फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   अल्ट्रासाउंड में नवजात की धड़कन बंद होने की रिपोर्ट के बाद भी तड़प रही गर्भवती को नहीं मिला बेड, हंगामा

अल्ट्रासाउंड में नवजात की धड़कन बंद होने की रिपोर्ट के बाद भी तड़प रही गर्भवती को नहीं मिला बेड, हंगामा

Wed, 02 Jan 2019 01:22 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 02 Jan 2019 01:22 AM IST
विज्ञापन
अल्ट्रासाउंड में नवजात की धड़कन बंद होने की रिपोर्ट के बाद भी तड़प रही गर्भवती को नहीं मिला बेड, हंगामा
संशोधित समाचार..........
विज्ञापन

-------
फोटो नंबर-------2 से 5
अल्ट्रासाउंड में नवजात की धड़कन बंद होने की रिपोर्ट के बाद भी तड़प रही गर्भवती को नहीं मिला बेड, हंगामा
परिजनों ने डॉक्टरों पर लगाया लापरवाही का आरोप, बोले- सिविल अस्पताल में चार दिन लगातार आने पर भी गर्भवती को नहीं किया भर्ती
नवजात की मौत की रिपोर्ट के बाद भी बेड नहीं मिलने पर पुलिसकर्मियों से हुई बहस
शाम को परिजनों ने महिला को निजी अस्पताल में कराया भर्ती, जहां एक घंटे में डॉक्टरों ने कराई नॉर्मल डिलीवरी
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। यहां सिविल अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही का मामला सामने आया है। गर्भ में ही नवजात की धड़कन बंद की रिपोर्ट के बाद महिला तड़पती रही और उसे बेड तक नहीं उपलब्ध कराया गया। इसके बाद गुस्साए परिजनों ने हंगामा किया तो शांत करने पहुंची पुलिस के साथ काफी बहस भी हुई। बाद में सीनियर डॉक्टर के पहुंचने पर महिला को बेड मिला तो परिजन शांत हुए। हालांकि परिजनों ने शाम को महिला को निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया जहां डॉक्टरों ने एक घंटे में ही महिला की नॉर्मल डिलीवरी करवा दी लेकिन नवजात की पहले ही मौत हो चुकी थी।
बता दें कि खड़गा कैंटीन के पास स्थित दिशाला बाजार के कमल किशोर अपनी गर्भवती बहू मोनिका (23) को मंगलवार सुबह सात बजे सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे। उन्होंने बताया कि नौवां महीना चलने के कारण वे चार दिन से अस्पताल आ रहे हैं, लेकिन डॉक्टर जच्चा-बच्चा के सही होने का हवाला देते हुए उसे भर्ती नहीं कर रहे थे। मंगलवार सुबह भी डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड के लिए बोला। कुछ देर इंतजार के बाद मोनिका का अल्ट्रासाउंड हुआ तो महिला डॉक्टर ने अचानक नवजात की धड़कन बंद होने की रिपोर्ट दी और गर्भवती महिला को दवा देने के बाद इंतजार करने के लिए बोल दिया। उन्होंने तड़प रही महिला को बेड तक उपलब्ध नहीं कराए। मोनिका की सास इंद्रा ने बताया कि यहां पर बेहतर सुविधा के नाम पर बहू को लाया गया, लेकिन डॉक्टर उसे भर्ती नहीं कर रहे हैं। एक तो बच्चे की मौत हो गई है, दूसरी तरफ बहू को भी जान का खतरा है। अब तक बेड उपलब्ध नहीं कराया गया है। पति ललित ने बताया कि वह मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता है। डॉक्टरों की लापरवाही के कारण उसके बच्चे की जान गई है। सूचना मिलने पर पहुंचे परिजन अक्षय, सुरेश, सुमित, नरेश व अन्य ने बताया कि यहां कोई सुनवाई नहीं हो रही है। डॉक्टरों से कुछ कहने पर पुलिसकर्मियों को बुलाकर जबरदस्ती की जा रही है। इसकी शिकायत स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से की जाएगी।
विज्ञापन

---------------
पुलिसकर्मी ने हाथ लगाया तो भड़क गए परिजन
हंगामे की सूचना पर पहुंचे सिविल अस्पताल में तैनात एक पुलिसकर्मी ने मोनिका के ससुर को मौके से हटाने के लिए हाथ लगाया तो परिजन भड़क गए। इस दौरान उनकी पुलिसकर्मियों से काफी बहस हुई। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने डॉक्टर से बात की और मामले की जानकारी दी। सूचना मिलने पर पहुंच डॉ. मोहित ने वार्ड में जाकर गर्भवती महिला को बेड उपलब्ध कराए, तब जाकर मामला शांत हुआ। ससुर कमल किशोर ने बताया कि जब सुबह से शाम तक सिविल अस्पताल में बेहतर इलाज नहीं मिला, ऐसे में बहू मोनिका को बचाना जरूरी था जिसके चलते उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। यहां डॉक्टरों ने एक घंटे में ही नॉर्मल डिलीवरी करवा दी लेकिन नवजात की पहले ही मौत हो चुकी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

------------
कोट
गर्भवती महिला मोनिका का सोमवार को अल्ट्रासाउंड हुआ था तब बच्चे की धड़कन सही चल रही थी। मंगलवार को अल्ट्रासाउंड में धड़कन बंद होने की रिपोर्ट है। डॉ. सुगंधा ने महिला को चेक करके दवा दे दी है। दर्द होने के बाद डिलीवरी की जाएगी। मैंने महिला को बेड उपलब्ध करा दिया था।
-डॉ. मोहित, सिविल अस्पताल कैंट।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed