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बेटा होने पर मजदूर से मांगी 2100 रुपये की बधाई
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अंबाला। छावनी के नागरिक अस्पताल में डिलीवरी के बाद पिता से 21 सौ रुपये की बधाई मांगने का मामला सामने आया है। यह मामला पीएमओ के पास पहुंच चुका है।
बब्याल वासी मजदूर संदीप कुमार का कहना है कि वह अपनी गर्भवती पत्नी रजनी को डिलीवरी के लिये 8 दिसंबर की सुबह नागरिक अस्पताल में लेकर आया था। शाम को रजनी ने बेटे को जन्म दिया था। संदीप का आरोप है कि अस्पताल में ड्यूटी करने वाले स्टाफ ने उससे बधाई मांगी ,जब उसने अपनी आर्थिक स्थिति के हिसाब से बधाई के 100 रुपये दिए तो उन्होंने लेने से इंकार कर दिया। इसके बाद उसने 200 रुपये दिये तो उन्होंने वह भी नहीं लिये और यहां तक की 500 रुपये को लेने को भी राजी हुए।
इसके बाद यह शिशु के कपड़े बदलने के लिए ले गए और इन्होंने फिर मुंह खोल कर 2100 रुपये बधाई के मांग लिए। मजदूर संदीप कुमार का कहना है कि मैंने उन्हें काफी समझाया, लेकिन नहीं माने और आखिरकार उसने 1600 रुपये लेकर ही बच्चा उन्हें दिया। संदीप ने बताया कि 1600 रुपये लेने के बाद भी स्टाफ उनसे 500 रुपये की मांग करता रहा। संदीप ने अस्पताल में स्थित जच्चा बच्चा वार्ड में जबरन बधाई की वसूली करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग प्रशासन से की है।
आने जाने के लिये एंबुलेंस भी नहीं मिली
संदीप के मुताबिक वह गरीब आदमी है, सरकारी अस्पताल में पत्नी की डिलीवरी कराई है, ताकि उसे सरकारी सेवाओं का लाभ मिल सके। लेकिन यहां ना तो गर्भवती पत्नी को अस्पताल तक लाने के लिए एंबुलेंस मिली और ना ही ले जाने के लिये। संदीप का कहना है कि यहां तक आने और जाने के लिये उसे अपना साधन की करना पड़ा। उसने सवाल उठाया कि सरकार ने गरीब लोगों की मदद के लिये एंबुलेंस सेवा चलाई हुई है,लेकिन वह सिर्फ जान पहचान वाले लोगों के लिये ही उपलब्ध है। संदीप के मुताबिक बधाई मांगने की शिकायत उन्होंने पीएमओ को कर दी है।
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विजिलेंस को सौंपी जाएगी जांच
सीएमओ कुलदीप सिंह से जब इस विषय में जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि अगर इस तरह की कोई भी शिकायत आती है तो भविष्य में इसकी जांच सीधा विजिलेंस को सौंपी जाएगी। उन्होंने माना कि पहले भी इस तरह की शिकायतें मिल चुकी हैं और जांच के लिए कमेटी गठित कर दी।
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बब्याल वासी मजदूर संदीप कुमार का कहना है कि वह अपनी गर्भवती पत्नी रजनी को डिलीवरी के लिये 8 दिसंबर की सुबह नागरिक अस्पताल में लेकर आया था। शाम को रजनी ने बेटे को जन्म दिया था। संदीप का आरोप है कि अस्पताल में ड्यूटी करने वाले स्टाफ ने उससे बधाई मांगी ,जब उसने अपनी आर्थिक स्थिति के हिसाब से बधाई के 100 रुपये दिए तो उन्होंने लेने से इंकार कर दिया। इसके बाद उसने 200 रुपये दिये तो उन्होंने वह भी नहीं लिये और यहां तक की 500 रुपये को लेने को भी राजी हुए।
इसके बाद यह शिशु के कपड़े बदलने के लिए ले गए और इन्होंने फिर मुंह खोल कर 2100 रुपये बधाई के मांग लिए। मजदूर संदीप कुमार का कहना है कि मैंने उन्हें काफी समझाया, लेकिन नहीं माने और आखिरकार उसने 1600 रुपये लेकर ही बच्चा उन्हें दिया। संदीप ने बताया कि 1600 रुपये लेने के बाद भी स्टाफ उनसे 500 रुपये की मांग करता रहा। संदीप ने अस्पताल में स्थित जच्चा बच्चा वार्ड में जबरन बधाई की वसूली करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग प्रशासन से की है।
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आने जाने के लिये एंबुलेंस भी नहीं मिली
संदीप के मुताबिक वह गरीब आदमी है, सरकारी अस्पताल में पत्नी की डिलीवरी कराई है, ताकि उसे सरकारी सेवाओं का लाभ मिल सके। लेकिन यहां ना तो गर्भवती पत्नी को अस्पताल तक लाने के लिए एंबुलेंस मिली और ना ही ले जाने के लिये। संदीप का कहना है कि यहां तक आने और जाने के लिये उसे अपना साधन की करना पड़ा। उसने सवाल उठाया कि सरकार ने गरीब लोगों की मदद के लिये एंबुलेंस सेवा चलाई हुई है,लेकिन वह सिर्फ जान पहचान वाले लोगों के लिये ही उपलब्ध है। संदीप के मुताबिक बधाई मांगने की शिकायत उन्होंने पीएमओ को कर दी है।
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विजिलेंस को सौंपी जाएगी जांच
सीएमओ कुलदीप सिंह से जब इस विषय में जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि अगर इस तरह की कोई भी शिकायत आती है तो भविष्य में इसकी जांच सीधा विजिलेंस को सौंपी जाएगी। उन्होंने माना कि पहले भी इस तरह की शिकायतें मिल चुकी हैं और जांच के लिए कमेटी गठित कर दी।