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Ambala News: 20 साल पुराने सात मुख्य डंपिग जोन खत्म
Sun, 23 Nov 2025 01:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Sun, 23 Nov 2025 01:27 AM IST
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अंबाला छावनी में वार्ड नंबर 27 प्रभाकर अस्पताल के नजदीक बना हुआ डंपिंग जोन। संवाद
- फोटो : मनमानी के विरोध में प्रदर्शन करते किसान।
अंबाला। छावनी को गंदगी मुक्त करने में नगर परिषद ने पहला पड़ाव पार कर लिया है। लगभग 20 वर्षों से सात डंपिंग जोन पर गंदगी गिराई जा रही थी, उन्हें खत्म कर दिया गया है और अब यहां सुंदरीकरण के तहत पेड़-पौधे रोपित किए जा रहे हैं। इस उपलब्धि का श्रेय नगर परिषद के अलावा वार्ड के पार्षदों को भी जाता है, जिनके संयुक्त प्रयास से यह काम संपन्न हो पाया है।
10 स्थान थे राडार पर
नगर परिषद में लगभग 30 के करीब डंपिंग जोन बने हुए हैं जोकि चौराहों के अलावा प्रमुख सड़कों पर बने हुए हैं। इनमें से 10 अतिसंवेदनशील डंपिंग जोन को नगर परिषद ने चिह्नित किया था। प्राथमिक चरण में इनमें से सात डंपिंग जोन को खत्म कर दिया गया है। इसमें सबसे पहले स्थान पर बीडी स्कूल के पास बना डंपिंग जोन था। इस कार्य में वार्ड के पार्षद शिवा काकरान का प्रयास सराहनीय रहा। इसके बाद सनातन धर्म मंदिर व स्कूल के सामने डंपिंग जोन, अनाजमंडी का डंपिंग जोन, एकता विहार चौक का डंपिंग जोन, टांगरी क्षेत्र के नजदीक तीन डंपिंग जोन शामिल हैं, हालांकि छावनी बस अड्डे के सबसे बड़े डंपिंग जोन को खत्म करने के लिए नप को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है क्योंकि यहां खड़े होने वाली रेहड़ियों के संचालन अपनी कार्यशैली से बाज नहीं आ रहे हैं।
वार्ड पार्षदों से मांगी थी सूची व सहयोग
छावनी को स्वच्छता के पायदान पर अव्वल लाने के लिए कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने वार्ड पार्षदों सहित बाजार की एसोसिएशनों सहित धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं से सहयोग मांगा था। इस संबंध में वार्ड पार्षदों की तरफ से एक सूची भी तैयार की गई। इस सूची में उनके क्षेत्र में बने डंपिंग जोन की विस्तृत जानकारी दी गई और इसके समाधान को लेकर भी विचार व्यक्त किए गए, इसके बाद नगर परिषद ने डंपिंग जोन में डस्टबिन रखने की बजाए इसे समाप्त करने का ही प्रण किया गया।
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डोर-टू-डोर की जिम्मेदारी
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी देवेंद्र नरवाल ने बताया कि घरों, दुकानों व अन्य प्रतिष्ठानों से कूड़ा उठाने की जिम्मेदारी डोर-टू-डोर कर्मचारियों की है, इसलिए जो भी कूड़ा निकले उन्हें संबंधित कर्मचारियों के सुपुर्द करें न कि सड़कों पर फैंकें। इसके अलावा उन्होंने बताया कि कुछ क्षेत्रों में अब सुबह और शाम दो समय के लिए कूड़ा उठाने वाले कर्मचारियों को भेजा जा रहा है, उन्होंने छावनी निवासियों से भी सहयोग मांगा है क्योंकि उनकी मदद के बिना छावनी को साफ व स्वच्छ रखना काफी मुश्किल है।
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10 स्थान थे राडार पर
नगर परिषद में लगभग 30 के करीब डंपिंग जोन बने हुए हैं जोकि चौराहों के अलावा प्रमुख सड़कों पर बने हुए हैं। इनमें से 10 अतिसंवेदनशील डंपिंग जोन को नगर परिषद ने चिह्नित किया था। प्राथमिक चरण में इनमें से सात डंपिंग जोन को खत्म कर दिया गया है। इसमें सबसे पहले स्थान पर बीडी स्कूल के पास बना डंपिंग जोन था। इस कार्य में वार्ड के पार्षद शिवा काकरान का प्रयास सराहनीय रहा। इसके बाद सनातन धर्म मंदिर व स्कूल के सामने डंपिंग जोन, अनाजमंडी का डंपिंग जोन, एकता विहार चौक का डंपिंग जोन, टांगरी क्षेत्र के नजदीक तीन डंपिंग जोन शामिल हैं, हालांकि छावनी बस अड्डे के सबसे बड़े डंपिंग जोन को खत्म करने के लिए नप को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है क्योंकि यहां खड़े होने वाली रेहड़ियों के संचालन अपनी कार्यशैली से बाज नहीं आ रहे हैं।
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वार्ड पार्षदों से मांगी थी सूची व सहयोग
छावनी को स्वच्छता के पायदान पर अव्वल लाने के लिए कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने वार्ड पार्षदों सहित बाजार की एसोसिएशनों सहित धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं से सहयोग मांगा था। इस संबंध में वार्ड पार्षदों की तरफ से एक सूची भी तैयार की गई। इस सूची में उनके क्षेत्र में बने डंपिंग जोन की विस्तृत जानकारी दी गई और इसके समाधान को लेकर भी विचार व्यक्त किए गए, इसके बाद नगर परिषद ने डंपिंग जोन में डस्टबिन रखने की बजाए इसे समाप्त करने का ही प्रण किया गया।
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डोर-टू-डोर की जिम्मेदारी
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी देवेंद्र नरवाल ने बताया कि घरों, दुकानों व अन्य प्रतिष्ठानों से कूड़ा उठाने की जिम्मेदारी डोर-टू-डोर कर्मचारियों की है, इसलिए जो भी कूड़ा निकले उन्हें संबंधित कर्मचारियों के सुपुर्द करें न कि सड़कों पर फैंकें। इसके अलावा उन्होंने बताया कि कुछ क्षेत्रों में अब सुबह और शाम दो समय के लिए कूड़ा उठाने वाले कर्मचारियों को भेजा जा रहा है, उन्होंने छावनी निवासियों से भी सहयोग मांगा है क्योंकि उनकी मदद के बिना छावनी को साफ व स्वच्छ रखना काफी मुश्किल है।

अंबाला छावनी में वार्ड नंबर 27 प्रभाकर अस्पताल के नजदीक बना हुआ डंपिंग जोन। संवाद- फोटो : मनमानी के विरोध में प्रदर्शन करते किसान।