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कैंट के नौ वार्डों को अब भी 25-25 लाख रुपये का इंजतार
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कैंट के नौ वार्डों को अब भी 25-25 लाख रुपये का इंतजार
फोटो नंबर : 30
नाराज पूर्व पार्षदों ने निगम कमिश्नर से कहा- अंतिम बैठक में हर वार्ड के लिए जारी हुई थी ग्रांट
सिटी में राशि लगाई, मगर कैंट में नहीं आया एक पैसा
कमिश्नर बोले- निगम के पास फंड की कमी, फंड मिलते ही जल्द जारी होगी राशि
पूर्व पार्षदों के प्रतिनिधिमंडल ने सफाई एवं अन्य मुद्दों को भी कमिश्नर के समक्ष उठाया
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। निगम हाउस की इसी वर्ष मई में हुई अंतिम बैठक में ट्विन सिटी के 20 वार्डों के लिए 25-25 लाख रुपये की ग्रांट जारी करने वादा निगम कमिश्नर ने किया था। यह राशि सिटी के 11 वार्डों में तो लग गई, मगर कैंट के वार्डों को अभी भी इस राशि का इंतजार है। बुधवार को इसी मामले को लेकर नाराज पूर्व पार्षदों का प्रतिनिधिमंडल निगम कमिश्नर से निगम सदर जोन कार्यालय में बुधवार दोपहर को मिला। इस दौरान कांग्रेस के पूर्व पार्षदों ने आपत्ति जताई कि निगम अधिकारी जानबूझकर यह राशि जारी नहीं कर रहे हैं और धरातल पर विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि जल्द राशि जारी नहीं की गई तो वह अगले सप्ताह में निगम अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। प्रतिनिधिमंडल में निगम के पूर्व मेयर रमेश मल, सीनियर डिप्टी मेयर दुर्गा सिंह अत्री, डिप्टी मेयर सुधीर जायसवाल, पूर्व पार्षद जरनैल सिंह माजरा, स्वर्ण कौर के पति परमजीत सिंह के अलावा भाजपा के पूर्व पार्षद सुरेंद्र बिंद्रा, जसबीर जस्सी व अन्य मौजूद रहे।
कांग्रेस के पूर्व पार्षदों ने मुद्दा उठाया कि निगम हाउस की मई में हुई अंतिम बैठक में हर वार्ड में 25-25 लाख रुपये अलॉट करने का प्रस्ताव पारित हुआ था। निगम अधिकारियों ने घोषणा की थी कि हर वार्ड में विकास के लिए 25 लाख रुपये अलॉट किए जाएंगे। मगर यह राशि आज तक जारी नहीं हो सकी है। उन्होंने बताया कि सिटी के 11 वार्डों में इस राशि से विकास कार्य तक हो चुके हैं जबकि कैंट के वार्डों में यह राशि अब तक निगम ने अलॉट नहीं की है। पूर्व पार्षदों ने जानबूझकर राशि रोकने के आरोप लगाए। उनका कहना था कि वार्डों में विकास कार्य नहीं हो रहे हैं। नालियां, सड़कें टूटी पड़ी हैं। पूर्व पार्षदों के सवालों पर निगम कमिश्नर सत्येंद्र सिवाच ने जवाब दिया कि निगम के पास फंड की कमी है जिस वजह से कुछ समस्या आ रही है। उन्होंने पूर्व पार्षदों को आश्वस्त किया कि फंड मिलते ही जल्द राशि जारी होगी।
स्ट्रीट लाइट का मुद्दा उठाया
पूर्व पार्षदों ने कहा कि 25 लाख रुपये में से डेढ़ लाख रुपये स्ट्रीट लाइटों के लिए अलॉट होने थे, मगर यह राशि भी अब तक किसी वार्ड में नहीं आई है।कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइट खराब हैं जिसे ठीक करने के लिए कर्मी आते ही नहीं। कमिश्नर ने कहा कि स्ट्रीट लाइट ठीक कराने के लिए पुराने ठेकेदार को कहा गया है। समस्या का जल्द हल कर दिया जाएगा।
