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पशुपालक के द्वार तक हर सुविधा कराई जाए उपलब्ध : डा. गुलाटी
Updated Mon, 20 Aug 2018 12:16 AM IST
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पशुपालक के द्वार तक हर सुविधा कराई जाए उपलब्ध : डा. गुलाटी
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। पशुपालन एवं डेयरी विभाग हरियाणा सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुनील गुलाटी ने रविवार को जीटी रोड पर स्थित किंगफिशर पर्यटन स्थल पर मंडल के सभी जिलों (अंबाला, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, पंचकूला) के अधिकारियों व पशु चिकित्सकों की बैठक कर नई तकनीक अपना कर पशुधन की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा पशुपालन को अधिक लाभकारी बनाने पर चर्चा की गई।
उन्होंने सभी जिलों के उपनिदेशकों को पशुधन को सुरक्षित व स्वस्थ रखने के लिए समय पर टीकाकरण जांच व बांझपन शिविर लगाकर पशुपालक के घर-द्वार तक सभी सुविधाएं पहुंचाने के निर्देश दिए ताकि दुग्ध उत्पादन में हरियाणा अग्रणीय राज्य बन सके। उन्होंने अधिकारियों को बेसहारा पशुओं के प्रबंधन की दिशा में गंभीरता से कार्य करने बारे कहा। इस दौरान गलघोटू, मुंहखुर रोग की संयुक्त वैक्सीन, सेक्सड सीमन विधि, नई प्रजनन पॉलिसी, बायोमेडिकल वेस्ट का प्रयोग, सौर ऊर्जा प्रणाली, अस्पतालों में अल्ट्रासाऊंड प्रणाली, एंबुलेंस सेवा व सभी पशु चिकित्सालयों में मूलभूत सुविधाओं के बारे में चर्चा की। बैठक में विभिन्न जिलों से आए पशु चिकित्सक अधिकारियों से अपनी-अपनी पांच उपलब्धियों के बारे में पूछा गया। बैठक में पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. प्रेम सिंह, उपनिदेशक कुरुक्षेत्र डॉ. धर्मेंद्र, उपनिदेशक यमुनानगर डॉ. सत्यवीर सिंह, उपनिदेशक पंचकूला डॉ. अशोक मंत्रू सहित अन्य पशु चिकित्सक अधिकारी मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। पशुपालन एवं डेयरी विभाग हरियाणा सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुनील गुलाटी ने रविवार को जीटी रोड पर स्थित किंगफिशर पर्यटन स्थल पर मंडल के सभी जिलों (अंबाला, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, पंचकूला) के अधिकारियों व पशु चिकित्सकों की बैठक कर नई तकनीक अपना कर पशुधन की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा पशुपालन को अधिक लाभकारी बनाने पर चर्चा की गई।
उन्होंने सभी जिलों के उपनिदेशकों को पशुधन को सुरक्षित व स्वस्थ रखने के लिए समय पर टीकाकरण जांच व बांझपन शिविर लगाकर पशुपालक के घर-द्वार तक सभी सुविधाएं पहुंचाने के निर्देश दिए ताकि दुग्ध उत्पादन में हरियाणा अग्रणीय राज्य बन सके। उन्होंने अधिकारियों को बेसहारा पशुओं के प्रबंधन की दिशा में गंभीरता से कार्य करने बारे कहा। इस दौरान गलघोटू, मुंहखुर रोग की संयुक्त वैक्सीन, सेक्सड सीमन विधि, नई प्रजनन पॉलिसी, बायोमेडिकल वेस्ट का प्रयोग, सौर ऊर्जा प्रणाली, अस्पतालों में अल्ट्रासाऊंड प्रणाली, एंबुलेंस सेवा व सभी पशु चिकित्सालयों में मूलभूत सुविधाओं के बारे में चर्चा की। बैठक में विभिन्न जिलों से आए पशु चिकित्सक अधिकारियों से अपनी-अपनी पांच उपलब्धियों के बारे में पूछा गया। बैठक में पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. प्रेम सिंह, उपनिदेशक कुरुक्षेत्र डॉ. धर्मेंद्र, उपनिदेशक यमुनानगर डॉ. सत्यवीर सिंह, उपनिदेशक पंचकूला डॉ. अशोक मंत्रू सहित अन्य पशु चिकित्सक अधिकारी मौजूद रहे।
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