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- नंदीशाला कमेटी पदाधिकारी बोले, अन्य खर्च के लिए अभी भी चाहिएं करीब बीस लाख रुपये

Sat, 18 Nov 2017 01:06 AM IST
Updated Sat, 18 Nov 2017 01:06 AM IST
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- नंदीशाला कमेटी पदाधिकारी बोले, अन्य खर्च के लिए अभी भी चाहिएं करीब बीस लाख रुपये
प्रशासन ने सौंपे दो लाख, कमेटी बोली - लाखों की है जरूरत
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अमर उजाला ब्यूरो
मुलाना।
गांव टंगैल स्थित नंदीशाला में कमेटी को जिला प्रशासन ने दो लाख रुपये बेशक सौंप दिए हों, लेकिन अभी भी यहां काफी व्यवस्थाएं अधूरी हैं। नंदीशाला कमेटी पदाधिकारियों का कहना है कि अन्य खर्च के लिए लाखों रुपये चाहिए। जबकि एसडीएम का कहना है कि यह व्यवस्थाएं जल्द ही पूरी करवाई जाएंगी। हालांकि प्रशासन का दावा है कि नंदीशाला में चारे की समस्या नहीं है।
उल्लेखनीय है कि बीते दिनों नंदीशाला कमेटी ने प्रशासन को यह कहते हुए नंदीशाला की चाबी सौंप दीं थी कि अधूरी व्यवस्थाओं के चलते कमेटी इस नंदीशाला को चलाने में असमर्थ हैं, जबकि कई गायों की मौत तक हो चुकी है। इसी पर प्रशासन ने नंदीशाला कमेटी को आश्वासन दिया था कि जल्द ही रुपयों का बंदोबस्त कर कमेटी को सौंपा जाएगा। इसको लेकर प्रशासन की मीटिंग गांव के सरपंचों के साथ भी हुई, जिसमें लाखो रुपये दान इकठ्ठा किया गया। शुक्रवार को एसडीएम बराड़ा गिरीश कुमार ने नंदीशाला कमेटी को दो लाख रुपये की राशि सौंप दी। साथ ही यह भी कहा कि कमेटी के साथ मिलकर प्रशासन नंदीशाला को चलाएगा, जबकि सभी व्यवस्थाएं पूरी होंगी।
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उधर, कमेटी पदाधिकारियों की मानें, तो अभी भी कई व्यवस्थाएं अधूरी हैं, जिसको तेजी से पूरा करना जरूरी है। नंदीशाला में शैड की कमी है, पानी की भी खास व्यवस्था नहीं है। चारे के लिए भी भटकना पड़ता है। यदि यही हालात लंबे समय तक रहे तो पशुओं पर संकट खड़ा हो सकता है।
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ये समस्याएं सरकार ने पैदा की हैं। अगर सरकार जो पैसा नंदीशाला के लिए दिया जाता है या जो वायदा किया जाता है उस पर खरा उतरे, तो ये समस्याएं पैदा ही न हो। पशु क्रूरता निवारण के तहत पैसा देना चाहिए, वहीं जिला प्रशासन की ओर से भी रुपया मिलना चाहिए था। पशुओं की देखभाल का काम जिला प्रशासन का है।
- नरेश कादियान, चेयरमैन पीपल फार एनिमल तथा आयुक्त स्काउट्स एवं गाइड हरियाणा

मेरे पास दो लाख रुपये बराड़ा एसडीएम गिरीश कुमार से आए हैं। ये पैसा किससे आया मुझे पता नहीं है, जबकि अभी तक करीब 21 हजार रुपये बाकी हैं, जो अभी तक तहसील बराड़ा से नहीं मिले हैं। नंदीशाला में व्यवस्थाएं अभी भी अधूरी हैं, जबकि इसे तेजी से पूरा किया जाना जरूरी है।

- मनदीप सिंह बोपाराय, पूर्व चेयरमैन नंदी गोशाला, टंगैल

नंदीशाला का जायजा लिया गया है, जबकि मौजूद लेबर से भी बातचीत हुई है। चारे की नंदीशाला में कमी नहीं है। हां, पशुओं के लिए शैड जरूरी हैं यह भी जल्द बनवाए जाएंगे। कमेटी को फिलहाल दो लाख रुपये सौंपे गए हैं। प्रशासन नंदीशाला को चलाने के लिए कमेटी के साथ मिलकर काम करेगा, जबकि आगे भी कमेटी को फंड दिया जाएगा।
- गिरीश कुमार, एसडीएम बराड़ा
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