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यहां खत्म हो जाती हैं मजहब की दीवारें

Sun, 02 Sep 2018 01:17 AM IST
Updated Sun, 02 Sep 2018 01:17 AM IST
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यहां खत्म हो जाती हैं मजहब की दीवारें
हिंदू-सिख एकता की मिसाल हैं लालकुर्ती का मंदिर और गुरुद्वारा
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। आपसी भाईचारे की मिसाल अंबाला में देखने को मिलती है। कृष्ण जन्माष्टमी हो या फिर गुरुद्वारे में कीर्तन समागम। यहां पर मजहब की दीवारें आकर समाप्त हो जाती हैं। अंबाला कैंट के लालकुर्ती में ठीक साथ-साथ बने सनातन धर्म मंदिर और गुरुद्वारे में धार्मिकता की दीवारें टूट चुकी हैं। दोनों समुदाय के लोग आपस में मिलकर हर त्योहार मनाते हैं। यह मंदिर और गुरुद्वारा पूरे समाज में हिंदू-सिख एकता की मिसाल प्रस्तुत कर रहे हैं।
जीटी रोड के ठीक साथ स्थित लालकुर्ती क्षेत्र में मंदिर और गुरुद्वारे साथ-साथ बने हुए हैं। मंदिर और गुरुद्वारा कमेटी हर समागम में पूरे समाज को कौमी एकता का उदाहरण प्रस्तुत करती हैं। कृष्ण जन्माष्टमी पर संपूर्ण मंदिर को बखूबी जगमग रोशनी से सजाया गया है। वहीं मंदिर के साथ-साथ गुरुद्वारे में भी मंदिर कमेटी द्वारा रोशनी की गई है। भगवान के जन्म को यहां कौमी दीवारें तोड़ आपसी भाईचारे का बखूबी संदेश प्रदान कर रही हैं। ऐसा नहीं है कि केवल मंदिर कमेटी ही कृष्ण जन्माष्टमी पर कार्यक्रम का आयोजन करती है। इस आयोजन में गुरुद्वारा कमेटी का भी भरपूर सहयोग रहता है। मंदिर में भंडारा हो तो गुरुद्वारे के हाल का प्रयोग किया जाता है जबकि गुरुद्वारे में लंगर हो तो मंदिर प्रांगण में पंक्तियां लगाकर संगत यहां पर लंगर छकती है। ऐसा नहीं है कि पहली बार ऐसा किया जा रहा हो, यह परंपरा बीते कई वर्षों से यहां चल रही है जिसका श्रद्धालु पूरी तरह से निर्वाह कर रहे हैं। इसी परंपरा ने दोनों पक्षों को कभी टूटने या बिखरने नहीं दिया है।
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गुरुद्वारा-मंदिर दे रहे भाईचारे का संदेश : यादव
लालकुर्ती सनातन धर्म मंदिर कमेटी के अध्यक्ष नवीन यादव ने कहा कि गुरुद्वारा एवं मंदिर आपसी भाईचारे का संदेश दे रहे हैं और हर त्योहार यहां धूमधाम से मनाया जाता है। चाहे मंदिर हो या गुरुद्वारा, आपस में मिलकर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। नवीन यादव ने बताया कि शनिवार को प्रभातफेरी निकाली गई जिसमें स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। उन्होंने बताया कि जन्माष्टमी पर राधा-कृष्ण का नृत्य और बाहर से आए कलाकारों द्वारा भजन आकर्षण का मुख्य केंद्र रहेंगे। रविवार को शोभा यात्रा मंदिर से शुरू होकर छावनी के विभिन्न बाजारों से निकलेगी।
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दोनों कमेटियां मिलकर मनाती हैं हर त्योहार : नीटू
लालकुर्ती गुरुद्वारा कमेटी के अध्यक्ष दविंद्रपाल सिंह नीटू ने कहा कि बीते कई वर्षों से दोनों कमेटियां एक साथ मिलकर हर त्योहार मनाती हैं। हर संभव मदद मंदिर या गुरुद्वारा कमेटी के आयोजनों में एक-दूसरे को की जाती है। क्षेत्र में आपसी भाईचारे का माहौल इस एकता से कायम है।
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