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- हड़ताल पर बैठे 132 कर्मचारी अब तक लौट चुके काम पर
Updated Wed, 13 Dec 2017 01:06 AM IST
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विभाग आज थमाएगा 271 एनएचएम कर्मियों को बर्खास्तगी के नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी।
मांगे मनवाने के लिए आठ दिन से हड़ताल पर बैठे एनएचएम कर्मचारियों पर अब बर्खास्तगी की तलवार लटक गई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा बार-बार निवेदन करने पर जो कर्मी वापस काम पर नहीं लौटे हैं, उन्हें विभाग द्वारा अब बर्खास्तगी के नोटिस जारी किए गए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग ने जिले में बर्खास्त होने वाले कर्मियों की सूची मंगलवार को तैयार कर ली है और बुधवार सुबह कर्मियों को नोटिस थमा दिए जाएंगे। दूसरी ओर कई कर्मचारी हड़ताल समाप्त करने को लेकर राजी नहीं है और अंत तक लड़ाई लड़ने की बात कर रहे हैं। मगर, हड़ताल पर बैठे 132 कर्मचारी प्रदर्शन छोड़ वापस काम पर भी लौट आए हैं।
जानकारी मुताबिक स्वास्थ्य विभाग ने 271 कर्मियों की सूची तैयार की है जिन्हें अब बर्खास्तगी के नोटिस थमाए जाने हैं। हालांकि जिले में कुल 567 एनएचएम कर्मचारी है जिनमें से 403 कर्मियों ने हड़ताल का समर्थन किया था और वह हड़ताल पर बैठ गए थे। मगर सरकार व विभाग द्वारा बार-बार अनुरोध करने और बर्खास्तगी का डरावा देने पर 132 कर्मचारियों ने वापस ड्यूटी भी ज्वाइन कर ली है। शेष बचे 271 कर्मियों पर बर्खास्तगी की तलवार लटकी पड़ी है। यह कर्मी बीते आठ दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं।
उधर, मंगलवार को एनएचएम कर्मियों ने ट्रॉमा सेंटर पर प्रदर्शन किया और हड़ताल को जारी रखा। इस दौरान सरकार व स्वास्थ्य विभाग विरोधी नारेबाजी की गई। उन्होंने कहा कि वह अपनी मांगों को लेकर अर्से से संघर्ष कर रहे हैं, मगर सुनवाई नहीं हो रही है। अब तक केवल सरकार से आश्वासन ही उन्हें मिले हैं मगर अब जब तक मांगे पूरी नहीं होती वह हड़ताल समाप्त नहीं करेंगे। उधर हड़ताल के दौरान कांग्रेस नेता हिम्मत सिंह और जिला परिषद के वाइस चेयरमैन रजनीश व अन्य ने कर्मचारियों का समर्थन किया और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
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कर्मचारियों के काम पर लौटने से मिली राहत
हड़ताल से छोड़ वापस कार्य पर कर्मियों के लौटने से अब स्वास्थ्य विभाग को कुछ राहत मिली है। अस्पताल में एनएचएम कर्मियों की कमी को पूरा करने के लिए विभाग द्वारा मेडिकल कालेज, मिशन अस्पताल व अन्य संस्थानों से स्टाफ उपलब्ध रहा था जिस वजह से ज्यादा परेशानी नहीं हुई। मगर अब कई कर्मियों के लौटने से और राहत मिली है। दूसरी ओर विभाग द्वारा नए सिरे से भी एनएचएम कर्मियों की भर्ती प्रक्रिया आरंभ करने पर विचार कर रहा है। इस मसले पर स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि नए सिरे से कर्मियों की भर्ती की जाएगी। जिला स्तर पर नई भर्ती के लिए विभागीय अधिकारियों ने कार्रवाई भी आरंभ कर दी है।
हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे : तरणदीप सिंह
एनएचएम कर्मचारी संघ जिला अध्यक्ष तरणदीप सिंह ने बताया कि कुछ कर्मचारी हड़ताल से वापस काम पर लौट गए हैं, मगर अब भी अधिकतर कर्मी हड़ताल पर डटे हैं। जब तक सरकार उन्हें कोई लिखित आश्वासन नहीं देती तब तक वह हड़ताल से नहीं उठेंगे। यदि कर्मियों को बर्खास्त करने का प्रयास किया गया तो हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा। कर्मचारी सरकार द्वारा बर्खास्तगी की दी जा रही धमकियों से डरने वाले नहीं है। मांगे मनवाने के लिए वह पूरी लड़ाई लड़ेंगे।
बुधवार को 271 कर्मियों को बर्खास्त करने के नोटिस उन्हें थमा दिए जाएंगे। अब तक 132 कर्मचारी पुन: काम पर लौट जाए हैं। जिले में कुल 567 एनएचएम कर्मचारी हैं। नई भर्ती को लेकर विचार चल रहा है और इसे जल्द शुरू किया जाएगा। -डॉ. विनोद गुप्ता, सीएमओ, अंबाला।
उधर, 42वें दिन भी धरने पर डटे रहे अतिथि अध्यापक
वहीं मांगें मनवाने के लिए अतिथि अध्यापक संघ का विरोध प्रदर्शन और धरना 42वें दिन भी जारी रहा। शास्त्री कालोनी स्थित मंत्री निवास के समक्ष अध्यापक धरने पर बैठे रहे। इस दौरान पंचकूला ब्लॉक बरवाला से दिनेश कुमार, नरेंद्र शर्मा, भाग सिंह, कमल सिंह, रोहित सिंगला धरने पर बैठे। उन्होंने सरकार से मांगें पूरी करने की मांग को उठाया। उन्होंने कहा कि अभी तक सरकार से केवल आश्वासन ही मिले हैं जबकि मांग पूरी नहीं हुई।
वहीं बीएसएनएल की एग्जिक्यूटिव एसोसिएशन और नॉन एक्जिक्यूटिव यूनियनों की यूनाइट यूनियनों द्वारा विभिन्न मांगों को लेकर दो दिवसीय हड़ताल शुरू की गई। माल रोड पर यह हड़ताल शुरू हुई। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि बीएसएनएल कर्मियों का तीसरे वेतन संशोधन एक जनवरी 2017 से दिया जाए। इसके अलावा अन्य मांगों को भी उठाया गया।
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी।
मांगे मनवाने के लिए आठ दिन से हड़ताल पर बैठे एनएचएम कर्मचारियों पर अब बर्खास्तगी की तलवार लटक गई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा बार-बार निवेदन करने पर जो कर्मी वापस काम पर नहीं लौटे हैं, उन्हें विभाग द्वारा अब बर्खास्तगी के नोटिस जारी किए गए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग ने जिले में बर्खास्त होने वाले कर्मियों की सूची मंगलवार को तैयार कर ली है और बुधवार सुबह कर्मियों को नोटिस थमा दिए जाएंगे। दूसरी ओर कई कर्मचारी हड़ताल समाप्त करने को लेकर राजी नहीं है और अंत तक लड़ाई लड़ने की बात कर रहे हैं। मगर, हड़ताल पर बैठे 132 कर्मचारी प्रदर्शन छोड़ वापस काम पर भी लौट आए हैं।
जानकारी मुताबिक स्वास्थ्य विभाग ने 271 कर्मियों की सूची तैयार की है जिन्हें अब बर्खास्तगी के नोटिस थमाए जाने हैं। हालांकि जिले में कुल 567 एनएचएम कर्मचारी है जिनमें से 403 कर्मियों ने हड़ताल का समर्थन किया था और वह हड़ताल पर बैठ गए थे। मगर सरकार व विभाग द्वारा बार-बार अनुरोध करने और बर्खास्तगी का डरावा देने पर 132 कर्मचारियों ने वापस ड्यूटी भी ज्वाइन कर ली है। शेष बचे 271 कर्मियों पर बर्खास्तगी की तलवार लटकी पड़ी है। यह कर्मी बीते आठ दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं।
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उधर, मंगलवार को एनएचएम कर्मियों ने ट्रॉमा सेंटर पर प्रदर्शन किया और हड़ताल को जारी रखा। इस दौरान सरकार व स्वास्थ्य विभाग विरोधी नारेबाजी की गई। उन्होंने कहा कि वह अपनी मांगों को लेकर अर्से से संघर्ष कर रहे हैं, मगर सुनवाई नहीं हो रही है। अब तक केवल सरकार से आश्वासन ही उन्हें मिले हैं मगर अब जब तक मांगे पूरी नहीं होती वह हड़ताल समाप्त नहीं करेंगे। उधर हड़ताल के दौरान कांग्रेस नेता हिम्मत सिंह और जिला परिषद के वाइस चेयरमैन रजनीश व अन्य ने कर्मचारियों का समर्थन किया और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
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कर्मचारियों के काम पर लौटने से मिली राहत
हड़ताल से छोड़ वापस कार्य पर कर्मियों के लौटने से अब स्वास्थ्य विभाग को कुछ राहत मिली है। अस्पताल में एनएचएम कर्मियों की कमी को पूरा करने के लिए विभाग द्वारा मेडिकल कालेज, मिशन अस्पताल व अन्य संस्थानों से स्टाफ उपलब्ध रहा था जिस वजह से ज्यादा परेशानी नहीं हुई। मगर अब कई कर्मियों के लौटने से और राहत मिली है। दूसरी ओर विभाग द्वारा नए सिरे से भी एनएचएम कर्मियों की भर्ती प्रक्रिया आरंभ करने पर विचार कर रहा है। इस मसले पर स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि नए सिरे से कर्मियों की भर्ती की जाएगी। जिला स्तर पर नई भर्ती के लिए विभागीय अधिकारियों ने कार्रवाई भी आरंभ कर दी है।
हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे : तरणदीप सिंह
एनएचएम कर्मचारी संघ जिला अध्यक्ष तरणदीप सिंह ने बताया कि कुछ कर्मचारी हड़ताल से वापस काम पर लौट गए हैं, मगर अब भी अधिकतर कर्मी हड़ताल पर डटे हैं। जब तक सरकार उन्हें कोई लिखित आश्वासन नहीं देती तब तक वह हड़ताल से नहीं उठेंगे। यदि कर्मियों को बर्खास्त करने का प्रयास किया गया तो हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा। कर्मचारी सरकार द्वारा बर्खास्तगी की दी जा रही धमकियों से डरने वाले नहीं है। मांगे मनवाने के लिए वह पूरी लड़ाई लड़ेंगे।
बुधवार को 271 कर्मियों को बर्खास्त करने के नोटिस उन्हें थमा दिए जाएंगे। अब तक 132 कर्मचारी पुन: काम पर लौट जाए हैं। जिले में कुल 567 एनएचएम कर्मचारी हैं। नई भर्ती को लेकर विचार चल रहा है और इसे जल्द शुरू किया जाएगा। -डॉ. विनोद गुप्ता, सीएमओ, अंबाला।
उधर, 42वें दिन भी धरने पर डटे रहे अतिथि अध्यापक
वहीं मांगें मनवाने के लिए अतिथि अध्यापक संघ का विरोध प्रदर्शन और धरना 42वें दिन भी जारी रहा। शास्त्री कालोनी स्थित मंत्री निवास के समक्ष अध्यापक धरने पर बैठे रहे। इस दौरान पंचकूला ब्लॉक बरवाला से दिनेश कुमार, नरेंद्र शर्मा, भाग सिंह, कमल सिंह, रोहित सिंगला धरने पर बैठे। उन्होंने सरकार से मांगें पूरी करने की मांग को उठाया। उन्होंने कहा कि अभी तक सरकार से केवल आश्वासन ही मिले हैं जबकि मांग पूरी नहीं हुई।
वहीं बीएसएनएल की एग्जिक्यूटिव एसोसिएशन और नॉन एक्जिक्यूटिव यूनियनों की यूनाइट यूनियनों द्वारा विभिन्न मांगों को लेकर दो दिवसीय हड़ताल शुरू की गई। माल रोड पर यह हड़ताल शुरू हुई। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि बीएसएनएल कर्मियों का तीसरे वेतन संशोधन एक जनवरी 2017 से दिया जाए। इसके अलावा अन्य मांगों को भी उठाया गया।