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ट्विन सिटी में हर दिन पशुओं की वजह से सड़कों पर हादसे

Thu, 23 Aug 2018 01:12 AM IST
Updated Thu, 23 Aug 2018 01:12 AM IST
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ट्विन सिटी में हर दिन पशुओं की वजह से सड़कों पर हादसे
ट्विन सिटी में हर दिन पशुओं की वजह से हो रहे सड़कों पर हादसे
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रमिंद्र सिंह
अंबाला सिटी। ट्विन सिटी में सड़कों पर दौड़ते लावारिस पशु मुख्य मुद्दा बनते जा रहे हैं। नगर निगम की लापरवाही लोगों के जीवन से खिलवाड़ कर रही है। यूटीलिटी कोर्ट में वरिष्ठ वकीलों द्वारा निगम के खिलाफ केस दायर करने के बाद अब लोग निगम के खिलाफ भी एकजुट हो रहे हैं। वहीं स्काउट्स एंड गाइड्स फॉर एनीमल एंड बर्ड्स संस्था ने तो इस मुद्दे पर लापरवाही बरतने वाले निगम कमिश्नर के खिलाफ ही केस दर्ज करने की चेतावनी दी है। संस्था ने कहा कि सरकार हर वर्ष लगभग पंद्रह लाख का बजट जारी करती है, मगर यह बजट कहां जाता है। निगम सीमा में लावारिस पशु हो ही नहीं सकते और इसी एक्ट के तहत निगम अधिकारियों पर केस दर्ज कराया जा सकता है। दूसरी ओर जीटी रोड एवं अन्य मुख्य मार्गों पर भी लावारिस पशु हादसों का कारण बन रहे हैं। अभी दो दिन पहले ही जीटी रोड पर कुरुक्षेत्र सीमा में अंबाला के एक नामी आढ़ती की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। यह हादसा पशु की वजह से हुआ था। अंबाला में भी जीटी रोड पर खासकर रात्रि के समय लावारिस पशुओं की भरमार है जोकि बड़े हादसे को अंजाम दे सकते हैं, मगर निगम इस ओर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहा है जबकि गोसेवा से जुड़ी संस्थाएं इस मुद्दे को लेकर कई बार निगम एवं प्रशासन को आगाह कर चुकी हैं।
गोशाला प्रबंधक नहीं रख रहे पशु
ट्विन सिटी में कहने को इस समय छह गोशालाएं हैं जहां पर लावारिस पशु पकड़कर रखे जा सकते हैं। सिटी में सुल्लर, मंजी साहिब के पास दो गोशाला, मोखा माजरा एवं पंजोखरा में गोशाला है जबकि कैंट में रामबाग में गोशाला है। मगर, गोशालाओं के संचालक गोसेवा से जुड़ी संस्थाओं द्वारा पकड़े गए पशुओं को लेने से ही मना कर रहे हैं। गोशाला संचालक केवल दूध देने वाली गाय को रखने में दिलचस्पी दिखाते हैं जबकि घायल पशु, बछड़ा, सांड आदि को अपने पास नहीं रखते। ऐसे पशुओं को गोशाला में छोड़ने के लिए विधायक तक से सिफारिश करानी पड़ रही है। निगम के कर्मी तो कहीं दूर-दूर तक दिखाई नहीं देते।
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हर दिन औसतन पशुओं से दो हादसे
ट्विन सिटी में औसतन पशुओं की वजह से दो हादसे हो रहे हैं। श्रीकृष्ण गऊ सेवा सोसाइटी के अध्यक्ष मोनू चावला ने बताया कि प्रतिदिन औसतन दो से तीन कॉल उनके पास सड़क हादसों की आ रही हैं। बीती रात ही जलबेड़ा रोड पर एक बछड़ा वाहन चालक के आगे आ गया जिस कारण चालक घायल हुआ व बछड़ा भी मर गया। इससे पहले अग्रसेन चौक के निकट भी बछड़ा वाहन चालक के आगे आ गया। उन्होंने बताया कि उनकी टीम के पास औसतन दो से तीन कॉल आ रही हैं।
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अंबाला के व्यापारी की मौत पर भी नहीं चेता प्रशासन
दो दिन पहले ही कुरुक्षेत्र में जीटी रोड पर रात्रि में टैंकर के आगे पशु आ गया था जिस वजह से अंबाला के व्यापारी गौतम गर्ग की कार टैंकर से भिड़ गई थी। इस हादसे के बाद भी जिला प्रशासन व नगर निगम नहीं चेता है। अमर उजाला ने जीटी रोड पर पड़ताल की तो रात्रि के समय कई लावारिस पशु नजर आए। यह पशु किसी भी वाहन चालक के लिए भी हादसे का कारण बन सकते हैं। मगर न ही निगम और न ही प्रशासन द्वारा अब तक इस पर कोई संज्ञान लिया गया है।

निगम कमिश्नर पर दर्ज कराएंगे मुकद्दमा : कादियान
स्काउट्स एंड गाइड्स फॉर एनीमल एंड बर्ड्स संस्था के अध्यक्ष नरेश कादियान ने बताया कि अंबाला में लावारिस पशुओं का मामला गंभीरता बनता जा रहा है और उनके संज्ञान में मामला है। मामले में संस्था द्वारा निगम कमिश्नर पर केस दर्ज करवाया जाएगा। निगम सीमा में यदि लावारिस पशु है तो यह निगम अफसर की जिम्मेदारी है। पूर्व में सवा तीन करोड़ रुपये का बजट प्रदेश को जारी किया था। यानि हर जिले में करीब पंद्रह लाख रुपये एनीमल हस्बेंडरी विभाग के पास लावारिस पशुओं पर लगाम कसने के लिए पहुंचे हैं, मगर प्रशासन व निगम इसका सही उपयोग नहीं कर रहे हैं और यही वजह है कि सड़कों पर स्थिति खराब होती जा रही है।
कोट्स
नगर निगम लावारिस पशुओं पर लगाम कसने की कार्रवाई कर रहा है। पशुओं को पकड़ा जा रहा है, यदि कोई दिक्कत है तो इसे दूर किया जाएगा।
-धर्मबीर सिंह, कमिश्नर, नगर निगम, अंबाला।
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