{"_id":"59b17d6b4f1c1be47f8b4c77","slug":"91504804203-ambala-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"- स्वास्थ्य विभाग द्वारा मलेरिया व डेंगू के प्रकोप से बचाव को लेकर करवा रहा सर्वे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
- स्वास्थ्य विभाग द्वारा मलेरिया व डेंगू के प्रकोप से बचाव को लेकर करवा रहा सर्वे
Updated Thu, 07 Sep 2017 10:40 PM IST
विज्ञापन
पहले पेज पर एंकर
फोटो नंबर...30
- स्वास्थ्य विभाग द्वारा मलेरिया व डेंगू के प्रकोप से बचाव को लेकर करवा रहा सर्वे
- हैरानी की बात यह कि विभाग ने बिना पहचान पत्रों के लिए वालंटियरों से सर्वे शुरू करवाया
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। मलेरिया व डेंगू को लेकर विभाग भले ही पूरी गंभीरता बरत रहा है। बाकायदा विभाग की ओर से 40 वालंटियर के माध्यम से ट्विन सिटी के घरों में जाकर डेंगू के लारवा के लिए सर्वे भी करवा रहा है। हैरानी की बात यह है कि विभाग द्वारा सर्वे को करीबन पंद्रह दिन का समय होने वाला है, अभी तक विभाग द्वारा न तो वालंटियर को पहचान पत्र मुहैया करवाए गए हैं और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था करके दी गई है। इस लापरवाही का खामियाजा घरों में सर्वे के लिए जाने वाले वालंटियरों को भुगतना पड़ रहा है। उन्हें पहले सामने वाले व्यक्ति के सामने खुद को विभाग का ही व्यक्ति साबित करना पड़ रहा है। तब जाकर वह घरों के अंदर दाखिल होकर सर्वे की रिपोर्ट तैयार कर पाते है। ऐसे में वालंटियरों की फजीहत हो रही है।
---
सर्वे से पहले करना पड़ता है खुद को सही साबित
मलेरिया विभाग द्वारा 40 वालंटियर सर्वे तो कर रहे हैं। पहचान पत्र न होने के कारण हालात यह है कि अगर कोई व्यक्ति घर में दाखिल होने से पहले पहचान पत्र की मांग करता है तो उनके लिए परेशानी खड़ी हो जाती है। विभाग द्वारा वालंटियर को संबंधित घर के अंदर पानी जमा होने की जगह व उपकरणों की पूरी चेकिंग कर सही रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में कई घरों के अंदर तो सर्वे करने से पहले बाकायदा वालंटियर को खुद को सही साबित करने की परीक्षा से गुजरा पड़ता है। नौबत यहां तक आ जाती है कि मजबूरन वालंटियर को पहचान पत्र की जगह सरकारी पम्पलेट आदि दिखाकर सरकारी विभाग के ही कर्मचारी होने के सबूत देने पड़ रहे हैं। कई बार तो घरों में बिना पहचान पत्र के टीम को दाखिल भी नहीं होने दिया जाता है, जिस कारण वालंटियर को बेहद परेशानी झेलनी पड़ रही है।
---
जनता में संदिग्ध व्यक्ति का डर, हो रही जांच पड़ताल
ट्विन सिटी में ठगी व धोखाधड़ी के कई मामले सामने आने पर जनता में खतरा बना हुआ है। भला ऐसे में विभाग भी बिना किसी पहचान पत्र के ही सर्वे शुरू कर वालंटियर को घरों के अंदर मलेरिया व डेंगू के लारवा को लेकर सर्वे करवा रहा है। इस बीच जनता में संदिग्ध व्यक्ति का भी घर के अंदर दाखिल होने पर खतरा मंडराता रहता है। इस कारण जनता सर्वे से पहले या तो वालंटियर से पूरी जांच पड़ताल करती है। कई महिलाएं तो घर में अकेली होने पर बिना पहचान पत्र के सर्वे करने पहुंचे वालंटियर को लौटा देती है। विभाग की लापरवाही के कारण कैसे ट्विनसिटी मलेरिया व डेंगू से लारवा मुक्त हो सकेगी।
विज्ञापन
---
ट्विनसिटी में मलेरिया व डेंगू के लारवा के प्रति जागरूक करने के लिए करीबन 40 वालंटियर तैनात किए गए हैं। वे घरों में जाकर पूरी जांच कर सर्वे कर रहे हैं। सभी वालंटियर के पहचान पत्र लगभग तैयार हो गए हैं। जल्द ही उन्हें पहचान पत्र मुहैया करवा दिए जाएंगे। उन्हें सर्वे के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
