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जिले में 1300 मेडिकल स्टोर, एक ड्रग इंस्पेक्टर पर तीन जिलों का भार, कई जगहों पर 1

Fri, 15 Jun 2018 01:12 AM IST
Updated Fri, 15 Jun 2018 01:12 AM IST
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जिले में 1300 मेडिकल स्टोर, एक ड्रग इंस्पेक्टर पर तीन जिलों का भार, कई जगहों पर 1
जिले में 1300 मेडिकल स्टोर, एक ड्रग इंस्पेक्टर पर तीन जिलों का भार
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला। 12 लाख की आबादी। 1300 मेडिकल स्टोर। 500 से ज्यादा प्रकार की जरूरी दवाएं यहां बेची जाती हैं। बिना पर्ची दवाइयां खुलेआम बेची ही जा रही हैं। साथ ही ज्यादातर मेडिकल स्टोर के पास न तो पर्याप्त जगह है और न ही संसाधन। बावजूद इसके दवाओं को बेचने काम चल रहा है। वहीं यहां तैनात ड्रग इंस्पेक्टर से अपना जिला तो संभल नहीं रहा, दो अन्य जिलों की भी जिम्मेदारी सौंप दी गई है। महत्वपूर्ण बात यह है कि कई रिटेलर मेडिकल स्टोरों पर तो खुलने के बाद यानी 18-20 सालों से चेकिंग ही नहीं हुई है। ऐसे में समझा जा सकता है कि विभाग किस तरह से अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है और किस तरह मेडिकल स्टोर संचालक चांदी कूट रहे हैं।
बता दें कि अमर उजाला ने वीरवार के अंक में स्टिंग आपरेशन के तहत यह खुलासा किया था कि कुछ होलसेलर मेडिकल स्टोर संचालक बिना बिल दवाइयां दे रहे हैं। इसके बाद पड़ताल की गई तो चौंकाने वाली हकीकत सामने आई। कई रिटेलर मेडिकल स्टोर संचालक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उनके यहां आज तक कोई अधिकारी जांच करने के लिए नहीं आया। बता दें कि करीब 18-20 साल से ये मेडिकल स्टोर खुले हुए हैं। यही नहीं कुछ जगहों पर लाइसेंस लेते वक्त भी ड्रग इंस्पेक्टर के बजाय कर्मचारी को ही भेज दिया जाता है। जबकि नियम यह है कि जब भी कोई मेडिकल स्टोर लाइसेंस के लिए अप्लाई करता है तो अधिकारी को मौके पर जाकर जगह व संसाधन का निरीक्षण करना होता है।
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अफसरों का दावा, रोजाना होती जांच पर सच्चाई कुछ और
अफसरों का दावा है कि रोजाना चेकिंग की जाती है, लेकिन सच्चाई इसके विपरीत है। ज्यादातर मामलों में यह देखा जाता है कि शिकायत मिलने पर ही कार्रवाई होती है। इसका प्रमुख कारण यह भी है कि 12 लाख की आबादी में जांच की जिम्मेदारी एक ड्रग इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार के भरोसे चल रही है। यही नहीं उनके पास कैथल व पंचकूला की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी है।
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कंपनियों से सारा माल बिल पर आता है
होलसेलर केमिस्ट एसोसिएशन के प्रधान बलित नागपाल ने कहा कि बिना बिल कोई होलसेलर दवा नहीं देता है। बिना बिल दवा देने पर उसे कोई फायदा नहीं है। जीएसटी व सेल्स टैक्स उन्हें सरकार को देना ही पड़ेगा। कंपनियों से सारा माल बिल पर आता है। कुछ लोगों द्वारा दिल्ली से माल लाने की जानकारी है। वे हमारे एसोसिएशन के सदस्य नहीं है। हालांकि वे भी बिल पर ही लाते होंगे।

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बिना बिल दवाइयां देने वाले होलसेलर दुकानदारों पर कसा जाएगा शिकंजा
सीनियर ड्रग कंट्रोलर रिपन मेहता ने कहा कि अमर उजाला समाचार पत्र द्वारा किए गए स्टिंग आपरेशन की मुझे जानकारी मिली है। कोई भी होलसेलर मेडिकल स्टोर संचालक बिना बिल रिटेलर या नर्सिंग होम संचालक को दवाइयां नहीं दे सकता है। मैं छुट्टी पर हूं। ड्रग इंस्पेक्टर को बोल दिया है। जल्द ही होलसेलर मेडिकल स्टोर संचालकों पर जाकर चेकिंग करेंगे। अगर उनका बिल मेनटेन नहीं होगा तो उन्हें शोकॉज नोटिस जारी किया जाएगा। उनका लाइसेंस भी सस्पेंड हो सकता है।
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