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Ambala News: कपाल मोचन मेले के दूसरे दिन श्रद्धालुओं को लेकर गई 45 अतिरिक्त बसें

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 03 Nov 2025 02:23 AM IST
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45 additional buses took the devotees on the second day of the Kapal Mochan fair.
मन्नत पूरी होने के बाद बेटी और बेटे के साथ मेले में जाते सुनील कुमार। संवाद
अंबाला। कपाल मोचन मेले के दूसरे दिन रोडवेज अधिकारियों ने 45 अतिरिक्त बसें लगाईं, जो रात तक श्रद्धालुओं को लेकर मेले में गईं। पहली बस छावनी बस अड्डे से सुबह छह बजकर 30 मिनट पर श्रद्धालुओं को लेकर रवाना हुई। इस दौरान श्रद्धालुओं को देखते हुए रोडवेज ने बस अड्डे पर कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जो श्रद्धालुओं की मदद करते नजर आए। पहले दिन की 23 बसों के मुकाबले दूसरे दिन 45 बसें श्रद्धालुओं को लेकर मेले में गईं। पंजाब और हिमाचल से आने वाले श्रद्धालुओं का अंबाला छावनी बस अड्डे पर आना जाना लगा रहा। वहीं रोडवेज की ओर से हरनौली और साढ़ौरा के पास बनाई गई चेक पोस्ट पर सभी बसों में निरीक्षक टिकट चेक करते नजर आए।
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बेटा होने की मन्नत हुई पूरी
पंजाब के जिला संगरूर बहादुरपुर निवासी सुनील कुमार ने बताया कि उसने पास दो बेटियां हैं उन्होंने बेटा होने की मन्नत मांग थी जो पूरी हो गई है। अब वह अपनी पत्नी, बेटियों और डेढ़ महीने के बेटे को लेकर मेले में आस्था की डुबकी लगाने जा रहे हैं।
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कोठी और ट्रैक्टर की मन्नत हुई पूरी
पंजाब के जिला मोगा गांव पत्तों हीरा निवासी कुलजीत सिंह ने बताया कि उन्हें मेले में जाते हुए 15 साल हो गए हैं। 15 साल पहले उन्होंने कोठी बनने की मन्नत मांगी जो पूरी हो गई। इसके बाद ट्रैक्टर लेने की मन्नत मांगी वह भी पूरी हो गई अब उनके पास दो ट्रैक्टर हैं। इस बार फिर से वह मेले में जा रहे हैं।
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साले के घर बेटा होने की मांगी मन्नत हुई पूरी
पंजाब के जिला मोगा निवासी हरप्रीत सिंह ने बताया कि उसके साले के विवाह को कई साल हो गए। उनके पास कोई बेटा नहीं था, इसके बाद उन्होंने तीन साल पहले साले के घर बेटा हो ऐसी मन्नत मांगी आज साले का बेटा एक महीने का हो गया है इस तरह से उनकी मन्नत पूरी हो गई अब वह मेले में जा रहे है।



मेले में जाते हैं सामान बेचने
मलेरकोटला निवासी सुरजीत सिंह ने बताया कि वह पिछले तीस साल से मेले में जा रहे हैं वह मेले में दर्शन करने के साथ साथ घोड़ों को सजाने का सामान बेचते हैं वह पांच दिन तक मेले में रहते हैं जब से उन्होंने मेले में जाना शुरू किया है तब से उनके घर में सुख समृद्धि आई है।

मन्नत पूरी होने के बाद बेटी और बेटे के साथ मेले में जाते सुनील कुमार। संवाद

मन्नत पूरी होने के बाद बेटी और बेटे के साथ मेले में जाते सुनील कुमार। संवाद

मन्नत पूरी होने के बाद बेटी और बेटे के साथ मेले में जाते सुनील कुमार। संवाद

मन्नत पूरी होने के बाद बेटी और बेटे के साथ मेले में जाते सुनील कुमार। संवाद

मन्नत पूरी होने के बाद बेटी और बेटे के साथ मेले में जाते सुनील कुमार। संवाद

मन्नत पूरी होने के बाद बेटी और बेटे के साथ मेले में जाते सुनील कुमार। संवाद

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