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मैं मजबूर हूं! कैंट में लाना चाहता हूं और प्रोजेक्ट पर नहीं बची जमीन

Sat, 03 Nov 2018 01:16 AM IST
Updated Sat, 03 Nov 2018 01:16 AM IST
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मैं मजबूर हूं! कैंट में लाना चाहता हूं और प्रोजेक्ट पर नहीं बची जमीन
मैं मजबूर हूं! कैंट में लाना चाहता हूं और प्रोजेक्ट, पर नहीं बची जमीन
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फोटो समेत
स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री अनिल विज से अमर उजाला ने जिले की समस्याओं पर की विशेष बातचीत
विज बोले- शहर में सफाई व्यवस्था लड़खड़ाने पर अधिकारियों को लगाई थी फटकार
कहा- निजी लैब में अधिक रुपयों के लालच में नौकरी छोड़ रहे रेडियोलॉजिस्ट, जल्द डॉक्टरों की कमी पूरी होगी
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। अपनी टिप्पणी से सुर्खियों में रहने वाले प्रदेश के स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री व कैंट से विधायक अनिल विज अपने विधानसभा क्षेत्र में जगह की कमी के कारण अन्य प्रोजेक्ट नहीं ला पाने पर मजबूर हैं। उनका कहना है कि सरकार बनने के चार सालों में कई प्रोजेक्ट का काम पूरा हो चुका है तो कई का तेजी से चल रहा है। सुधार की प्रक्रिया जारी है। जल्द ही सफाई व्यवस्था और डॉक्टरों की कमी की समस्या को भी दूर कर लिया जाएगा।
अमर उजाला से जिले की समस्याओं पर विशेष बातचीत में मंत्री अनिल विज ने कहा कि मुझे चैलेंजिंग काम पसंद हैं। मैं अपना काम बखूबी कर रहा हूं। पांच साल पूरे होने तक विकास कार्यों में कोई कमी नहीं रहने दूंगा। विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है। जिले में सफाई व्यवस्था लड़खड़ाने के सवाल पर कहा कि मुझे भी जानकारी है। इस संबंध में अधिकारियों को भी फटकार लगाई थी तो उन्होंने ठेकेदार को जिम्मेदार बताया। डोर-टू-डोर कलेक्शन ठेकेदार ने लोगों से लिए रुपये नगर निगम में नहीं जमा करवाए, इसलिए उनकी सेलरी रोक ली गई थी। अब उनका टेंडर भी रद्द कर दिया गया है। जल्द ही नये ठेकेदार को टेंडर दिया जाएगा।
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निजी लैब में अधिक रुपयों के लालच में छोड़ रहे रेडियोलॉजिस्ट
सिविल अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की कमी पर विज ने कहा कि निजी लैब में अधिक रुपयों के लालच में डॉक्टर नौकरी छोड़ रहे हैं। इसका जल्द समाधान किया जाएगा। इसको लेकर विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। वहीं हरियाणा के सरकारी मेडिकल कॉलेज से जो भी डॉक्टर एमबीबीएस करेगा, उसे एक साल के लिए हरियाणा में नौकरी कर अपनी सेवाएं देनी पड़ेंगी। इससे हमारे अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी पूरी हो जाएगी और देहातों में जहां-जहां पर डॉक्टर नहीं जा रहे हैं, वहां डॉक्टर जाएंगे।
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चार साल में कौन-कौन सी योजना पर हुआ काम
- आधुनिक सिविल अस्पताल। जल्द ही कैंसर अस्पताल बनकर हो जाएगा तैयार।
- सरकारी कॉलेज, बस स्टैंड, नहरी पानी आधारित योजना मंजूर।
- राष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम बनकर तैयार होने वाला है।
- छावनी को सबडिवीजन बनवाया गया, सचिवालय बनाने की सभी स्वीकृतियां हो चुकी हैं और जल्द ही उस पर काम शुरू होगा।
- नेताजी सुभाष चंद्र पार्क बन रहा है। 18 करोड़ रुपये इस पर खर्च हो रहे हैं।
- हर घर तक सीवरेज बिछाने और नहरी पानी पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।
- 200 करोड़ की लागत से शहीद स्मारक बनाने का काम शुरू हो चुका है। इसका वर्क अलॉट हो चुका है।
- बैंक स्क्वेयर के नक्शे तैयार हो गए हैं, जोकि लगभग 100 करोड़ रुपये में बनेगा।
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