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Ambala News: अमेरिका भेजने के नाम पर ठगे 95 लाख, डिपोर्ट होकर आए पीड़ित की दास्तां
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मुलाना। अमेरिका भेजने के नाम पर एजेंट ने 95 लाख रुपये ले लिए। जंगलों और अन्य देशों से होते हुए जब परिवार अमेरिका पहुंचा तो एजेंट के साथियों ने गन प्वाइंट पर बॉर्डर पार करा दिया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें पकड़कर जेल में डाल दिया।
इसके कुछ दिनों बाद डिपोर्ट कराकर भारत भेज दिया। मुलाना के खान अहमदपुर निवासी जगविंदर सिंह की शिकायत पर पुलिस ने मधार गांव थाना छप्पर यमुनानगर निवासी प्रभदीप सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जगविंदर ने बताया कि वह सेना में कार्यरत था और 30 अक्टूबर 2023 को उसने पेंशन ले ली। इसके बाद उसने अमेरिका में वर्क परमिट पर जाने के लिए प्रभदीप सिंह से संपर्क किया था, जो विदेश भेजने का काम करता है।
उसके साथ 80 लाख रुपये में उसे, उसकी पत्नी और दोनों बच्चों को जाने पर बात हुई थी। 28 दिसंबर को 36 लाख रुपये प्रभदीप उसके घर से लेकर गया और उसके बाद प्रभदीप ने उसे और उसकी पत्नी व दोनों बच्चों सहित दिल्ली से हवाई जहाज के टिकट उसके व्हाट्सएप पर भेज कर कहा था कि 29 दिसंबर 2024 को पेरिस के लिए रवाना होना है।
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30 दिसंबर को वे पेरिस पहुंचे। प्रभदीप ने उन्हें मेडरिड स्पेन के लिए हवाई जहाज के टिकटें बुक करा दिए और एक जनवरी 2025 को उन्हें भेज दिया। वे स्पेन में अपने परिवार सहित एक कमरे में रहे। 15 जनवरी को प्रभदीप ने उसे परिवार सहित स्लवाडोर भेज दिया था। वो स्लवाडोर के एक घर में एक दिन के लिए। इसके बाद 17 जनवरी को उन्हें गाड़ी से डोंकर (अंजान व्यक्ति) लेने के लिए आया।
इसी दौरान प्रभदीप ने उसके परिवार वालों से 25 लाख रुपये नकद ले लिए। 17 जनवरी को वो अंजान व्यक्ति परिवार सहित उन्हें जंगल के रास्ते ग्वाटेमाला देश (एसक्वाला शहर) में लेकर गया। यहां भी उन्हें एक अंजान के सुपुर्द कर दिया। 17 जनवरी की सुबह तीन बजे एक व्यक्ति आया और उन्हें गाड़ी में लेकर फलोरस पैटन शहर में ले गया। इसके बाद रात को ही अन्य व्यक्तियों की मदद से उन्हें मैक्सिको बाॅर्डर समुद्र के रास्ते से पार कराया।
उन्हें एक अंजान जगह पर सात दिन के लिए रखा। इस दौरान परिवार वालों पर दबाव बनाकर 24 जनवरी को पिता स्वर्ण सिंह से 19 लाख रुपये ले लिए। इसके बाद उन्हें कैनगन शहर में ले जाया गया और यहां 10 दिन के लिए रखा। फिर भारत में परिवार वालों पर दबाव बनाकर पिता से 15 लाख रुपये की मांग की गई जो कि जगविंदर के ससुर मिल्क सुखी गांव निवासी मंजीत सिंह से लिए।
पैसे लेने के बाद तीन फरवरी 2025 को कैनगन से उन्हें मैक्सिको शहर ले जाया गया और उसी दिन हवाई जहाज से तिजवाना शहर में लेकर आए। यहां उन्हें एक होटल में एक दिन के लिए रखा गया। चार फरवरी 2025 को होटल से शाम के समय उन्हें जबरन उठाया गया और दो नेपाली दिखने वाले व्यक्ति उन्हें गाड़ी में अमेरीका के सैडीयागो शहर के बाॅर्डर पर ले गए और यहां गन प्वाइंट पर उन्हें बाॅर्डर पार करवाया दिया।
इस दौरान दोनों नेपालियों ने जबरदस्ती उनकी वीडियो भी बनाई। इसके बाद जगविंदर के फोन से सारा डाटा खत्म करवा दिया। उन्होंने जैसे ही बाॅर्डर पार किया तो यूएसए की बाॅर्डर पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया और जेल में डाल दिया। यहां से 14 फरवरी को अमेरिका के सेना जहाज द्वारा वापिस भारत भेज दिया गया।
