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ठोस व कूड़ा प्रबंधन की योजनाओं को धरातल पर लागू करें सरपंच : एडीसी
Updated Sun, 14 Oct 2018 01:05 AM IST
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ठोस व तरल कूड़ा प्रबंधन की योजनाओं को धरातल पर लागू करें सरपंच : एडीसी
फोटो नंबर-------5
पंचायत भवन में ‘सशक्त पंचायत-सशक्त भारत’ पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों का आह्वान किया कि वे मूलभूत सुविधाओं के लिए ग्रामीण विकास कार्यों के साथ-साथ ठोस व तरल कूड़ा प्रबंधन की योजनाओं को भी धरातल पर लागू करें। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के बिना विकास का सही मकसद हल नहीं हो सकता और इसके लिए सरपंचों को जनसहभागिता सुनिश्चित करने के लिए ठोस प्रयास करने होंगे।
सिंह शनिवार को सामाजिक न्याय संगठन व जिला प्रशासन द्वारा पंचायत भवन में पंचायती राज संस्थाओं के क्षमता विकास संवर्धन ‘सशक्त पंचायत-सशक्त भारत’ एक दिवसीय कार्यशाला के प्रतिभागी सरपंचों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की बहुत ऐसी योजनाएं हैं जिनके क्रियान्वयन में गांव का सहयोग अनिवार्य किया गया है लेकिन ज्ञान के अभाव और गांव से पर्याप्त सहयोग न मिलने के कारण योजनाएं धरातल पर लागू नहीं हो पाती। गांव के प्रत्येक व्यक्ति को मानसिक रूप से इस बात के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता है कि हर सरकारी व पंचायती सुविधा में उनका भी बराबर का हिस्सा है।
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संरक्षण और जल प्रबंधन पर बल देने पर जोर
एडीसी ने कहा कि विकास के साथ-साथ संरक्षण और जल प्रबंधन पर भी विशेष बल देने की आवश्यकता है। ग्रामीण अंचल में ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देकर पर्यावरण व मानव स्वास्थ्य को सुरक्षा कवच प्रदान किया जा सकता है। लोगों को इस बात के लिए प्रेरित करने की भी आवश्यकता है कि वे पानी के प्राकृतिक बहाव से छेड़छाड़ न करें और खेती के वैज्ञानिक दृष्टिकोण को अपनाकर प्राकृतिक स्रोतों का संरक्षण करने में सहयोग दें। उन्होंने कहा कि विकास बिना भेदभाव और सामाजिक समरस्ता की भावना किया जाना चाहिए।
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मुख्य वक्ता व तकनीकी विशेषज्ञ डा. सीएस प्राण ने कहा कि सरपंच नई सोच के साथ अपने अधिकारों को समझें और उन्हें धरातल पर लागू करके गांव के विकास के साथ-साथ अन्य लोगों के लिए उदाहरण प्रस्तुत करें। कार्यशाला में दिल्ली से आए आरपीएस ठाकुर, ऋषिपाल सिंह, डॉ. अमित चोपड़ा, राज्य बाल संरक्षण आयोग के सदस्य परमजीत सिंह बड़ौला व अन्य विशेषज्ञों ने भी प्रतिभागियों को ग्रामीण विकास विषय पर जानकारी दी। कार्यक्रम में एडीसी कार्यालय के परियोजना अधिकारी ईशम सिंह मैहला, परमजीत सिंह बड़ौला, सामाजिक न्याय संगठन के पदाधिकारी हरबंस सिंह, देवेंद्र पाल, विकास बहगल, मस्तान सिंह ठरवा सहित 50 से अधिक गांवों के सरपंच उपस्थित रहे।
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फोटो नंबर-------5
पंचायत भवन में ‘सशक्त पंचायत-सशक्त भारत’ पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों का आह्वान किया कि वे मूलभूत सुविधाओं के लिए ग्रामीण विकास कार्यों के साथ-साथ ठोस व तरल कूड़ा प्रबंधन की योजनाओं को भी धरातल पर लागू करें। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के बिना विकास का सही मकसद हल नहीं हो सकता और इसके लिए सरपंचों को जनसहभागिता सुनिश्चित करने के लिए ठोस प्रयास करने होंगे।
सिंह शनिवार को सामाजिक न्याय संगठन व जिला प्रशासन द्वारा पंचायत भवन में पंचायती राज संस्थाओं के क्षमता विकास संवर्धन ‘सशक्त पंचायत-सशक्त भारत’ एक दिवसीय कार्यशाला के प्रतिभागी सरपंचों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की बहुत ऐसी योजनाएं हैं जिनके क्रियान्वयन में गांव का सहयोग अनिवार्य किया गया है लेकिन ज्ञान के अभाव और गांव से पर्याप्त सहयोग न मिलने के कारण योजनाएं धरातल पर लागू नहीं हो पाती। गांव के प्रत्येक व्यक्ति को मानसिक रूप से इस बात के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता है कि हर सरकारी व पंचायती सुविधा में उनका भी बराबर का हिस्सा है।
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संरक्षण और जल प्रबंधन पर बल देने पर जोर
एडीसी ने कहा कि विकास के साथ-साथ संरक्षण और जल प्रबंधन पर भी विशेष बल देने की आवश्यकता है। ग्रामीण अंचल में ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देकर पर्यावरण व मानव स्वास्थ्य को सुरक्षा कवच प्रदान किया जा सकता है। लोगों को इस बात के लिए प्रेरित करने की भी आवश्यकता है कि वे पानी के प्राकृतिक बहाव से छेड़छाड़ न करें और खेती के वैज्ञानिक दृष्टिकोण को अपनाकर प्राकृतिक स्रोतों का संरक्षण करने में सहयोग दें। उन्होंने कहा कि विकास बिना भेदभाव और सामाजिक समरस्ता की भावना किया जाना चाहिए।
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मुख्य वक्ता व तकनीकी विशेषज्ञ डा. सीएस प्राण ने कहा कि सरपंच नई सोच के साथ अपने अधिकारों को समझें और उन्हें धरातल पर लागू करके गांव के विकास के साथ-साथ अन्य लोगों के लिए उदाहरण प्रस्तुत करें। कार्यशाला में दिल्ली से आए आरपीएस ठाकुर, ऋषिपाल सिंह, डॉ. अमित चोपड़ा, राज्य बाल संरक्षण आयोग के सदस्य परमजीत सिंह बड़ौला व अन्य विशेषज्ञों ने भी प्रतिभागियों को ग्रामीण विकास विषय पर जानकारी दी। कार्यक्रम में एडीसी कार्यालय के परियोजना अधिकारी ईशम सिंह मैहला, परमजीत सिंह बड़ौला, सामाजिक न्याय संगठन के पदाधिकारी हरबंस सिंह, देवेंद्र पाल, विकास बहगल, मस्तान सिंह ठरवा सहित 50 से अधिक गांवों के सरपंच उपस्थित रहे।