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- दुकानदार बोले केवल रसूखदारों को छोड़ आम दुकानदारों को किया जा रहा परेशान
Updated Tue, 20 Feb 2018 12:36 AM IST
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पेज तीन पर लीड.................
फोटो नंबर : 3 से 8
दुकानदार बोले-डॉक्टर का अस्पताल बचाने के लिए 200 दुकानदारों को दे रहे कष्ट
महेश नगर के दुकानदारों का हाईवे अथॉरिटी की कार्यप्रणाली पर भेदभाव का आरोप, नियम अनुसार ही हो रही कार्रवाई : हाइवे अथॉरिटी
हाईकोर्ट में अब 22 फरवरी को होगी मामले पर सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
महेश नगर के रहने वाले दुकानदारों ने रोष जाहिर करते हुए कहा कि नेशनल हाइवे अथॉरिटी के अधिकारी रसूखदारों को बचाने के लिए उन्हें परेशान कर रहे हैं। जगाधरी रोड के दुकानदार अथॉरिटी के अधिकारियों से परेशान हैं। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश पर उनकी दुकानों के आगे से कब्जा हटा दिया गया, मगर सबसे ज्यादा कब्जा करने वाले अस्पताल को छुआ तक नहीं गया। उलटा अब उसे बचाने लिए दुकानदारों को फिर से नोटिस थमाए जा रहे हैं।
सोमवार को बैठक के दौरान रोष जताते हुए दुकानदारों ने कहा कि यदि अथॉरिटी अधिकारी परेशान करते रहे तो उनके कार्यालय में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अथॉरिटी ने जितना अतिक्रमण बताया था उसे हटा दिया गया, मगर अब एनएच अथॉरिटी कभी नोटिस भेज रही है तो कभी कब्जा करने का आरोप लगा रही है। दो दिन पहले भी पैमाइश की गई तो कहा गया था अभी भी दुकानों के आगे कब्जा है, जबकि रोड पर स्थित बड़े अस्पताल का कब्जा हटवाया तक नहीं गया है।
दुकानदारों ने लगाए आरोप
- एनएच अथॉरिटी का सिस्टम ही समझ में नहीं आ रहा है। केवल एक डॉक्टर को बचाने का अथॉरिटी प्रयास कर रही है। अतिक्रमण के नाम पर दर्जनों दुकानें तोड़ी गई है, जबकि जिस डॉक्टर का सबसे ज्यादा कब्जा है उसे छुआ तक नहीं गया है।
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शशांक अग्रवाल, दुकानदार।
- हाईवे अथॉरिटी ने कुछ दिनों पहले फिर से नोटिस देकर कब्जा हटाने के लिए कहा गया है। कुछ माह पहले अथॉरिटी ने स्वयं ही अतिक्रमण हटाया था। उन्हें अब अपनी कार्रवाई पर ही भरोसा नहीं है। दुकानदार परेशान हैं, जबकि यहां पर केवल रसूखदारों को बचाने का काम किया जा रहा है।
जॉनी, दुकानदार।
- हाईवे अथॉरिटी ने जितना अतिक्रमण हटाने को बोला, उतना दुकानदारों ने हटा लिया जबकि कुछ कब्जे खुदे अथॉरिटी ने हटवाए। मगर क्षेत्र में जिसका सबसे ज्यादा कब्जा था अथॉरिटी के अधिकारियों ने वहां एक इंच भी कार्रवाई नहीं की जोकि समझ से परे है। यह भेदभावपूर्ण नीति है।
हरमीत, दुकानदार।
- दुकानदारों को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि रसूखदारों को छोड़ा जा रहा है। इस संबंध में कई बार अथॉरिटी अधिकारियों को कहा भी गया है, मगर मौखिम तौर पर वह आश्वासन देते हैं, जबकि धरातल पर उन्हें ही परेशान किया जा रहा है। अथॉरिटी का रवैया समझ से परे है।
अमित वशिष्ठ, दुकानदार।
- जगाधरी रोड कितनी चौड़ी होगी और उनकी दुकानों की सही पैमाइश क्या है, इसकी जानकारी तक अथॉरिटी के अधिकारी नहीं दे रहे हैं। बीते दो माह से दुकानदारों को अंधेरे में रखा गया है। केवल दुकानों पर पीला पंजा चला दिया गया, जबकि रसूखदारों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
तरण कंबोज, दुकानदार।
22 फरवरी होगी अब मामले में सुनवाई
नेशनल हाईवे पर अतिक्रमण मामले को लेकर सोमवार को हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई थी। मगर अगली सुनवाई के लिए 22 फरवरी की तारीख तय की गई है।
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कोट्स
लोगों द्वारा लगाए गए आरोप बेबुनियाद है। डॉक्टर की बिल्डिंग का मामला कोर्ट में अभी विचाराधीन है। कोर्ट जैसे ही आदेश करेगा इस मामले में भी कार्रवाई होगी। महेश नगर के किसी भी दुकानदार से भेदभाव नहीं किया जा रहा। नियम के अनुसार काम रो रहा है। -वीके शर्मा, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, नेशनल हाईवे अथॉरिटी, अंबाला।
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फोटो नंबर : 3 से 8
दुकानदार बोले-डॉक्टर का अस्पताल बचाने के लिए 200 दुकानदारों को दे रहे कष्ट
महेश नगर के दुकानदारों का हाईवे अथॉरिटी की कार्यप्रणाली पर भेदभाव का आरोप, नियम अनुसार ही हो रही कार्रवाई : हाइवे अथॉरिटी
हाईकोर्ट में अब 22 फरवरी को होगी मामले पर सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
महेश नगर के रहने वाले दुकानदारों ने रोष जाहिर करते हुए कहा कि नेशनल हाइवे अथॉरिटी के अधिकारी रसूखदारों को बचाने के लिए उन्हें परेशान कर रहे हैं। जगाधरी रोड के दुकानदार अथॉरिटी के अधिकारियों से परेशान हैं। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश पर उनकी दुकानों के आगे से कब्जा हटा दिया गया, मगर सबसे ज्यादा कब्जा करने वाले अस्पताल को छुआ तक नहीं गया। उलटा अब उसे बचाने लिए दुकानदारों को फिर से नोटिस थमाए जा रहे हैं।
सोमवार को बैठक के दौरान रोष जताते हुए दुकानदारों ने कहा कि यदि अथॉरिटी अधिकारी परेशान करते रहे तो उनके कार्यालय में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अथॉरिटी ने जितना अतिक्रमण बताया था उसे हटा दिया गया, मगर अब एनएच अथॉरिटी कभी नोटिस भेज रही है तो कभी कब्जा करने का आरोप लगा रही है। दो दिन पहले भी पैमाइश की गई तो कहा गया था अभी भी दुकानों के आगे कब्जा है, जबकि रोड पर स्थित बड़े अस्पताल का कब्जा हटवाया तक नहीं गया है।
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दुकानदारों ने लगाए आरोप
- एनएच अथॉरिटी का सिस्टम ही समझ में नहीं आ रहा है। केवल एक डॉक्टर को बचाने का अथॉरिटी प्रयास कर रही है। अतिक्रमण के नाम पर दर्जनों दुकानें तोड़ी गई है, जबकि जिस डॉक्टर का सबसे ज्यादा कब्जा है उसे छुआ तक नहीं गया है।
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शशांक अग्रवाल, दुकानदार।
- हाईवे अथॉरिटी ने कुछ दिनों पहले फिर से नोटिस देकर कब्जा हटाने के लिए कहा गया है। कुछ माह पहले अथॉरिटी ने स्वयं ही अतिक्रमण हटाया था। उन्हें अब अपनी कार्रवाई पर ही भरोसा नहीं है। दुकानदार परेशान हैं, जबकि यहां पर केवल रसूखदारों को बचाने का काम किया जा रहा है।
जॉनी, दुकानदार।
- हाईवे अथॉरिटी ने जितना अतिक्रमण हटाने को बोला, उतना दुकानदारों ने हटा लिया जबकि कुछ कब्जे खुदे अथॉरिटी ने हटवाए। मगर क्षेत्र में जिसका सबसे ज्यादा कब्जा था अथॉरिटी के अधिकारियों ने वहां एक इंच भी कार्रवाई नहीं की जोकि समझ से परे है। यह भेदभावपूर्ण नीति है।
हरमीत, दुकानदार।
- दुकानदारों को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि रसूखदारों को छोड़ा जा रहा है। इस संबंध में कई बार अथॉरिटी अधिकारियों को कहा भी गया है, मगर मौखिम तौर पर वह आश्वासन देते हैं, जबकि धरातल पर उन्हें ही परेशान किया जा रहा है। अथॉरिटी का रवैया समझ से परे है।
अमित वशिष्ठ, दुकानदार।
- जगाधरी रोड कितनी चौड़ी होगी और उनकी दुकानों की सही पैमाइश क्या है, इसकी जानकारी तक अथॉरिटी के अधिकारी नहीं दे रहे हैं। बीते दो माह से दुकानदारों को अंधेरे में रखा गया है। केवल दुकानों पर पीला पंजा चला दिया गया, जबकि रसूखदारों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
तरण कंबोज, दुकानदार।
22 फरवरी होगी अब मामले में सुनवाई
नेशनल हाईवे पर अतिक्रमण मामले को लेकर सोमवार को हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई थी। मगर अगली सुनवाई के लिए 22 फरवरी की तारीख तय की गई है।
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कोट्स
लोगों द्वारा लगाए गए आरोप बेबुनियाद है। डॉक्टर की बिल्डिंग का मामला कोर्ट में अभी विचाराधीन है। कोर्ट जैसे ही आदेश करेगा इस मामले में भी कार्रवाई होगी। महेश नगर के किसी भी दुकानदार से भेदभाव नहीं किया जा रहा। नियम के अनुसार काम रो रहा है। -वीके शर्मा, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, नेशनल हाईवे अथॉरिटी, अंबाला।