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कूड़ा कलेक्शन एवं सफाई का मुद्दा उठाया
निगम कमिश्नर के समक्ष डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के अलावा सफाई का मुद्दा भी उठाया गया। पूर्व पार्षदों ने कहा कि सफाई नहीं होने से गली-मोहल्लों का बुरा हाल है। गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। कॉलोनियों में सफाई कर्मी कचरा उठाने नहीं आ रहे हैं। कमिश्नर ने बताया कि कूड़ा कलेक्शन के टेंडर निकाले गए हैं और जल्द यह अलॉट होंगे।
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फोटो नंबर 9
इनेलो ने उठाया एनडीसी का मामला
दूसरी ओर इनेलो व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष ओंकार सिंह ने भी निगम कमिश्नर से मुलाकात कर एनडीसी (नो ड्यूज सर्टिफिकेट) का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि आम व्यक्ति तीन-तीन महीने निगम के चक्कर लगाता रहता है, मगर एक कर्मचारी या अधिकारी के छुट्टी पर जाने से सारी जनता का काम रुक जाता है। कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। वह ईओ से दो बार मिल चुके हैं, मगर सुनवाई नहीं हो रही। ओंकार सिंह ने बताया कि निगम कमिश्नर से भी उन्होंने इस मामले के बारे में पूछा तो उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि निगम में अधिकारियों के घर का राज है जो भी अधिकारी आता है अपनी मनमर्जी की शर्तें लगा कर प्रक्रिया को जटिल बनाता जा रहा है। इस अवसर पर पूर्व पार्षद व नगरपरिषद के पूर्व उपाध्यक्ष मेहर सिंह जाट, अनिल लांबा, नीरज शर्मा, विनोद सैनी, वरिंदर पाहवा, मनजीत सिंह, हरविंदर सिंह, अरविंद अग्रवाल मौजूद थे।
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फोटो नंबर : 30
नाराज पूर्व पार्षदों ने निगम कमिश्नर से कहा- अंतिम बैठक में हर वार्ड के लिए जारी हुई थी ग्रांट
सिटी में राशि लगाई, मगर कैंट में नहीं आया एक पैसा
कमिश्नर बोले- निगम के पास फंड की कमी, फंड मिलते ही जल्द जारी होगी राशि
पूर्व पार्षदों के प्रतिनिधिमंडल ने सफाई एवं अन्य मुद्दों को भी कमिश्नर के समक्ष उठाया
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। निगम हाउस की इसी वर्ष मई में हुई अंतिम बैठक में ट्विन सिटी के 20 वार्डों के लिए 25-25 लाख रुपये की ग्रांट जारी करने वादा निगम कमिश्नर ने किया था। यह राशि सिटी के 11 वार्डों में तो लग गई, मगर कैंट के वार्डों को अभी भी इस राशि का इंतजार है। बुधवार को इसी मामले को लेकर नाराज पूर्व पार्षदों का प्रतिनिधिमंडल निगम कमिश्नर से निगम सदर जोन कार्यालय में बुधवार दोपहर को मिला। इस दौरान कांग्रेस के पूर्व पार्षदों ने आपत्ति जताई कि निगम अधिकारी जानबूझकर यह राशि जारी नहीं कर रहे हैं और धरातल पर विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि जल्द राशि जारी नहीं की गई तो वह अगले सप्ताह में निगम अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। प्रतिनिधिमंडल में निगम के पूर्व मेयर रमेश मल, सीनियर डिप्टी मेयर दुर्गा सिंह अत्री, डिप्टी मेयर सुधीर जायसवाल, पूर्व पार्षद जरनैल सिंह माजरा, स्वर्ण कौर के पति परमजीत सिंह के अलावा भाजपा के पूर्व पार्षद सुरेंद्र बिंद्रा, जसबीर जस्सी व अन्य मौजूद रहे।
