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डीएवी कॉलेज लाहौर में 10 संकायों में 990 सीटें, जानकारी के लिए कॉलेज में पहुंचने लगे विद्यार्थी
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अंबाला सिटी। स्कूल छोड़कर अब कॉलेज जाने की होड़ के चलते 12वीं पास विद्यार्थियों की बेचैनी दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। बेशक अभी उच्चत्तर शिक्षा निदेशालय ने दाखिले का कोई आधिकारिक शेड्यूल जारी नहीं किया फिर भी विद्यार्थी कॉलेजों में जानकारी जुटाने पहुंचने लगे हैं।
अंबाला शहर डीएवी कॉलेज लाहौर में भी इन दिनों ऐसी ही स्थिति है। शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम रहने के कारण सीबीएसई और हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से इस बार करीब 9 हजार विद्यार्थियों ने 12वीं पास की है जबकि सीटें सभी कॉलेजों में मिलाकर करीब 6 हजार हैं। ऐसे में हर कोई समय रहते सीट पक्की करने के लिए लालायित है। डीएवी कॉलेज की बात करें तो यहां कुल 10 संकायों 990 सीटों पर दाखिला होना है। बता दें कि उच्चत्तर शिक्षा निदेशालय ने 12 से 20 अगस्त तक ऑनलाइन दाखिले का संभावित शेड्यूल जारी किया है।
सबसे पुराने कॉलेजों में शामिल है डीएवी कॉलेज लाहौर
बता दें कि शहर के सबसे पुराने कॉलेजों में शुमार डीएवी कॉलेज लाहौर अपने आप में एक अलग ही पहचान रखता है। आजादी से पहले यह कॉलेज पाकिस्तान के लाहौर में चल रहा था, उस समय इसी कॉलेज में शहीद भगत सिंह ने पढ़ाई की थी। आजादी के बाद वर्ष 1948 से पहले यहां इस्लामिया स्कूल हुआ करता था। आजादी के बाद यह जगह डीएवी कॉलेज के नाम कर दी गई थी। बताते चलें कि डीएवी कॉलेज में पढ़कर जिला का नाम रोशन करने वालों की सूची में पूर्व प्रधान मंत्री इंद्र कुमार गुजराल, उप राष्ट्रपति कृष्णकांत, नोबेल पुरस्कार से सम्मानित वैज्ञानिक हरगोबिंद खुराना, भारतीय क्रिकेट टीम के सदस्य रहे चेतन शर्मा व वर्तमान में अंबाला के विधायक असीम गोयल भी इसी कॉलेज के छात्र रहे हैं।
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विद्यार्थी क्या करें, क्या न करें
डीएवी कॉलेज के प्रिंसिपल सलील दोसाज ने बताया कि दाखिले को लेकर बहुत से छात्र साइबर कैफे का सहारा लेते हैं। ऐसे में आवेदकों को ऑनलाइन किए जा रहे आवेदन को ध्यान से देखते हुए फार्म जमा करवाना चाहिए। आवेदन करते समय यह भी ध्यान देना चाहिए कि किस कॉलेज में और किस विषय में दाखिले के लिए फार्म भरा जा रहा है। ऑनलाइन आवेदन करते समय यूजर्स पासवर्ड बनता है उस पासवर्ड को जब तक दाखिला न हो जाए तब तक किसी के भी साथ साझा नहीं करना चाहिए। इसके साथ-साथ छात्र की खुद की ईमेल होनी चाहिए क्योंकि उसी ईमेल आईडी पर ही कॉलेज द्वारा जानकारी दी जाती है। एससी-बीसी या अन्य वजीफा लेने वाले विद्यार्थियों का खुद का बैंक खाता होना बहुत ही जरूरी है।
बीएससी-80
बायोटेक-20
नॉन मेडिकल-320
कंप्यूटर साइंस-80
इलेक्ट्रॉनिक्स-20
बीएससी फैशन डिजाइनिंग-30
बीकॉम जनरल-90
बीकॉम वोकेशनल-50
बीकॉम ऑनर्स- 60
बीए- 240
कॉलेज में स्नातक की कुल 990 सीटें हैं। उच्चत्तर शिक्षा निदेशालय ने अभी संभावित शेड्यूल जारी किया है। इसके अनुसार 12 से 20 तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकते हैं। 25 को पहली मेरिट लिस्ट जारी होगी और 28 तक विद्यार्थी फीस जमा करवा सकेंगे। विद्यार्थी ऑनलाइन आवेदन करते हुए यूजर आईडी व पासवर्ड जरूर ध्यान रखें क्योंकि आखिर तक वही काम आएंगे।
-सलील दोसाज, प्रिंसिपल डीएवी कॉलेज लाहौर।
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अंबाला शहर डीएवी कॉलेज लाहौर में भी इन दिनों ऐसी ही स्थिति है। शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम रहने के कारण सीबीएसई और हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से इस बार करीब 9 हजार विद्यार्थियों ने 12वीं पास की है जबकि सीटें सभी कॉलेजों में मिलाकर करीब 6 हजार हैं। ऐसे में हर कोई समय रहते सीट पक्की करने के लिए लालायित है। डीएवी कॉलेज की बात करें तो यहां कुल 10 संकायों 990 सीटों पर दाखिला होना है। बता दें कि उच्चत्तर शिक्षा निदेशालय ने 12 से 20 अगस्त तक ऑनलाइन दाखिले का संभावित शेड्यूल जारी किया है।
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सबसे पुराने कॉलेजों में शामिल है डीएवी कॉलेज लाहौर
बता दें कि शहर के सबसे पुराने कॉलेजों में शुमार डीएवी कॉलेज लाहौर अपने आप में एक अलग ही पहचान रखता है। आजादी से पहले यह कॉलेज पाकिस्तान के लाहौर में चल रहा था, उस समय इसी कॉलेज में शहीद भगत सिंह ने पढ़ाई की थी। आजादी के बाद वर्ष 1948 से पहले यहां इस्लामिया स्कूल हुआ करता था। आजादी के बाद यह जगह डीएवी कॉलेज के नाम कर दी गई थी। बताते चलें कि डीएवी कॉलेज में पढ़कर जिला का नाम रोशन करने वालों की सूची में पूर्व प्रधान मंत्री इंद्र कुमार गुजराल, उप राष्ट्रपति कृष्णकांत, नोबेल पुरस्कार से सम्मानित वैज्ञानिक हरगोबिंद खुराना, भारतीय क्रिकेट टीम के सदस्य रहे चेतन शर्मा व वर्तमान में अंबाला के विधायक असीम गोयल भी इसी कॉलेज के छात्र रहे हैं।
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विद्यार्थी क्या करें, क्या न करें
डीएवी कॉलेज के प्रिंसिपल सलील दोसाज ने बताया कि दाखिले को लेकर बहुत से छात्र साइबर कैफे का सहारा लेते हैं। ऐसे में आवेदकों को ऑनलाइन किए जा रहे आवेदन को ध्यान से देखते हुए फार्म जमा करवाना चाहिए। आवेदन करते समय यह भी ध्यान देना चाहिए कि किस कॉलेज में और किस विषय में दाखिले के लिए फार्म भरा जा रहा है। ऑनलाइन आवेदन करते समय यूजर्स पासवर्ड बनता है उस पासवर्ड को जब तक दाखिला न हो जाए तब तक किसी के भी साथ साझा नहीं करना चाहिए। इसके साथ-साथ छात्र की खुद की ईमेल होनी चाहिए क्योंकि उसी ईमेल आईडी पर ही कॉलेज द्वारा जानकारी दी जाती है। एससी-बीसी या अन्य वजीफा लेने वाले विद्यार्थियों का खुद का बैंक खाता होना बहुत ही जरूरी है।
बीएससी-80
बायोटेक-20
नॉन मेडिकल-320
कंप्यूटर साइंस-80
इलेक्ट्रॉनिक्स-20
बीएससी फैशन डिजाइनिंग-30
बीकॉम जनरल-90
बीकॉम वोकेशनल-50
बीकॉम ऑनर्स- 60
बीए- 240
कॉलेज में स्नातक की कुल 990 सीटें हैं। उच्चत्तर शिक्षा निदेशालय ने अभी संभावित शेड्यूल जारी किया है। इसके अनुसार 12 से 20 तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकते हैं। 25 को पहली मेरिट लिस्ट जारी होगी और 28 तक विद्यार्थी फीस जमा करवा सकेंगे। विद्यार्थी ऑनलाइन आवेदन करते हुए यूजर आईडी व पासवर्ड जरूर ध्यान रखें क्योंकि आखिर तक वही काम आएंगे।
-सलील दोसाज, प्रिंसिपल डीएवी कॉलेज लाहौर।