला अमर कौर ऊर्फ अमरो, उसके पति भजन सिंह और बेटी सिम्मी के खिलाफ स्थानीय थाने में केस दर्ज करवा दिया है। तीनों अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
विज्ञापन
बंद कमरे में डंडों से पीटा जाता था
बच्ची ने डीसी, सिटी मजिस्ट्रेट और पुलिस को दिए बयानों में कहा कि उसका पिता उसे यहां 20 हजार रुपये में बेच गया था। अमरो इस बात की धमकी उसे कई बार देती थी। वह बच्ची को कहती थी कि तेरे पिता को 20 हजार रुपये देकर तुझे खरीदा है, इसलिए उसे अब यही रहना है। बच्ची के अनुसार वह घर का सारा काम करती थी और जब वह आराम करना चाहती थी, तो उसकी पिटाई कर दी जाती थी। उसे शराब भी बेचनी पड़ती थी, क्योंकि महिला, उसका पति और बेटी तीनों अवैध शराब का कारोबार करते हैं। इसलिए उसे भी ग्राहकों शराब सप्लाई करनी पड़ती थी। बच्ची के अनुसार आंटी की बेटी सिम्मी उसे सबसे ज्यादा मारती थी और कहती थी कि यदि काम ठीक से नहीं किया तो तुझे कोठे पर पहुंचा दूंगी। बच्ची के अनुसार वह जमीन पर ही सोती थी और उसे कई बार कमरा बंद करके डंडों से कई बार पीटा जाता था। लेकिन अब कुछ दिन पहले वह भाग गई और एक आंटी ने उसकी मदद की।
विज्ञापन
प्रोग्राम अफसर पर गिरी गाज, डीसी ने दिया नोटिस
डीसी अंबाला को शिकायत मिली कि बच्ची 15 मई को अंबाला चाइल्डलाइन टीम को मिली और टीम ने इस के बारे में महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रोग्राम अफसर राजबाला कटारिया को इसकी सूचना दी। इसके बावजूद डीसी को इस बारे में औपचारिक रूप में कुछ भी स्पष्ट नहीं बताया गया। इतना ही नहीं सूत्रों के अनुसार इस पूरे मामले को एक प्रभावशाली नेता के प्रभाव की वजह से रफा-दफा करने की भी कोशिश की गई। लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसी अंबाला ने इसमें पूरी तरह सख्ती बरती और डीसी ने सिटी मजिस्ट्रेट को बच्ची के बयान लेने को कहा। बच्ची ने सारी घटना खुलकर सिटी मजिस्ट्रेट को बता दी। इसी बात से खफा डीसी अंबाला शेखर विद्यार्थी ने प्रोग्राम अफसर राजबाला कटारिया को नोटिस जारी कर उनसे इस मामले में कार्रवाई करने में देरी बरतने में स्पष्टीकरण मांगा है।
कोट
प्रोग्राम अफसर राजबाला कटारिया को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। मामला गंभीर था और बच्ची से जुड़ा है। उसके बावजूद कार्रवाई में इतने दिन लग गए। उन्हे 24 मई को इसके बारे में बताया गया। स्पष्टीकरण आने के बाद जिम्मेदार अफसर पर कार्रवाई जरूर होगी।
-शेखर विद्यार्थी, डीसी अंबाला-