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- संकेतक न होने के कारण सड़क पर धुंध में हादसों का खतरा

Sat, 18 Nov 2017 01:06 AM IST
Updated Sat, 18 Nov 2017 01:06 AM IST
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- संकेतक न होने के कारण सड़क पर धुंध में हादसों का खतरा
सड़क से संकेतक और सफेद पट्टी गायब, हादसों का बढ़ा खतरा
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
धुंध भरा सीजन शुरू हो चुका है, जबकि सड़कों से सफेद पट्टी और संकेतक गायब हैं। ऐसे में जहां सड़कों पर खतरा बढ़ा है, वहीं हाइवे पर बने अवैध रोड कट कभी भी किसी वाहन चालक के लिए खतरा साबित हो सकते हैं। इस ओर अभी तक ट्रैफिक पुलिस ने कोई ध्यान नहीं दिया है, जबकि आने वाले दिनों में धुंध का प्रकोप तेज होगा, जिससे हादसों का खतरा बढ़ रहा है। दूसरी ओर ट्रैफिक लाइट्स भी बंद पड़ी हैं, जिसे लेकर कोई खास कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।

जिला में सबसे ज्यादा खतरा हाइवे पर पसरा है। अवैध रोड कट हादसों का खतरा बन रहे हैं। यह रोड कट इस तरह से बने हैं, ताकि इनसे दोपहिया वाहन गुजर सके। इसी तरह हाइवे पर ही सफेद पट्टी भी गायब है, जिसके चलते धुंध के मौसम में चालकों के लिए वाहन चलाना किसी खतरे से खाली नहीं हैं। इन लिंक रोड पर यातायात संकेतक तक नहीं हैं, जिसके कारण कहां टर्न आदि हैं, कुछ पता नहीं चल पा रहा है। ऐसे हालातों में धुंध भरा सीजन वाहन चालकों के लिए खतरा पैदा कर सकता है।
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ट्रैफिक लाइट्स भी बंद
दूसरी ओर जिला में चौराहों पर लगी ट्रैफिक लाइट्स भी बंद पड़ी हैं। इन्हें ठीक करने के लिए अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। नारायणगढ़ में अभी तक यह लग नहीं पाई हैं, जबकि कैंट के इंदिरा चौक, सिटी के बलदेव नगर, कालका चौक, पॉलीटेक्निक चौक पर लगी यह लाइट्स बंद पड़ी हैं। जबकि धुंध में यही लाइट्स वाहन चालकों के लिए जरूरी हैं।
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वाहनों पर रिफ्लेक्टर नहीं
धुंध भरे सीजन में वाहनों पर रिफ्लेक्टर का लगाया जाना जरूरी है। लेकिन अधिकतर वाहनों, खासकर कामर्शियल पर रिफ्लेक्टर ही नहीं हैं। कई वाहनों पर ऐसे रिफ्लेक्टर (रेडियम टेप) लगाए गए हैं, जो आधे उखड़ चुके हैं। कुछ सामाजिक संगठनों ने पहल करते हुए ऐसे वाहनों पर यह रिफ्लेक्टर लगाने की कोशिश की है, लेकिन प्रशासन ने ऐसे वाहनों पर अभी तक कोई शिकंजा नहीं कसा है। खासकर ट्रैक्टर ट्राली वाहनों पर तो यह कहीं दिखाई ही नहीं देती।

कैंट अस्पताल चौक की हाइमास्ट लाइटें बंद
अंबाला कैंट सिविल अस्पताल चौक के पास लगी हाइमास्ट लाइटें काफी समय से बंद पड़ी हैं। यह चौक काफी खतरनाक है, जबकि इस चौक पर कई हादसे हो चुके हैं। रात के समय इस चौक पर अंधेरा छाया रहता है, जबकि धुंध भरे दिनों में यह हादसों का कारण बन सकता है। लोगों का कहना है कि यदि यही हालात रहे तो धुंध में वाहन चालकों के लिए यह बड़ी परेशानी बनेगा।

यह कहते हैं लोग
अंबाला कैंट के रहने वाले लक्ष्यवीर शुक्ला, राजबीर सिंह, अशोक बख्शी, प्रमोद कुमार, सिटी के जगजीत सिंह, अमित कुमार, राजीव गुप्ता, सूरज प्रकाश का कहना है कि जब प्रशासन को पता है कि सड़कों पर सफेद पट्टी व अन्य यातायात व्यवस्थाएं (संकेतक अथवा ट्रैफिक लाइट्स) अधूरी हैं तो क्यों समय रहते पूरा नहीं किया जाता। सर्दी शुरू होने से पहले कदम उठाये जाने चाहिए ताकि परेशानियों से बचा जा सके।


नेशनल हाइवे की टीम के साथ मिलकर सड़कों के किनारे सफेद पट्टी लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। जल्द ही यह पूरा कर लिया जाएगा। इसके अलावा ट्रैफिक लाइट्स, संकेतक भी चलाए जाएंगे, जबकि वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाने का अभियान भी चलाया जाएगा।
- सुमेर सिंह, ट्रैफिक इंस्पेक्टर अंबाला
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