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मंत्री जी, खुले दरबार का क्या फायदा, जब समस्याएं ही हल नहीं होती

Thu, 10 May 2018 01:12 AM IST
Updated Thu, 10 May 2018 01:12 AM IST
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मंत्री जी, खुले दरबार का क्या फायदा, जब समस्याएं ही हल नहीं होती
‘मंत्रीजी! खुले दरबार का क्या फायदा, जब समस्याएं ही हल नहीं होती’
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला/शहजादपुर।
गांव खेड़की मानकपुर में बुधवार देर रात आयोजित खुले दरबार और रात्रि ठहराव कार्यक्र्रम में सांसद रत्न लाल कटारिया और राज्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सामने लोगों ने समस्याओं की झड़ी लगाते हुए कहा कि ‘मंत्री जी ऐसे खुले दरबार का क्या फायदा, जब समस्याएं ही हल नहीं होती, खुले दरबार में कई बार आ चुके हैं हर बार आश्वासन मिलता है, समस्या का समाधान तो होता नहीं’। इस दौरान लोगों ने कहा कि अधिकारी सुनते नहीं हैं, जबकि मंत्री अथवा बड़े नेता के आने पर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में देरी नहीं होती। हालांकि राज्यमंत्री नायब सैनी और सांसद कटारिया ने जनता को समस्याओं के जल्द समाधान का आश्वासन दिया।

कार्यक्रम देखकर सड़क से निकाला गया पानी
गांव जंगूमाजरा के नंबरदार जोगिंदर सिंह ने कहा कि उनके गांव से जो सड़क गुजर रही है, वहां पर हमेशा पानी खड़ा रहता है। कई बार कहा गया है, लेकिन कोई सुनता तक नहीं है। अब जब मंत्री और सांसद का रात्रि ठहराव और खुला दरबार कार्यक्रम है, तो पाइप दबाकर यह पानी निकाला गया है। एसडीओ पीडब्ल्यूडी नवीन खत्री ने कहा कि नाला न होने के चलते पानी सड़कों पर बह रहा है। पंचायत से बात की गई है, जल्द ही इसका समाधान होगा।
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रोजगार नहीं है, कैसे करें परिवार का भरण पोषण
खुले दरबार में नौकरी की उम्मीद लेकर पहुंचे गांव खेड़की मानकपुर के तरसेम चंद ने कहा कि वह पैरालिसिस के कारण लाचार हैं। आजीविका का कोई साधन नहीं हैं, जबकि पति और पत्नी दोनों शिक्षित हैं। इसके बावजूद रोजगार का कोई साधन नहीं है। उन्होंने कहा कि मंत्री के खुले दरबार में दो बार मिल चुके हैं, लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं, अब बच्चों का भरण पोषण कैसे करें।
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प्लॉट तो मिल गए लेकिन बिजली-पानी की सुविधा नहीं
गांव जंगूमाजरा की अंजू बाला भी समस्या लेकर खुले दरबार में पहुंची। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से प्लाट तो मिल गया है, लेकिन उसमें बिजली पानी तक नहीं है। अब बिना बिजली और पानी के कैसे रहा जा सकता है। दोनों विभागों के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन अभी तक समस्या जस की तस है।

योजना का प्रचार हुआ, कोई सुविधा तो मिली नहीं
खुले दरबार में पहुंचीं जंगूमाजरा की दर्शना देवी, कमलेश, विमला, मोतिया रानी, आशा रानी ने कहा कि सरकार की आवास योजना में उनको कोई प्लॉट या मकान नहीं मिला है। अब इस योजना का प्रचार तो किया गया है, लेकिन अभी तक कोई सुविधा ही नहीं है। संबंधित विभागों के अधिकारी कुछ बताने को राजी नहीं है। इसी तरह कुसुम रानी ने बताया कि उसके पास नौकरी नहीं है, जिसके चलते परेशान है। अब कैसे गुजर बसर होगी कुछ पता नहीं है, जबकि खुले दरबार से लेकर हर स्तर पर कोशिश कर चुके हैं।

दो गांवों का एक ही श्मशान घाट, उसका रास्ता भी कच्चा
गांव खेड़की मानकपुर के बलविंदर सिंह आदि ने बताया कि दो गांवों का एक ही श्मशान घाट है, इसको जाने वाला रास्ता भी कच्चा है। इस बारे में हर स्तर पर गुहार लगा चुके हैं, जबकि यह अभी तक पक्का नहीं कराया गया है। कई बार ऐसा हुआ है कि बरसातों में आना जाना मुश्किल हो जाता है। अब पता नहीं कब यह रास्ता पक्का कराया जाएगा, जबकि आश्वासन तो हर बार दिया जाता है।


दो दर्जन परिवारों के नहीं बने वोटर कार्ड
गांव जंगूमाजरा से आई कृष्णा देवी ने बताया कि करीब 20 साल पहले वे तथा अन्य उक्त गांव के अलावा सादिकपुर, लाहा, खेड़की, मानकपुर में आकर बसे थे। इसके बाद से ही उनके न तो वोट कार्ड बने है और न ही अन्य सुविधाएं मिल पाई है। इसी को लेकर हर स्तर पर दरवाजा खटखटा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती। हर बार आश्वासन देकर टरका दिया जाता है।
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