कांग्रेस के पूर्व पार्षदों ने मुद्दा उठाया कि निगम हाउस की मई में हुई अंतिम बैठक में हर वार्ड में 25-25 लाख रुपये अलॉट करने का प्रस्ताव पारित हुआ था। निगम अधिकारियों ने घोषणा की थी कि हर वार्ड में विकास के लिए 25 लाख रुपये अलॉट किए जाएंगे। मगर यह राशि आज तक जारी नहीं हो सकी है। उन्होंने बताया कि सिटी के 11 वार्डों में इस राशि से विकास कार्य तक हो चुके हैं जबकि कैंट के वार्डों में यह राशि अब तक निगम ने अलॉट नहीं की है। पूर्व पार्षदों ने जानबूझकर राशि रोकने के आरोप लगाए। उनका कहना था कि वार्डों में विकास कार्य नहीं हो रहे हैं। नालियां, सड़कें टूटी पड़ी हैं। पूर्व पार्षदों के सवालों पर निगम कमिश्नर सत्येंद्र सिवाच ने जवाब दिया कि निगम के पास फंड की कमी है जिस वजह से कुछ समस्या आ रही है। उन्होंने पूर्व पार्षदों को आश्वस्त किया कि फंड मिलते ही जल्द राशि जारी होगी।
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स्ट्रीट लाइट का मुद्दा उठाया
पूर्व पार्षदों ने कहा कि 25 लाख रुपये में से डेढ़ लाख रुपये स्ट्रीट लाइटों के लिए अलॉट होने थे, मगर यह राशि भी अब तक किसी वार्ड में नहीं आई है।कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइट खराब हैं जिसे ठीक करने के लिए कर्मी आते ही नहीं। कमिश्नर ने कहा कि स्ट्रीट लाइट ठीक कराने के लिए पुराने ठेकेदार को कहा गया है। समस्या का जल्द हल कर दिया जाएगा।
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कूड़ा कलेक्शन एवं सफाई का मुद्दा उठाया
निगम कमिश्नर के समक्ष डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के अलावा सफाई का मुद्दा भी उठाया गया। पूर्व पार्षदों ने कहा कि सफाई नहीं होने से गली-मोहल्लों का बुरा हाल है। गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। कॉलोनियों में सफाई कर्मी कचरा उठाने नहीं आ रहे हैं। कमिश्नर ने बताया कि कूड़ा कलेक्शन के टेंडर निकाले गए हैं और जल्द यह अलॉट होंगे।
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फोटो नंबर 9
इनेलो ने उठाया एनडीसी का मामला
दूसरी ओर इनेलो व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष ओंकार सिंह ने भी निगम कमिश्नर से मुलाकात कर एनडीसी (नो ड्यूज सर्टिफिकेट) का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि आम व्यक्ति तीन-तीन महीने निगम के चक्कर लगाता रहता है, मगर एक कर्मचारी या अधिकारी के छुट्टी पर जाने से सारी जनता का काम रुक जाता है। कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। वह ईओ से दो बार मिल चुके हैं, मगर सुनवाई नहीं हो रही। ओंकार सिंह ने बताया कि निगम कमिश्नर से भी उन्होंने इस मामले के बारे में पूछा तो उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि निगम में अधिकारियों के घर का राज है जो भी अधिकारी आता है अपनी मनमर्जी की शर्तें लगा कर प्रक्रिया को जटिल बनाता जा रहा है। इस अवसर पर पूर्व पार्षद व नगरपरिषद के पूर्व उपाध्यक्ष मेहर सिंह जाट, अनिल लांबा, नीरज शर्मा, विनोद सैनी, वरिंदर पाहवा, मनजीत सिंह, हरविंदर सिंह, अरविंद अग्रवाल मौजूद थे।