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साधन-संपन्न लोगों ने 30 गांवों की श्मशान भूमि में स्वेच्छा से शैड बनाने की ली जिम्मेदारी
Updated Sat, 13 Oct 2018 01:08 AM IST
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साधन-संपन्न लोगों ने 30 गांवों की श्मशान भूमि में स्वेच्छा से शेड बनाने की ली जिम्मेदारी
फोटो नंबर-----4
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। डीसी शरणदीप कौर बराड़ ने बताया कि श्मशान भूमियों में शेड, पेयजल, रास्ते व चहारदीवारी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा आरंभ की गई शिव धाम नवीनीकरण योजना में जिले के साधन-संपन्न लोगों का अभूतपूर्व सहयोग मिल रहा है। उन्होंने बताया कि 30 गांवों की श्मशान भूमि में समाजसेवियों और साधन-संपन्न लोगों ने स्वेच्छा से शेड निर्माण की जिम्मेदारी ली है। डीसी अपने कार्यालय में शिव धाम नवीनीकरण योजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। उन्होंने बताया कि अंबाला के 6 विकास खंडों में से प्रथम विकास खंड प्रदेश के ऐसे खंडों में शामिल हो चुका है, जिसके सभी गांवों में कम से कम एक श्मशान भूमि में उक्त चारों सुविधाएं उपलब्ध हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि पेयजल की सुविधा से वंचित जिले के 357 गांवों में श्मशान भूमियों में पेयजल सुविधा उपलब्ध करवाई जा चुकी है। जिले के 32 ऐसे गांव थे, जिनमें एक भी श्मशान भूमि में शेड की सुविधा नहीं थी, इनमें से 30 गांवों को साधन-संपन्न लोगों ने यह सुविधा उपलब्ध करवाई है। बराड़ ने बताया कि जिले के 258 गांव ऐसे थे, जिनमें चहारदीवारी नहीं थी, इन गांवों में से 144 में चहारदीवारी बनाई जा चुकी है और 15 गांवों में कार्य चल रहा है। इसी प्रकार रास्ते की सुविधा से वंचित 240 गांवों की श्मशान भूमियों में 157 के रास्ते बनवाए जा चुके हैं और 14 का कार्य प्रगति पर है। इस मौके पर नगराधीश सुशील कुमार, एडीसी कार्यालय के परियोजना अधिकारी ईशम सिंह मैहला, नरेश अग्रवाल, नरेश छाबड़ा, रिषभ गुप्ता, अश्वनी सरीन, मनमोहन पुरी, दिनेश ग्रोवर, हरीश आहूजा, राजन कांसरा, अनिल भटनागर और अनिल सिंगला सहित अन्य समाज सेवी उपस्थित थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। डीसी शरणदीप कौर बराड़ ने बताया कि श्मशान भूमियों में शेड, पेयजल, रास्ते व चहारदीवारी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा आरंभ की गई शिव धाम नवीनीकरण योजना में जिले के साधन-संपन्न लोगों का अभूतपूर्व सहयोग मिल रहा है। उन्होंने बताया कि 30 गांवों की श्मशान भूमि में समाजसेवियों और साधन-संपन्न लोगों ने स्वेच्छा से शेड निर्माण की जिम्मेदारी ली है। डीसी अपने कार्यालय में शिव धाम नवीनीकरण योजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। उन्होंने बताया कि अंबाला के 6 विकास खंडों में से प्रथम विकास खंड प्रदेश के ऐसे खंडों में शामिल हो चुका है, जिसके सभी गांवों में कम से कम एक श्मशान भूमि में उक्त चारों सुविधाएं उपलब्ध हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि पेयजल की सुविधा से वंचित जिले के 357 गांवों में श्मशान भूमियों में पेयजल सुविधा उपलब्ध करवाई जा चुकी है। जिले के 32 ऐसे गांव थे, जिनमें एक भी श्मशान भूमि में शेड की सुविधा नहीं थी, इनमें से 30 गांवों को साधन-संपन्न लोगों ने यह सुविधा उपलब्ध करवाई है। बराड़ ने बताया कि जिले के 258 गांव ऐसे थे, जिनमें चहारदीवारी नहीं थी, इन गांवों में से 144 में चहारदीवारी बनाई जा चुकी है और 15 गांवों में कार्य चल रहा है। इसी प्रकार रास्ते की सुविधा से वंचित 240 गांवों की श्मशान भूमियों में 157 के रास्ते बनवाए जा चुके हैं और 14 का कार्य प्रगति पर है। इस मौके पर नगराधीश सुशील कुमार, एडीसी कार्यालय के परियोजना अधिकारी ईशम सिंह मैहला, नरेश अग्रवाल, नरेश छाबड़ा, रिषभ गुप्ता, अश्वनी सरीन, मनमोहन पुरी, दिनेश ग्रोवर, हरीश आहूजा, राजन कांसरा, अनिल भटनागर और अनिल सिंगला सहित अन्य समाज सेवी उपस्थित थे।