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Ambala News: चार दिन में 88 हजार यात्रियों ने ट्रेनों में किया सफर, रेलवे ने कमाए दो करोड़ रुपये
Mon, 09 Mar 2026 01:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Mon, 09 Mar 2026 01:23 AM IST
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अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर टिकट लेने के लिए अनारक्षित टिकट घर पर खड़े यात्री। संवाद
अंबाला। होली के दौरान रेलवे ने यात्रियों द्वारा खरीदी गई टिकट से दो करोड़ रुपये के राजस्व की प्राप्ति की है। इसमें आरक्षित और अनारक्षित टिकटों की बिक्री से रिकॉर्ड बनाया गया है जोकि अंबाला मंडल में कैंट रेलवे स्टेशन का सबसे अधिक राजस्व है। रेलवे से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर एक मार्च से लेकर चार मार्च तक लगभग 88 हजार यात्रियों ने कैंट रेलवे स्टेशन से ट्रेनों में सफर किया। इसमें अकले लगभग 50 हजार यात्री जनरल श्रेणी के थे। होली के दौरान रेलवे ने नई दिल्ली से कटरा, वाराणसी से चंडीगढ़ व कटरा, कटिहार से अमृतसर, गोरखपुर से चंडीगढ़, बढ़नी से अमृतसर, मऊ से अंबाला, जयनगर-अमृतसर, मधुबनी-सरहिंद, मानसी-अमृतसर, दानापुर-फिरोजपुर, कटिहार-अमृतसर और पटना-अमृतसर के बीच विशेष ट्रेनों का संचालन किया।
टिकटों की बिक्री
पहली मार्च को कैंट रेलवे स्टेशन के अनारक्षित टिकट केंद्र से लगभग 11 हजार जनरल श्रेणी की टिकटें बेची गई जोकि 20 हजार के करीब यात्रियों ने खरीदी और इससे रेलवे को लगभग 39 लाख रुपये की कमाई हुई। इसी प्रकार दो मार्च को 9 हजार के करीब टिकटों की बिक्री हुई और इनके माध्यम से 12 हजार यात्रियों ने ट्रेनों में सफर किया, वहीं राजस्व के तौर पर रेलवे को 28 लाख रुपये मिले। तीन मार्च को आठ टिकटों पर लगभग 12 हजार यात्रियों ने सफर किया और रेलवे को 23 लाख रुपये मिले। जबकि होली के दिन चार मार्च को 5100 अनारक्षित टिकटें बिकीं और 6100 यात्रियों ने ट्रेनों में सफर किया। इससे रेलवे को अंतिम दिन लगभग 12 लाख रुपये की कमाई हुई। इसी प्रकार आरक्षित टिकटों पर 48 हजार के करीब यात्रियों ने यूपी और बिहार की तरफ सफर किया।
24 घंटे तैनात रहे कर्मचारी
होली पर यात्रियों की भीड़ को देखते हुए कैंट रेलवे स्टेशन पर चार की जगह आठ टिकट काउंटर खोले गए थे। यहां 20 के करीब कर्मचारियों की तैनाती की गई जोकि 12-12 घंटे ड्यूटी पर तैनात रहे। इसके अलावा स्टेशन पर लगी ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीनों पर भी कर्मचारियों की तैनाती की गई। यह व्यवस्था मंडल रेल प्रबंधक विनोद भाटिया के निर्देशानुसार की गई थी और खुद डीआरएम सहित वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक एनके झा ने लगातार चार दिन तक व्यवस्थाओं का अवलोकन भी किया था।
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अंबाला मंडल के लिए यह एक विशेष उपलब्धि है। ट्रेनों के जरिए आरक्षित और अनारक्षित श्रेणी में लगभग 88 हजार यात्रियों ने सफर किया और इससे रेलवे को दो करोड़ रुपये के करीब राजस्व भी मिला है। यह सब मंडल रेल प्रबंधक के मार्गदर्शन और कर्मचारियों की कार्यशैली के कारण सफल हो पाया है।
एनके झा, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, अंबाला मंडल।
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टिकटों की बिक्री
पहली मार्च को कैंट रेलवे स्टेशन के अनारक्षित टिकट केंद्र से लगभग 11 हजार जनरल श्रेणी की टिकटें बेची गई जोकि 20 हजार के करीब यात्रियों ने खरीदी और इससे रेलवे को लगभग 39 लाख रुपये की कमाई हुई। इसी प्रकार दो मार्च को 9 हजार के करीब टिकटों की बिक्री हुई और इनके माध्यम से 12 हजार यात्रियों ने ट्रेनों में सफर किया, वहीं राजस्व के तौर पर रेलवे को 28 लाख रुपये मिले। तीन मार्च को आठ टिकटों पर लगभग 12 हजार यात्रियों ने सफर किया और रेलवे को 23 लाख रुपये मिले। जबकि होली के दिन चार मार्च को 5100 अनारक्षित टिकटें बिकीं और 6100 यात्रियों ने ट्रेनों में सफर किया। इससे रेलवे को अंतिम दिन लगभग 12 लाख रुपये की कमाई हुई। इसी प्रकार आरक्षित टिकटों पर 48 हजार के करीब यात्रियों ने यूपी और बिहार की तरफ सफर किया।
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24 घंटे तैनात रहे कर्मचारी
होली पर यात्रियों की भीड़ को देखते हुए कैंट रेलवे स्टेशन पर चार की जगह आठ टिकट काउंटर खोले गए थे। यहां 20 के करीब कर्मचारियों की तैनाती की गई जोकि 12-12 घंटे ड्यूटी पर तैनात रहे। इसके अलावा स्टेशन पर लगी ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीनों पर भी कर्मचारियों की तैनाती की गई। यह व्यवस्था मंडल रेल प्रबंधक विनोद भाटिया के निर्देशानुसार की गई थी और खुद डीआरएम सहित वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक एनके झा ने लगातार चार दिन तक व्यवस्थाओं का अवलोकन भी किया था।
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अंबाला मंडल के लिए यह एक विशेष उपलब्धि है। ट्रेनों के जरिए आरक्षित और अनारक्षित श्रेणी में लगभग 88 हजार यात्रियों ने सफर किया और इससे रेलवे को दो करोड़ रुपये के करीब राजस्व भी मिला है। यह सब मंडल रेल प्रबंधक के मार्गदर्शन और कर्मचारियों की कार्यशैली के कारण सफल हो पाया है।
एनके झा, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, अंबाला मंडल।