फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   - काउंटरों पर लंबी कतारें होने की वजह से मरीजों को घंटों खड़ा रहना पड़ता है

- काउंटरों पर लंबी कतारें होने की वजह से मरीजों को घंटों खड़ा रहना पड़ता है

Tue, 08 May 2018 01:08 AM IST
Updated Tue, 08 May 2018 01:08 AM IST
विज्ञापन
- काउंटरों पर लंबी कतारें होने की वजह से मरीजों को घंटों खड़ा रहना पड़ता है
दो हजार ओपीडी, काउंटर महज पांच, रजिस्ट्रेशन कराने के लिए घंटों करना पड़ता है इंतजार
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
सिविल अस्पताल में लंबी लाइन में लगकर ओपीडी के लिए रजिस्ट्रेशन कराने या फिर विभिन्न टेस्ट की फीस जमा कराने वाले लोगों को काउंटरों की कमी से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें यहां घंटों लाइनों में लगना पड़ता है, वहीं कई बार समयसीमा के कारण रजिस्ट्रेशन ही बंद हो जाता है। इतना ही नहीं लाइनों में खड़े होने की वजह से लैब टेस्ट आदि का समय भी निकल रहा है। परेशान लोगों ने सोमवार को कैंट सिविल अस्पताल के काउंटरों पर इस मामले को लेकर नाराजगी जताई। लोगों ने मांग की कि या तो काउंटरों की संख्या बढ़ाई जाए या फिर लैब टेस्ट आदि की समयसीमा में इजाफा किया जाए।

एक बजे तक ही होते हैं लैब टेस्ट
सिविल अस्पताल में प्रतिदिन औसतन दो हजार के लगभग ओपीडी है। मगर काउंटरों की बात की जाए तो महज पांच काउंटर बने हैं। विभिन्न टेस्ट कराने का समय सुबह नौ बजे से दोपहर एक बजे तक है। इसके बाद यदि कोई आता है तो उसे वापस भेज दिया जाता है और अगले दिन आने को कहा जाता है। इसी प्रकार नया कार्ड बनाने के लिए रजिस्ट्रेशन का समय दोपहर 12 बजे तक समय है। सुबह पहले मरीज को यहां घंटों लाइनों में कार्ड बनाने के लिए रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है। इसके बाद फिर उसे घंटों लाइनों में लगकर डॉक्टर को चेकअप कराने के लिए इंतजार करना पड़ता है। मगर यदि डॉक्टर कोई टेस्ट लिखे तो नीचे काउंटर पर आकर फिर पर्ची बनाने के लिए लाइनों में लगना पड़ता है। इसी प्रक्रिया के मरीजों का काफी समय निकल जाता है और कई बार तो लैब भी बंद हो जाती है।
विज्ञापन


पौने घंटे खड़ा रहा फिर भी नंबर आया
बब्याल निवासी सतीश धीमान ने कहा कि उनके जानकार को टेस्ट के लिए पर्ची बनानी थी, मगर पौने घंटे से लाइन में खड़े होने के बावजूद भी उनका नंबर नहीं आया। एक बजे के बाद कोई टेस्ट नहीं होता और समय पर यदि टेस्ट कराने की पर्ची नहीं बनी तो दिक्कत होगी। यहां केवल एक काउंटर पर फीस ली जा रही है जबकि यहां पर दो से चार काउंटर होने चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

बिहटा से आए सुनील ने बताया कि उन्होंने प्रमाण पत्र लेने के लिए फीस जमा करानी है। वह पौने घंटे से लाइन में खड़े हैं। केवल एक खिड़की पर टेस्टिंग फीस व अन्य कार्यों की पर्चियां बनाई जा रही है जबकि इसके लिए से ज्यादा काउंटर बनाए जा सकते हैं। उनकी तरह अन्य लोग भी यहां पर परेशान हो रहे हैं जबकि विभाग इस ओर कार्रवाई नहीं कर रहा है।
बब्याल निवासी शांति स्वरूप ने बताया कि लैब टेस्ट की रसीद बनाने के लिए वह पौने घंटे से लाइन में खड़े हैं। अन्य विंडो खाली पड़ी है। यदि अन्य विंडो पर भी रसीद काटी जाए तो घंटों का कार्य मिनटों में हो सकता है। मगर यहां पर लाइन में खड़े मरीजों व उनके परिजनों की परवाह किसे है।


जानकार पिछले दरवाजे से दाखिल होकर बनवा रहे पर्चियां
सिविल अस्पताल में काउंटरों पर पर्चियां बना रहे स्टाफ अपने जानकारों पर पूरी तरह से मेहरबान बने हुए हैं। पिछले दरवाजे से जानकार सीधे अंदर दाखिल होकर काम करवा लेते हैं जबकि लोग सामने घंटों लाइनों में लगे रहते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed