{"_id":"594c170f4f1c1b433e8b45df","slug":"151498158863-ambala-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"- सरकार पर लगाया कर्मियों का शोषण करने का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
- सरकार पर लगाया कर्मियों का शोषण करने का आरोप
Updated Fri, 23 Jun 2017 12:49 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबाला कैंट। हरियाणा सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ वीरवार पीडब्ल्यूडी कार्यालय में हरियाणा पीडब्ल्यूडी मेकेनिकल वर्कर यूनियन के आह्वान पर जिला स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित हुआ। इसमें पीडब्ल्यूडी, जन स्वास्थ्य विभाग, सिंचाई विभाग, भवन तथा मार्ग विभाग के फील्ड में कार्यरत कर्मचारियों ने हिस्सा लिया और रोष प्रदर्शन किया।
यूनियन के जिला प्रधान पूर्णचंद ने इसकी अध्यक्षता की जबकि संचालन जिला सचिव संजय कुमार ने किया। यूनियन नेताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार की तर्ज पर वेतनमान व भत्ते न देकर तथा कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष से घटाकर 58 वर्ष करके कर्मचारियों के साथ विश्वासघात करने का काम किया है। केंद्र सरकार ने न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये का लागू किया है परंतु प्रदेश सरकार ने इसमें कैंची चलाकर न्यूनतम वेतन 16,900 रुपये कर दिया गया है। यूनियन के प्रदेश कोषाध्यक्ष रामपाल सैनी व राज्य वरिष्ठ उपप्रधान ईश्वर शर्मा ने सरकार से सेवा नियमों में संशोधन करने व वेतन विसंगतियों दूर करने की मांग की। प्रदेश के उपप्रधान सरदार परमजीत सिंह व संगठन सचिव सतपाल मोदगिल ने निजीकरण व ठेकेदारी पर रोक लगाने एवं मेडिकल कैशलेस की नीति लागू करने की मांग की। उन्होंने सरकार पर कर्मचारियों का आर्थिक शोषण करने का आरोप लगाते हुए बताया कि विभाग में नियमित भर्ती न करके, कर्मचारियों को ठेके पर लगाकर सरकार की ओर से निर्धारित न्यूनतम वेतन न देकर उनका आर्थिक शोषण किया जा रहा है। इस अवसर पर कोषाध्यक्ष भिच्छा राम शर्मा, श्रवण कुमार, सचिव कुशलपाल, नरेंद्र कुमार, नायब सिंह, रणजीत सिंह, राज कुमार व अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
यूनियन के जिला प्रधान पूर्णचंद ने इसकी अध्यक्षता की जबकि संचालन जिला सचिव संजय कुमार ने किया। यूनियन नेताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार की तर्ज पर वेतनमान व भत्ते न देकर तथा कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष से घटाकर 58 वर्ष करके कर्मचारियों के साथ विश्वासघात करने का काम किया है। केंद्र सरकार ने न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये का लागू किया है परंतु प्रदेश सरकार ने इसमें कैंची चलाकर न्यूनतम वेतन 16,900 रुपये कर दिया गया है। यूनियन के प्रदेश कोषाध्यक्ष रामपाल सैनी व राज्य वरिष्ठ उपप्रधान ईश्वर शर्मा ने सरकार से सेवा नियमों में संशोधन करने व वेतन विसंगतियों दूर करने की मांग की। प्रदेश के उपप्रधान सरदार परमजीत सिंह व संगठन सचिव सतपाल मोदगिल ने निजीकरण व ठेकेदारी पर रोक लगाने एवं मेडिकल कैशलेस की नीति लागू करने की मांग की। उन्होंने सरकार पर कर्मचारियों का आर्थिक शोषण करने का आरोप लगाते हुए बताया कि विभाग में नियमित भर्ती न करके, कर्मचारियों को ठेके पर लगाकर सरकार की ओर से निर्धारित न्यूनतम वेतन न देकर उनका आर्थिक शोषण किया जा रहा है। इस अवसर पर कोषाध्यक्ष भिच्छा राम शर्मा, श्रवण कुमार, सचिव कुशलपाल, नरेंद्र कुमार, नायब सिंह, रणजीत सिंह, राज कुमार व अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन