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Ambala News: सरकारी नाले के ऊपर बने 22 खोखे किए ध्वस्त, संचालक भड़के
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अंबाला छावनी में 12 क्रॉस रोड पर खोखों को तोड़ती जेसीबी। संवाद
- लोग बोले- एक-एक लाख रुपये खर्च करके रोजगार का किया था इंतजाम, पहले क्यों नहीं रोका
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। सेवा समिति स्कूल के नजदीक सरकारी नाले पर करीब छह माह पहले अवैध रूप से बनाए गए 22 खोखे नगर परिषद की टीम ने जेसीबी से ध्वस्त कर दिए। इस कार्रवाई का खोखा संचालकों ने कड़ा विरोध किया। उनका कहना था कि एक-एक लाख रुपये खर्च करके इन खोखों को बनवाया था। जब खोखे तैयार हो गए और उन्होंने काम-धंधा शुरू कर दिया तो अब नगर परिषद की टीम ने बिना पूर्व सूचना के इन्हें तोड़ दिया। यह कार्रवाई पुलिस की मौजूदगी में हुई।
कार्रवाई से आक्रोशित दुकानदारों का कहना है कि उन्होंने पाई-पाई जोड़कर करीब 22 लाख रुपये की लागत से ये खोखे तैयार किए थे। उन्होंने प्रशासन से सवाल किया कि जब इन खोखों का निर्माण हो रहा था तब अधिकारी क्यों सोए थे और जबकि इसकी शिकायत भी उनके पास पहुंची थी लेकिन अब सारा पैसा लग गया और व्यापार शुरू हुआ तो उन्हें बेघर कर दिया गया।
कर्ज लेकर बनाया था
हमने कर्ज लेकर रोजगार का जुगाड़ किया था। प्रशासन ने बिना किसी ठोस विकल्प के हमारी रोजी-रोटी छीन ली है। अब हम अपने बच्चों का पेट कैसे भरेंगे। हमारे इन खोखों से किसी के आवागमन में कोई बाधा नहीं थी। कुछ लोगों ने सड़क पर रेहड़ी खड़ी करके कब्जा किया हुआ है।
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- सौरभ कुमार
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सबकुछ खत्म हो गया
50 साल से यहां तहबाजारी के तहत काम कर रहे हैं। नगर परिषद को किराया भी देते आए हैं। उन्हें उम्मीद थी कि जिस प्रकार अन्य तहबाजारी की दुकानों का लोगों को मालिकाना हक मिला है। ऐसी सौगात उन्हें भी मिलेगी लेकिन आज सबकुछ खत्म हो गया।
गगनदीप सिंह।
कैसे पालेंगे परिवार
यह धक्काशाही है। गरीब के साथ हमेशा ऐसा होता आया है। पहले उन्हें यहां बसाने के निर्देश दिए गए और अब एकदम से उनकी दुकानों को तोड़ दिया गया है। ऐसे में उनके सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। परिवार का भरण-पोषण कैसे करेंगे, समझ नहीं आ रहा।
प्रदीप कुमार
प्रशासन ने कहा- बिना अनुमति हुआ था निर्माण
दूसरी ओर, नगर परिषद के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ये खोखे सरकारी नाले के ऊपर बिना किसी अनुमति के रखे गए थे। नाले पर अतिक्रमण के कारण जल निकासी बाधित हो रही थी। इससे आगामी मानसून में शहर में जलभराव का खतरा पैदा हो सकता था। अधिकारियों के मुताबिक, दुकानदारों को पहले चेतावनी दी गई थी लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
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सरकारी नाले पर अतिक्रमण की शिकायत मिली थी। जब मौके पर जाकर जांच की गई तो हालात कुछ और नजर आए इसलिए नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अवैध खोखों को हटा दिया गया है। साथ ही चेतावनी भी दी है कि अगर किसी ने दोबारा कब्जे का प्रयास किया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
देवेंद्र नरवाल, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद सदर,अंबाला
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। सेवा समिति स्कूल के नजदीक सरकारी नाले पर करीब छह माह पहले अवैध रूप से बनाए गए 22 खोखे नगर परिषद की टीम ने जेसीबी से ध्वस्त कर दिए। इस कार्रवाई का खोखा संचालकों ने कड़ा विरोध किया। उनका कहना था कि एक-एक लाख रुपये खर्च करके इन खोखों को बनवाया था। जब खोखे तैयार हो गए और उन्होंने काम-धंधा शुरू कर दिया तो अब नगर परिषद की टीम ने बिना पूर्व सूचना के इन्हें तोड़ दिया। यह कार्रवाई पुलिस की मौजूदगी में हुई।
कार्रवाई से आक्रोशित दुकानदारों का कहना है कि उन्होंने पाई-पाई जोड़कर करीब 22 लाख रुपये की लागत से ये खोखे तैयार किए थे। उन्होंने प्रशासन से सवाल किया कि जब इन खोखों का निर्माण हो रहा था तब अधिकारी क्यों सोए थे और जबकि इसकी शिकायत भी उनके पास पहुंची थी लेकिन अब सारा पैसा लग गया और व्यापार शुरू हुआ तो उन्हें बेघर कर दिया गया।
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कर्ज लेकर बनाया था
हमने कर्ज लेकर रोजगार का जुगाड़ किया था। प्रशासन ने बिना किसी ठोस विकल्प के हमारी रोजी-रोटी छीन ली है। अब हम अपने बच्चों का पेट कैसे भरेंगे। हमारे इन खोखों से किसी के आवागमन में कोई बाधा नहीं थी। कुछ लोगों ने सड़क पर रेहड़ी खड़ी करके कब्जा किया हुआ है।
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- सौरभ कुमार
सबकुछ खत्म हो गया
50 साल से यहां तहबाजारी के तहत काम कर रहे हैं। नगर परिषद को किराया भी देते आए हैं। उन्हें उम्मीद थी कि जिस प्रकार अन्य तहबाजारी की दुकानों का लोगों को मालिकाना हक मिला है। ऐसी सौगात उन्हें भी मिलेगी लेकिन आज सबकुछ खत्म हो गया।
गगनदीप सिंह।
कैसे पालेंगे परिवार
यह धक्काशाही है। गरीब के साथ हमेशा ऐसा होता आया है। पहले उन्हें यहां बसाने के निर्देश दिए गए और अब एकदम से उनकी दुकानों को तोड़ दिया गया है। ऐसे में उनके सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। परिवार का भरण-पोषण कैसे करेंगे, समझ नहीं आ रहा।
प्रदीप कुमार
प्रशासन ने कहा- बिना अनुमति हुआ था निर्माण
दूसरी ओर, नगर परिषद के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ये खोखे सरकारी नाले के ऊपर बिना किसी अनुमति के रखे गए थे। नाले पर अतिक्रमण के कारण जल निकासी बाधित हो रही थी। इससे आगामी मानसून में शहर में जलभराव का खतरा पैदा हो सकता था। अधिकारियों के मुताबिक, दुकानदारों को पहले चेतावनी दी गई थी लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
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सरकारी नाले पर अतिक्रमण की शिकायत मिली थी। जब मौके पर जाकर जांच की गई तो हालात कुछ और नजर आए इसलिए नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अवैध खोखों को हटा दिया गया है। साथ ही चेतावनी भी दी है कि अगर किसी ने दोबारा कब्जे का प्रयास किया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
देवेंद्र नरवाल, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद सदर,अंबाला

अंबाला छावनी में 12 क्रॉस रोड पर खोखों को तोड़ती जेसीबी। संवाद