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तड़पती रही गाय, गौशाला में रखने से किया मना
Updated Sun, 19 Aug 2018 12:52 AM IST
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दुर्घटना में घायल गाय तड़पती रही, गोशाला में रखने से किया मना
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। शहर में कालका चौक पर बलदेव नगर थाने के पास शनिवार शाम करीब चार बजे दो गायों को एक वाहन चालक ने टक्कर मार गया। सूचना पाकर श्रीकृष्ण गोसेवा सोसायटी के सदस्य वहां पहुंचे और दोनों गायों को उपचार दिया। उसके बाद एक गाय को सुल्लर गोशाला भेजा गया और दूसरी को वहीं बांध दिया गया।
सोसायटी के प्रधान मोनू चावला ने आरोप लगाया कि दूसरी गाय को उन्होंने घास मंडी स्थित गोशाला में भेजने के लिए वहां के सचिव सोहन लाल को संपर्क किया तो उन्होंने गाय रखने से मना कर दिया। वहीं घास मंडी स्थित गोशाला में मैनेजर के पद पर तैनात नरेश से बात की तो उन्होंने भी गाय रखने से मना कर दिया और कहा कि पहले ही गोशाला में 670 के लगभग गाये हैं और गाय रखने की जगह नहीं है। वहीं गोशाला में कार्यरत एक सदस्य ने यहां तक कह डाला कि इस बारे में आप हमसे बात नहीं करो, अगर आपको कोई समस्या है तो नगर निगम में जाकर बात करो। चावला ने आरोप लगाया कि वह कई बार रात के समय गोवंश को मुक्त करवाते हैं तो कई गोशाला में उन गायों को भेजने की बात करते हैं तो गोशाला संचालक अपनी-अपनी गोशाला में इन गायों को रखने से मना कर देते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि उक्त दोनों गायों में से एक गाय को भी सुल्लर गोशाला में काफी कहने के बाद रखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब दूसरी गाय को भी सुल्लर में रखने की बात की गई तो उन्होंने भी दूसरी गाय को रखने से मना कर दिया। वहीं सवाल यह भी उठता है कि जब गाय को कोई भी गोशाला रखने को तैयार नहीं तो गोशाला खोलने का क्या औचित्य। चावला ने कहा कि अगर इसी तरह उन्हें ऐसी समस्या आती रही तो वह कोर्ट की ओर रुख करने से भी परहेज नहीं करेंगे।
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। शहर में कालका चौक पर बलदेव नगर थाने के पास शनिवार शाम करीब चार बजे दो गायों को एक वाहन चालक ने टक्कर मार गया। सूचना पाकर श्रीकृष्ण गोसेवा सोसायटी के सदस्य वहां पहुंचे और दोनों गायों को उपचार दिया। उसके बाद एक गाय को सुल्लर गोशाला भेजा गया और दूसरी को वहीं बांध दिया गया।
सोसायटी के प्रधान मोनू चावला ने आरोप लगाया कि दूसरी गाय को उन्होंने घास मंडी स्थित गोशाला में भेजने के लिए वहां के सचिव सोहन लाल को संपर्क किया तो उन्होंने गाय रखने से मना कर दिया। वहीं घास मंडी स्थित गोशाला में मैनेजर के पद पर तैनात नरेश से बात की तो उन्होंने भी गाय रखने से मना कर दिया और कहा कि पहले ही गोशाला में 670 के लगभग गाये हैं और गाय रखने की जगह नहीं है। वहीं गोशाला में कार्यरत एक सदस्य ने यहां तक कह डाला कि इस बारे में आप हमसे बात नहीं करो, अगर आपको कोई समस्या है तो नगर निगम में जाकर बात करो। चावला ने आरोप लगाया कि वह कई बार रात के समय गोवंश को मुक्त करवाते हैं तो कई गोशाला में उन गायों को भेजने की बात करते हैं तो गोशाला संचालक अपनी-अपनी गोशाला में इन गायों को रखने से मना कर देते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि उक्त दोनों गायों में से एक गाय को भी सुल्लर गोशाला में काफी कहने के बाद रखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब दूसरी गाय को भी सुल्लर में रखने की बात की गई तो उन्होंने भी दूसरी गाय को रखने से मना कर दिया। वहीं सवाल यह भी उठता है कि जब गाय को कोई भी गोशाला रखने को तैयार नहीं तो गोशाला खोलने का क्या औचित्य। चावला ने कहा कि अगर इसी तरह उन्हें ऐसी समस्या आती रही तो वह कोर्ट की ओर रुख करने से भी परहेज नहीं करेंगे।
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