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जीरो विजिबिल्टी, सड़क पर रेंग-रेंग कर चले वाहन
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सुबह रही जीरो विजिबिलिटी, सड़क पर रेंग-रेंग कर चले वाहन
फोटो नंबर : 2, 31 व 35
-सर्दी में पहली बार छाई घनी धुंध, दोपहर धुंध छंटने से मिली राहत
-कई कॉलोनियों में सुबह से बिजली गुल, जन जीवन हुआ प्रभावित
-दादर एक्सप्रेस 11 घंटे लेट, अन्य ट्रेनों पर भी असर
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। जीरो विजिबिलिटी और तापमान दस डिग्री से भी नीचे, दोपहर तक घनी धुंध की चादर फिजा पर छाई रही। रेल से लेकर सड़क परिवहन इस धुंध में बुरी तरह से चरमरा गया। जीटी रोड पर वाहन रेंग-रेंग कर चले, जबकि अन्य सड़कों पर भी यही स्थिति रही। जिले में धुंध का प्रकोप सोमवार को इस सर्दी के मौसम में सर्वाधिक रहा। वहीं धुंध देख किसानों के चेहरे खिल गए हैं। कृषि विशेषज्ञों की मानें तो धुंध गेहूं की फसल के लिए लाभदायक है, जबकि सरसों की फसल के लिए यह ठीक नहीं है।
सोमवार को धुंध की चादर जिले में छाई रही। सीजन की सर्वाधिक धुंध सोमवार को पड़ी। अमूमन फरवरी के प्रथम सप्ताह में मौसम साफ होता है, मगर इस बार फरवरी माह में धुंध पूरे तेवर दिखा रही है। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो आने वाले कुछ और दिनों तक धुंध का प्रकोप रहेगा, जिससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है। उधर सोमवार दिन का अधिकतम तापमान 18.3 डिग्री सेल्सियस रहा जबकि न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री रिकार्ड किया गया।
रेल परिचालन पर असर
रेल परिचालन पर धुंध का जोरदार असर पड़ा और एक दर्जन से ज्यादों ट्रेनें लेट चलीं। अप लाइन की ट्रेनें घंटों लेट रहीं। इस कारण यात्रियों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी। धुंध की वजह से रेलवे ने पटरियों पर पेट्रोलिंग को भी बढ़ा दिया है।
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ये ट्रेनें हुई लेट
ट्रेन नंबर 11057 दादर एक्सप्रेस 11 घंटे लेट रही। इसके अलावा ट्रेन नंबर 13049 हावड़ा एक्सप्रेस पांच घंटे, 14649 जयनगर-अमृतसर एक्सप्रेस चार घंटे, 22355 लखनऊ-चंडीगढ़ एक्सप्रेस तीन घंटे, 15012 चंडीगढ़-लखनऊ एक्सप्रेस तीन घंटे, 12715 नांदेड-अमृतसर एक्सप्रेस छह घंटे, 22685 यशवंतपुर-चंडीगढ़ एक्सप्रेस चार घंटे, 12237 बेगमपुरा एक्सप्रेस पौने छह घंटे, 12238 बेगमपुरा एक्सप्रेस पौने तीन घंटे, 12919 मालवा एक्सप्रेस सवा चार घंटे, 14217 प्रयाग-चंडीगढ़ एक्सप्रेस साढ़े आठ घंटे, 12231 लखनऊ-चंडीगढ़ एक्सप्रेस पौने चार घंटे, 13005 हावड़ा मेल सवा पांच घंटे, 18217 सियालदहा एक्सप्रेस चार घंटे निर्धारित समय से लेट रही। इसके अलावा कई अन्य ट्रेनें भी लेट हुई।
कई कॉलोनियों में बिजली गुल
तड़के कई कॉलोनियों में बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई। सुबह महेशनगर, दयालबाग, वशिष्ठ नगर, अजीत नगर, अशोक नगर, गोल्डन पार्क, लक्की नगर एवं अन्य कॉलोनियों में बिजली नहीं थी। लोगों ने बताया कि रात्रि से ही बिजली गुल रही और सोमवार दोपहर बाद बिजली आई। घंटो कॉलोनियों में बिजली कट लगे।
किसानों के चेहरों पर आई रौनक, गेहूं के लिए मौसम अच्छ
धुंध से जहां जन-जीवन प्रभावित हुआ वहीं किसानों के चेहरों पर रौनक है। किसानों का कहना है कि पूरे सीजन में धुंध नहीं पड़ी, इस कारण गेहूं का फुटाव सही तरीके से नहीं हो रहा था। उनका कहना है कि इस समय पड़ने वाली धुंध न केवल गेहूं की पछेती किस्मों के लिए लाभदायक है, बल्कि अगेती किस्मों की अच्छी पैदावार में सहायक सिद्ध होगी। किसान सुखविंद्र सिंह, राम कुमार, गुरनाम सिंह, अमरजीत सिंह का कहना है कि उन्होंने ओलावृष्टि के बाद खेत खाली करके गेहूं की पछेती किस्म का बीज बोया था, लेकिन जनवरी में धुंध न पड़ने के कारण गेहूं की फसल में नियमित तरीके से बढ़ोतरी नहीं हो रही थी। 28 जनवरी को हुई बरसात व उसके बाद शुरू हुई धुुंध से गेंहू की फसल की रंगत बदल गई है। उनका कहना है कि अब उन्हें गेहूं की अच्छी पैदावार होने के आसार दिखाई दे रहे हैं।
वहीं कृषि विकास अधिकारी रोशन लाल ने बताया कि अभी मौसम गेहूं की फसल के लिए लाभदायक है। हालांकि, सरसों जैसी फसलों के लिए यह ज्यादा बेहतर नहीं है, लेकिन जिला अंबाला में अधिकांश किसान अधिकतर गेहूं की फसल की खेती करते हैं।
