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परिजनों से मिलवाया ट्रेन में मिले बच्चों को
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पांच वर्ष से घर में नहीं रहती थी मां, अच्छा खाना खाने के लिए ट्रेन में चढ़े दोनों भाई चंडीगढ़ से पहुंचे अंबाला, रेलवे चाइल्ड हेल्पलाइन ने परिजनों को सुपर्द किया
ट्रेन में मिले बच्चों को परिजनों से मिलवाया
फोटो नंबर : 37
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। पांच वर्ष पहले मां घर छोड़ कर चली गई थी। घर में सिर्फ पापा और दादी रहते हैं। अच्छा खाना भी नहीं मिलता। सुना था ट्रेन में अच्छा खाना मिलता है। इसलिए हम दोनों रेलवे स्टेशन गए थे। ट्रेन में चढ़े और कब यहां पहुंच गए पता नहीं चला। यह कहना था चंडीगढ़ के महेशपुर सेक्टर 21 के रहने वाले दोनों भाइयों का। 11 वर्षीय बड़ा भाई और छोटा आठ वर्ष का है। दोनों बच्चे बुधवार शाम स्कूल से लौटने के बाद चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। वीरवार को रेलवे चाइल्ड हेल्पलाइन ने दोनों बच्चों को अंबाला से बरामद किया, इसके बाद परिजनों को बुलाकर उन्हें सौंप दिया।
चाइल्ड हेल्प डेस्क में उपस्थित वॉलिंटियर पवन और जीआरपी सदस्यों ने बच्चों की डीडीआर व मेडिकल करवाया। काउंसलिंग के दौरान बच्चों से बातचीत की गई। इसमें बच्चों ने बताया कि वह महेशपुर सेक्टर 21 पंचकूला में रहते हैं। घर में पिता और दादी ही हैं। उनकी मम्मी उनके साथ नहीं रहती। दोनों पंचकूला स्थित राजकीय स्कूल के विद्यार्थी हैं। बुधवार को दोनों बच्चे स्कूल के बाद घर नहीं गए और वह सीधा स्कूल बैग लेकर चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन चले गए। वह वहां से सीधा ट्रेन में बैठकर अंबाला पहुंचे। उन्होंने सुना था ट्रेन में अच्छा खाना मिलेगा, इसलिए वह ट्रेन में बैठे थे। बुधवार रात ट्रेन में अकेला मिलने पर अंबाला में जीआरपी और चाइल्ड हेल्प लाइन ने दोनों बच्चों को अपने संरक्षण में ले लिया। इसके बाद चाइल्ड हेल्प डेस्क टीम ने स्टेट क्राइम ब्रांच टीम को बच्चों के बारे में बताया। बच्चों के घर का पता लगाया और उनके मां-बाप से संपर्क किया गया। इसके बाद परिजन अंबाला पहुंचे, जिन्हें बच्चों को सुपुर्द कर दिया गया। इस दौरान कोऑर्डिनेटर राकेश कुमार, टीम सदस्य अनिल कुमार, स्टेट क्राइम ब्रांच टीम से एसआई मुकेश रानी, एसआई राजेश कुमार, ओपन शेल्टर होम के कोऑर्डिनेटर दर्शन सिंह आदि मौजूद रहे।
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ट्रेन में मिले बच्चों को परिजनों से मिलवाया
फोटो नंबर : 37
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। पांच वर्ष पहले मां घर छोड़ कर चली गई थी। घर में सिर्फ पापा और दादी रहते हैं। अच्छा खाना भी नहीं मिलता। सुना था ट्रेन में अच्छा खाना मिलता है। इसलिए हम दोनों रेलवे स्टेशन गए थे। ट्रेन में चढ़े और कब यहां पहुंच गए पता नहीं चला। यह कहना था चंडीगढ़ के महेशपुर सेक्टर 21 के रहने वाले दोनों भाइयों का। 11 वर्षीय बड़ा भाई और छोटा आठ वर्ष का है। दोनों बच्चे बुधवार शाम स्कूल से लौटने के बाद चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। वीरवार को रेलवे चाइल्ड हेल्पलाइन ने दोनों बच्चों को अंबाला से बरामद किया, इसके बाद परिजनों को बुलाकर उन्हें सौंप दिया।
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चाइल्ड हेल्प डेस्क में उपस्थित वॉलिंटियर पवन और जीआरपी सदस्यों ने बच्चों की डीडीआर व मेडिकल करवाया। काउंसलिंग के दौरान बच्चों से बातचीत की गई। इसमें बच्चों ने बताया कि वह महेशपुर सेक्टर 21 पंचकूला में रहते हैं। घर में पिता और दादी ही हैं। उनकी मम्मी उनके साथ नहीं रहती। दोनों पंचकूला स्थित राजकीय स्कूल के विद्यार्थी हैं। बुधवार को दोनों बच्चे स्कूल के बाद घर नहीं गए और वह सीधा स्कूल बैग लेकर चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन चले गए। वह वहां से सीधा ट्रेन में बैठकर अंबाला पहुंचे। उन्होंने सुना था ट्रेन में अच्छा खाना मिलेगा, इसलिए वह ट्रेन में बैठे थे। बुधवार रात ट्रेन में अकेला मिलने पर अंबाला में जीआरपी और चाइल्ड हेल्प लाइन ने दोनों बच्चों को अपने संरक्षण में ले लिया। इसके बाद चाइल्ड हेल्प डेस्क टीम ने स्टेट क्राइम ब्रांच टीम को बच्चों के बारे में बताया। बच्चों के घर का पता लगाया और उनके मां-बाप से संपर्क किया गया। इसके बाद परिजन अंबाला पहुंचे, जिन्हें बच्चों को सुपुर्द कर दिया गया। इस दौरान कोऑर्डिनेटर राकेश कुमार, टीम सदस्य अनिल कुमार, स्टेट क्राइम ब्रांच टीम से एसआई मुकेश रानी, एसआई राजेश कुमार, ओपन शेल्टर होम के कोऑर्डिनेटर दर्शन सिंह आदि मौजूद रहे।
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