- डॉ. जयंती, डिप्टी सिविल सर्जन, मलेरिया
विज्ञापन
फोटो नंबर...30
- स्वास्थ्य विभाग द्वारा मलेरिया व डेंगू के प्रकोप से बचाव को लेकर करवा रहा सर्वे
- हैरानी की बात यह कि विभाग ने बिना पहचान पत्रों के लिए वालंटियरों से सर्वे शुरू करवाया
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। मलेरिया व डेंगू को लेकर विभाग भले ही पूरी गंभीरता बरत रहा है। बाकायदा विभाग की ओर से 40 वालंटियर के माध्यम से ट्विन सिटी के घरों में जाकर डेंगू के लारवा के लिए सर्वे भी करवा रहा है। हैरानी की बात यह है कि विभाग द्वारा सर्वे को करीबन पंद्रह दिन का समय होने वाला है, अभी तक विभाग द्वारा न तो वालंटियर को पहचान पत्र मुहैया करवाए गए हैं और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था करके दी गई है। इस लापरवाही का खामियाजा घरों में सर्वे के लिए जाने वाले वालंटियरों को भुगतना पड़ रहा है। उन्हें पहले सामने वाले व्यक्ति के सामने खुद को विभाग का ही व्यक्ति साबित करना पड़ रहा है। तब जाकर वह घरों के अंदर दाखिल होकर सर्वे की रिपोर्ट तैयार कर पाते है। ऐसे में वालंटियरों की फजीहत हो रही है।
---
सर्वे से पहले करना पड़ता है खुद को सही साबित
मलेरिया विभाग द्वारा 40 वालंटियर सर्वे तो कर रहे हैं। पहचान पत्र न होने के कारण हालात यह है कि अगर कोई व्यक्ति घर में दाखिल होने से पहले पहचान पत्र की मांग करता है तो उनके लिए परेशानी खड़ी हो जाती है। विभाग द्वारा वालंटियर को संबंधित घर के अंदर पानी जमा होने की जगह व उपकरणों की पूरी चेकिंग कर सही रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में कई घरों के अंदर तो सर्वे करने से पहले बाकायदा वालंटियर को खुद को सही साबित करने की परीक्षा से गुजरा पड़ता है। नौबत यहां तक आ जाती है कि मजबूरन वालंटियर को पहचान पत्र की जगह सरकारी पम्पलेट आदि दिखाकर सरकारी विभाग के ही कर्मचारी होने के सबूत देने पड़ रहे हैं। कई बार तो घरों में बिना पहचान पत्र के टीम को दाखिल भी नहीं होने दिया जाता है, जिस कारण वालंटियर को बेहद परेशानी झेलनी पड़ रही है।
विज्ञापन
---
जनता में संदिग्ध व्यक्ति का डर, हो रही जांच पड़ताल
ट्विन सिटी में ठगी व धोखाधड़ी के कई मामले सामने आने पर जनता में खतरा बना हुआ है। भला ऐसे में विभाग भी बिना किसी पहचान पत्र के ही सर्वे शुरू कर वालंटियर को घरों के अंदर मलेरिया व डेंगू के लारवा को लेकर सर्वे करवा रहा है। इस बीच जनता में संदिग्ध व्यक्ति का भी घर के अंदर दाखिल होने पर खतरा मंडराता रहता है। इस कारण जनता सर्वे से पहले या तो वालंटियर से पूरी जांच पड़ताल करती है। कई महिलाएं तो घर में अकेली होने पर बिना पहचान पत्र के सर्वे करने पहुंचे वालंटियर को लौटा देती है। विभाग की लापरवाही के कारण कैसे ट्विनसिटी मलेरिया व डेंगू से लारवा मुक्त हो सकेगी।
विज्ञापन
---
ट्विनसिटी में मलेरिया व डेंगू के लारवा के प्रति जागरूक करने के लिए करीबन 40 वालंटियर तैनात किए गए हैं। वे घरों में जाकर पूरी जांच कर सर्वे कर रहे हैं। सभी वालंटियर के पहचान पत्र लगभग तैयार हो गए हैं। जल्द ही उन्हें पहचान पत्र मुहैया करवा दिए जाएंगे। उन्हें सर्वे के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
- डॉ. जयंती, डिप्टी सिविल सर्जन, मलेरिया