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Ambala News: 331 में 243 तालाब प्रदूषित, दो साल में सिर्फ 28 हुए साफ
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विधानसभा क्षेत्र के गांवों में तालाबों की बदहाली पर विधायक पूजा चौधरी ने सरकार को घेरा
संवाद न्यूज एजेंसी
मुलाना। विधानसभा क्षेत्र के गांवों में तालाबों की बदहाली और जल निकासी की समस्या पर विधायक पूजा चौधरी ने सरकार को घेरा है। विधानसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण पंवार ने जो आंकड़े पेश किए, वे चौंकाने वाले हैं। आंकड़ों के मुताबिक, मुलाना के 159 गांवों में 331 तालाब हैं, जिनमें से 243 तालाब भारी प्रदूषण की चपेट में हैं, यानी क्षेत्र का हर चौथा तालाब गंदगी से लबालब है।
साहा और बराड़ा ब्लॉक की स्थिति सबसे खराब
रिपोर्ट के अनुसार, प्रदूषण का सबसे बुरा असर साहा और बराड़ा ब्लॉक में देखने को मिला है। साहा ब्लॉक में 129 में से 104 और बराड़ा में 149 में से 108 तालाब प्रदूषित हैं। अंबाला-1 ब्लॉक में भी 46 में से 25 तालाबों की स्थिति दयनीय है। विधायक ने कहा कि पिछले दो वर्षों में सरकार ने महज 28-29 तालाबों की सफाई की है, जोकि नाकाफी है।
काम की सुस्त रफ्तार पर उठाए सवाल
विधायक पूजा चौधरी ने बातचीत में कहा कि गांव-गांव में जल निकासी एक नासूर बन चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार तालाबों के जीर्णोद्धार को लेकर गंभीर नहीं है। वर्तमान में केवल 30 तालाबों पर काम चल रहा है, जिसके पूरा होने की समय सीमा भी मार्च और अगस्त 2026 तय की गई है। विधायक ने मांग की है कि सरकार कागजी कार्यवाही छोड़कर युद्ध स्तर पर तालाबों की सफाई कराए ताकि ग्रामीणों को नारकीय जीवन से मुक्ति मिल सके।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुलाना। विधानसभा क्षेत्र के गांवों में तालाबों की बदहाली और जल निकासी की समस्या पर विधायक पूजा चौधरी ने सरकार को घेरा है। विधानसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण पंवार ने जो आंकड़े पेश किए, वे चौंकाने वाले हैं। आंकड़ों के मुताबिक, मुलाना के 159 गांवों में 331 तालाब हैं, जिनमें से 243 तालाब भारी प्रदूषण की चपेट में हैं, यानी क्षेत्र का हर चौथा तालाब गंदगी से लबालब है।
साहा और बराड़ा ब्लॉक की स्थिति सबसे खराब
रिपोर्ट के अनुसार, प्रदूषण का सबसे बुरा असर साहा और बराड़ा ब्लॉक में देखने को मिला है। साहा ब्लॉक में 129 में से 104 और बराड़ा में 149 में से 108 तालाब प्रदूषित हैं। अंबाला-1 ब्लॉक में भी 46 में से 25 तालाबों की स्थिति दयनीय है। विधायक ने कहा कि पिछले दो वर्षों में सरकार ने महज 28-29 तालाबों की सफाई की है, जोकि नाकाफी है।
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काम की सुस्त रफ्तार पर उठाए सवाल
विधायक पूजा चौधरी ने बातचीत में कहा कि गांव-गांव में जल निकासी एक नासूर बन चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार तालाबों के जीर्णोद्धार को लेकर गंभीर नहीं है। वर्तमान में केवल 30 तालाबों पर काम चल रहा है, जिसके पूरा होने की समय सीमा भी मार्च और अगस्त 2026 तय की गई है। विधायक ने मांग की है कि सरकार कागजी कार्यवाही छोड़कर युद्ध स्तर पर तालाबों की सफाई कराए ताकि ग्रामीणों को नारकीय जीवन से मुक्ति मिल सके।
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