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फोटो नंबर : 2, 31 व 35
-सर्दी में पहली बार छाई घनी धुंध, दोपहर धुंध छंटने से मिली राहत
-कई कॉलोनियों में सुबह से बिजली गुल, जन जीवन हुआ प्रभावित
-दादर एक्सप्रेस 11 घंटे लेट, अन्य ट्रेनों पर भी असर
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। जीरो विजिबिलिटी और तापमान दस डिग्री से भी नीचे, दोपहर तक घनी धुंध की चादर फिजा पर छाई रही। रेल से लेकर सड़क परिवहन इस धुंध में बुरी तरह से चरमरा गया। जीटी रोड पर वाहन रेंग-रेंग कर चले, जबकि अन्य सड़कों पर भी यही स्थिति रही। जिले में धुंध का प्रकोप सोमवार को इस सर्दी के मौसम में सर्वाधिक रहा। वहीं धुंध देख किसानों के चेहरे खिल गए हैं। कृषि विशेषज्ञों की मानें तो धुंध गेहूं की फसल के लिए लाभदायक है, जबकि सरसों की फसल के लिए यह ठीक नहीं है।
सोमवार को धुंध की चादर जिले में छाई रही। सीजन की सर्वाधिक धुंध सोमवार को पड़ी। अमूमन फरवरी के प्रथम सप्ताह में मौसम साफ होता है, मगर इस बार फरवरी माह में धुंध पूरे तेवर दिखा रही है। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो आने वाले कुछ और दिनों तक धुंध का प्रकोप रहेगा, जिससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है। उधर सोमवार दिन का अधिकतम तापमान 18.3 डिग्री सेल्सियस रहा जबकि न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री रिकार्ड किया गया।
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रेल परिचालन पर असर
रेल परिचालन पर धुंध का जोरदार असर पड़ा और एक दर्जन से ज्यादों ट्रेनें लेट चलीं। अप लाइन की ट्रेनें घंटों लेट रहीं। इस कारण यात्रियों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी। धुंध की वजह से रेलवे ने पटरियों पर पेट्रोलिंग को भी बढ़ा दिया है।
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ये ट्रेनें हुई लेट
ट्रेन नंबर 11057 दादर एक्सप्रेस 11 घंटे लेट रही। इसके अलावा ट्रेन नंबर 13049 हावड़ा एक्सप्रेस पांच घंटे, 14649 जयनगर-अमृतसर एक्सप्रेस चार घंटे, 22355 लखनऊ-चंडीगढ़ एक्सप्रेस तीन घंटे, 15012 चंडीगढ़-लखनऊ एक्सप्रेस तीन घंटे, 12715 नांदेड-अमृतसर एक्सप्रेस छह घंटे, 22685 यशवंतपुर-चंडीगढ़ एक्सप्रेस चार घंटे, 12237 बेगमपुरा एक्सप्रेस पौने छह घंटे, 12238 बेगमपुरा एक्सप्रेस पौने तीन घंटे, 12919 मालवा एक्सप्रेस सवा चार घंटे, 14217 प्रयाग-चंडीगढ़ एक्सप्रेस साढ़े आठ घंटे, 12231 लखनऊ-चंडीगढ़ एक्सप्रेस पौने चार घंटे, 13005 हावड़ा मेल सवा पांच घंटे, 18217 सियालदहा एक्सप्रेस चार घंटे निर्धारित समय से लेट रही। इसके अलावा कई अन्य ट्रेनें भी लेट हुई।
कई कॉलोनियों में बिजली गुल
तड़के कई कॉलोनियों में बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई। सुबह महेशनगर, दयालबाग, वशिष्ठ नगर, अजीत नगर, अशोक नगर, गोल्डन पार्क, लक्की नगर एवं अन्य कॉलोनियों में बिजली नहीं थी। लोगों ने बताया कि रात्रि से ही बिजली गुल रही और सोमवार दोपहर बाद बिजली आई। घंटो कॉलोनियों में बिजली कट लगे।
किसानों के चेहरों पर आई रौनक, गेहूं के लिए मौसम अच्छ
धुंध से जहां जन-जीवन प्रभावित हुआ वहीं किसानों के चेहरों पर रौनक है। किसानों का कहना है कि पूरे सीजन में धुंध नहीं पड़ी, इस कारण गेहूं का फुटाव सही तरीके से नहीं हो रहा था। उनका कहना है कि इस समय पड़ने वाली धुंध न केवल गेहूं की पछेती किस्मों के लिए लाभदायक है, बल्कि अगेती किस्मों की अच्छी पैदावार में सहायक सिद्ध होगी। किसान सुखविंद्र सिंह, राम कुमार, गुरनाम सिंह, अमरजीत सिंह का कहना है कि उन्होंने ओलावृष्टि के बाद खेत खाली करके गेहूं की पछेती किस्म का बीज बोया था, लेकिन जनवरी में धुंध न पड़ने के कारण गेहूं की फसल में नियमित तरीके से बढ़ोतरी नहीं हो रही थी। 28 जनवरी को हुई बरसात व उसके बाद शुरू हुई धुुंध से गेंहू की फसल की रंगत बदल गई है। उनका कहना है कि अब उन्हें गेहूं की अच्छी पैदावार होने के आसार दिखाई दे रहे हैं।
वहीं कृषि विकास अधिकारी रोशन लाल ने बताया कि अभी मौसम गेहूं की फसल के लिए लाभदायक है। हालांकि, सरसों जैसी फसलों के लिए यह ज्यादा बेहतर नहीं है, लेकिन जिला अंबाला में अधिकांश किसान अधिकतर गेहूं की फसल की खेती करते हैं।