जब उन्होंने प्रभदीप से अपने पैसे वापिस मांगे तो प्रभदीप ने उसे व उसके परिवार के सदस्यों को जान से मारने की धमकी दी। जगविंदर ने बताया कि प्रभदीप के साथ उनकी वर्क परमिट को लेकर वीजा की बात हुई थी लेकिन उसने अवैध तौर पर अमेरिका भेजकर 95 लाख रुपये की धोखाघड़ी कर ली।
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इसके कुछ दिनों बाद डिपोर्ट कराकर भारत भेज दिया। मुलाना के खान अहमदपुर निवासी जगविंदर सिंह की शिकायत पर पुलिस ने मधार गांव थाना छप्पर यमुनानगर निवासी प्रभदीप सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जगविंदर ने बताया कि वह सेना में कार्यरत था और 30 अक्टूबर 2023 को उसने पेंशन ले ली। इसके बाद उसने अमेरिका में वर्क परमिट पर जाने के लिए प्रभदीप सिंह से संपर्क किया था, जो विदेश भेजने का काम करता है।
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उसके साथ 80 लाख रुपये में उसे, उसकी पत्नी और दोनों बच्चों को जाने पर बात हुई थी। 28 दिसंबर को 36 लाख रुपये प्रभदीप उसके घर से लेकर गया और उसके बाद प्रभदीप ने उसे और उसकी पत्नी व दोनों बच्चों सहित दिल्ली से हवाई जहाज के टिकट उसके व्हाट्सएप पर भेज कर कहा था कि 29 दिसंबर 2024 को पेरिस के लिए रवाना होना है।
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30 दिसंबर को वे पेरिस पहुंचे। प्रभदीप ने उन्हें मेडरिड स्पेन के लिए हवाई जहाज के टिकटें बुक करा दिए और एक जनवरी 2025 को उन्हें भेज दिया। वे स्पेन में अपने परिवार सहित एक कमरे में रहे। 15 जनवरी को प्रभदीप ने उसे परिवार सहित स्लवाडोर भेज दिया था। वो स्लवाडोर के एक घर में एक दिन के लिए। इसके बाद 17 जनवरी को उन्हें गाड़ी से डोंकर (अंजान व्यक्ति) लेने के लिए आया।
इसी दौरान प्रभदीप ने उसके परिवार वालों से 25 लाख रुपये नकद ले लिए। 17 जनवरी को वो अंजान व्यक्ति परिवार सहित उन्हें जंगल के रास्ते ग्वाटेमाला देश (एसक्वाला शहर) में लेकर गया। यहां भी उन्हें एक अंजान के सुपुर्द कर दिया। 17 जनवरी की सुबह तीन बजे एक व्यक्ति आया और उन्हें गाड़ी में लेकर फलोरस पैटन शहर में ले गया। इसके बाद रात को ही अन्य व्यक्तियों की मदद से उन्हें मैक्सिको बाॅर्डर समुद्र के रास्ते से पार कराया।
उन्हें एक अंजान जगह पर सात दिन के लिए रखा। इस दौरान परिवार वालों पर दबाव बनाकर 24 जनवरी को पिता स्वर्ण सिंह से 19 लाख रुपये ले लिए। इसके बाद उन्हें कैनगन शहर में ले जाया गया और यहां 10 दिन के लिए रखा। फिर भारत में परिवार वालों पर दबाव बनाकर पिता से 15 लाख रुपये की मांग की गई जो कि जगविंदर के ससुर मिल्क सुखी गांव निवासी मंजीत सिंह से लिए।
पैसे लेने के बाद तीन फरवरी 2025 को कैनगन से उन्हें मैक्सिको शहर ले जाया गया और उसी दिन हवाई जहाज से तिजवाना शहर में लेकर आए। यहां उन्हें एक होटल में एक दिन के लिए रखा गया। चार फरवरी 2025 को होटल से शाम के समय उन्हें जबरन उठाया गया और दो नेपाली दिखने वाले व्यक्ति उन्हें गाड़ी में अमेरीका के सैडीयागो शहर के बाॅर्डर पर ले गए और यहां गन प्वाइंट पर उन्हें बाॅर्डर पार करवाया दिया।
इस दौरान दोनों नेपालियों ने जबरदस्ती उनकी वीडियो भी बनाई। इसके बाद जगविंदर के फोन से सारा डाटा खत्म करवा दिया। उन्होंने जैसे ही बाॅर्डर पार किया तो यूएसए की बाॅर्डर पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया और जेल में डाल दिया। यहां से 14 फरवरी को अमेरिका के सेना जहाज द्वारा वापिस भारत भेज दिया गया।
जब उन्होंने प्रभदीप से अपने पैसे वापिस मांगे तो प्रभदीप ने उसे व उसके परिवार के सदस्यों को जान से मारने की धमकी दी। जगविंदर ने बताया कि प्रभदीप के साथ उनकी वर्क परमिट को लेकर वीजा की बात हुई थी लेकिन उसने अवैध तौर पर अमेरिका भेजकर 95 लाख रुपये की धोखाघड़ी कर ली।