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Ambala News: सीधी बिजाई और पराली प्रबंधन पर अटके 12 करोड़
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अंबाला सिटी। धान की सीधी बिजाई के लिए किसानों को जागरूक करना कृषि विभाग के लिए चुनौती बन गया है। जब विभाग के कर्मचारी किसी भी गांव में जागरूकता के लिए जा रहे हैं तो किसान बीते वर्ष के भुगतान का हवाला देते हैं।
सीधी बिजाई और पराली प्रबंधन के 12.45 करोड़ रुपये सरकार की तरफ लंबित हैं। इसी भुगतान को दिलाने की किसान मांग कर रहे हैं और कृषि अधिकारियों के लिए उन्हें समझाना बड़ी समस्या बन रहा है। सीधी बिजाई के लिए अंबाला के किसानों का करीब दो करोड़ 45 लाख रुपये बकाया है। इसके साथ ही पराली प्रबंधन के भी 10 करोड़ रुपये बकाया हैं। बीते वर्ष 6105 एकड़ में सीधी बिजाई की थी। विभाग की ओर से प्रति एकड़ चार हजार रुपये दिए जाते हैं। इसलिए वर्ष सीधी बिजाई के लिए प्रोत्साहन का कार्य प्रभावित हो रहा है। हालांकि अभी तक इस वर्ष का लक्ष्य निर्धारित किया है।
बीते वर्ष भी आधा ही लक्ष्य हुआ था पूरा
बीते वर्ष विभाग को 13 हजार एकड़ में सीधी बिजाई करवाने का लक्ष्य दिया गया था। इसमें से सिर्फ छह हजार एकड़ में ही सीधी बिजाई हो पाई थी। इस वर्ष भुगतान दो महीने से अधिक देरी से चल रहा है। इसलिए इस बार यह लक्ष्य घटने के आसार नजर आ रहे हैं। हालांकि अभी तक सीधी बिजाई के लिए लक्ष्य निर्धारित नहीं हुआ है।
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पराली प्रबंधन का भी भुगतान अटका
बीते वर्ष फसल अवशेष प्रबंधन के लिए भी प्रोत्साहन राशि के लिए अभियान चलाया गया था। जिसमें अंबाला का बेहतर प्रदर्शन रहा था। अंबाला में एक लाख एकड़ क्षेत्र में पराली प्रबंधन किया गया था। इसके लिए किसानों को प्रति एकड़ एक हजार रुपये का अनुदान दिया जाना था। मगर अभी तक इसका भी भुगतान लंबित पड़ा है। यह भुगतान करीब 10 करोड़ रुपये बनता है। ऐसे में इस वर्ष भी पराली प्रबंधन के विफल होने के आसार नजर आ रहे हैं।
वर्जन
कृषि विभाग की ओर से निदेशालय को दोनों भुगतान के लिए पत्र लिखा गया है। अब तक भुगतान नहीं हो पाया है।
-डॉ. जसविंद्र सिंह सैनी, डीडीए कृषि विभाग, अंबाला
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सीधी बिजाई और पराली प्रबंधन के 12.45 करोड़ रुपये सरकार की तरफ लंबित हैं। इसी भुगतान को दिलाने की किसान मांग कर रहे हैं और कृषि अधिकारियों के लिए उन्हें समझाना बड़ी समस्या बन रहा है। सीधी बिजाई के लिए अंबाला के किसानों का करीब दो करोड़ 45 लाख रुपये बकाया है। इसके साथ ही पराली प्रबंधन के भी 10 करोड़ रुपये बकाया हैं। बीते वर्ष 6105 एकड़ में सीधी बिजाई की थी। विभाग की ओर से प्रति एकड़ चार हजार रुपये दिए जाते हैं। इसलिए वर्ष सीधी बिजाई के लिए प्रोत्साहन का कार्य प्रभावित हो रहा है। हालांकि अभी तक इस वर्ष का लक्ष्य निर्धारित किया है।
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बीते वर्ष भी आधा ही लक्ष्य हुआ था पूरा
बीते वर्ष विभाग को 13 हजार एकड़ में सीधी बिजाई करवाने का लक्ष्य दिया गया था। इसमें से सिर्फ छह हजार एकड़ में ही सीधी बिजाई हो पाई थी। इस वर्ष भुगतान दो महीने से अधिक देरी से चल रहा है। इसलिए इस बार यह लक्ष्य घटने के आसार नजर आ रहे हैं। हालांकि अभी तक सीधी बिजाई के लिए लक्ष्य निर्धारित नहीं हुआ है।
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पराली प्रबंधन का भी भुगतान अटका
बीते वर्ष फसल अवशेष प्रबंधन के लिए भी प्रोत्साहन राशि के लिए अभियान चलाया गया था। जिसमें अंबाला का बेहतर प्रदर्शन रहा था। अंबाला में एक लाख एकड़ क्षेत्र में पराली प्रबंधन किया गया था। इसके लिए किसानों को प्रति एकड़ एक हजार रुपये का अनुदान दिया जाना था। मगर अभी तक इसका भी भुगतान लंबित पड़ा है। यह भुगतान करीब 10 करोड़ रुपये बनता है। ऐसे में इस वर्ष भी पराली प्रबंधन के विफल होने के आसार नजर आ रहे हैं।
वर्जन
कृषि विभाग की ओर से निदेशालय को दोनों भुगतान के लिए पत्र लिखा गया है। अब तक भुगतान नहीं हो पाया है।
-डॉ. जसविंद्र सिंह सैनी, डीडीए कृषि विभाग, अंबाला