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घावों पर मरहम लगाने के लिए प्रशासन ने भेजा खाना, लौटाया
Updated Sun, 10 Dec 2017 12:58 AM IST
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बेघर लोगों को खाना देने पहुंचे कर्मचारी, गुस्साए लोगों ने लौटाया
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
नई आबादी क्षेत्र में रेल गलियारे के लिए शुक्रवार को प्रशासन द्वारा जमीन छुड़वाने की कार्रवाई से बेघर हुए लोगों के घावों पर मरहम लगाने का प्रयास प्रशासन द्वारा किया गया। शुक्रवार रात और शनिवार दोपहर लोगों को खाना उपलब्ध कराने की कोशिश की गई। मगर, गुस्साए लोगों ने प्रशासन की इस पेशकश को ठुकराते हुए खाना लौटा दिया। बेघर हुए लोगों के लिए प्रशासन ने कोई अस्थाई व्यवस्था नहीं की, जिस वजह से लोगों ने कड़ाके की ठंड में टेंट लगाकर और आग जलाकर रात गुजारी। जहां पहले उनके घर और खेत हुआ करते थे अब वहां पर सपाट मैदान थे।
जमीन अधिग्रहण की मार झेलने वाले लोगों ने टेंट लगाकर रात गुजारी। रात के समय प्रशासन द्वारा बेघर हुए लोगों के लिए खाना भेजा गया लेकिन किसी ने भी खाना नहीं लिया। हुकमचंद, सुरेश कुमार, सोमनाथ, मायादेवी, नारायणदास, प्रेमवती, चुन्नी लाल, शेर सिंह शुगनचंद और बनारसी दास आदि ने बताया कि उन सभी के करीब 31 परिवार है जोकि रंगिया मंडी स्थित नई आबादी में अंग्रेजों के समय से इस जमीन पर बसे हैं। फूल और सब्जियां उगा कर जीवन यापन करते हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासन की ओर से रात को खाना भेजा गया लेकिन बेघर हुए परिवार के सदस्यों ने खाना लेने से मना कर दिया और वापस लौटा दिया। लोगों का कहना है कि एक ओर प्रशासन उनके घर तोड़ रहा है दूसरी ओर झूठी सहानुभूति जता रहा है। उन्होंने बताया कि जिन लोगों के घर तोड़े गए है उनके करीब 31 परिवार है जोकि बेघर हो चुके हैं। उनके पास सिर छुपाने के लिए अब कोई जगह नहीं है।
रात को 100 लोगों को खाना उपलब्ध कराने की डिमांड आई थी जिसके बाद खाना नई आबादी क्षेत्र में भिजवाया गया था। लोगों ने खाया या नहीं इसके बारे में जानकारी नहीं है। इस संबंध में नगर निगम अधिकारी ज्यादा बता सकते हैं। -सुभाष सिहाग, एसडीएम, अंबाला कैंट।
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मुझे संबंध में कोई जानकारी नहीं है कि खाना वहां पर भेजा गया या नहीं। इस मामले को वेरिफाई करके ही कुछ कहा जा सकता है। -गगनदीप सिंह, ज्वाइंट कमिश्नर, नगर निगम, अंबाला।
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
नई आबादी क्षेत्र में रेल गलियारे के लिए शुक्रवार को प्रशासन द्वारा जमीन छुड़वाने की कार्रवाई से बेघर हुए लोगों के घावों पर मरहम लगाने का प्रयास प्रशासन द्वारा किया गया। शुक्रवार रात और शनिवार दोपहर लोगों को खाना उपलब्ध कराने की कोशिश की गई। मगर, गुस्साए लोगों ने प्रशासन की इस पेशकश को ठुकराते हुए खाना लौटा दिया। बेघर हुए लोगों के लिए प्रशासन ने कोई अस्थाई व्यवस्था नहीं की, जिस वजह से लोगों ने कड़ाके की ठंड में टेंट लगाकर और आग जलाकर रात गुजारी। जहां पहले उनके घर और खेत हुआ करते थे अब वहां पर सपाट मैदान थे।
जमीन अधिग्रहण की मार झेलने वाले लोगों ने टेंट लगाकर रात गुजारी। रात के समय प्रशासन द्वारा बेघर हुए लोगों के लिए खाना भेजा गया लेकिन किसी ने भी खाना नहीं लिया। हुकमचंद, सुरेश कुमार, सोमनाथ, मायादेवी, नारायणदास, प्रेमवती, चुन्नी लाल, शेर सिंह शुगनचंद और बनारसी दास आदि ने बताया कि उन सभी के करीब 31 परिवार है जोकि रंगिया मंडी स्थित नई आबादी में अंग्रेजों के समय से इस जमीन पर बसे हैं। फूल और सब्जियां उगा कर जीवन यापन करते हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासन की ओर से रात को खाना भेजा गया लेकिन बेघर हुए परिवार के सदस्यों ने खाना लेने से मना कर दिया और वापस लौटा दिया। लोगों का कहना है कि एक ओर प्रशासन उनके घर तोड़ रहा है दूसरी ओर झूठी सहानुभूति जता रहा है। उन्होंने बताया कि जिन लोगों के घर तोड़े गए है उनके करीब 31 परिवार है जोकि बेघर हो चुके हैं। उनके पास सिर छुपाने के लिए अब कोई जगह नहीं है।
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रात को 100 लोगों को खाना उपलब्ध कराने की डिमांड आई थी जिसके बाद खाना नई आबादी क्षेत्र में भिजवाया गया था। लोगों ने खाया या नहीं इसके बारे में जानकारी नहीं है। इस संबंध में नगर निगम अधिकारी ज्यादा बता सकते हैं। -सुभाष सिहाग, एसडीएम, अंबाला कैंट।
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मुझे संबंध में कोई जानकारी नहीं है कि खाना वहां पर भेजा गया या नहीं। इस मामले को वेरिफाई करके ही कुछ कहा जा सकता है। -गगनदीप सिंह, ज्वाइंट कमिश्नर, नगर निगम, अंबाला।