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बजट को लेकर अंबाला को आस, क्या होगा इस बार खास

Mon, 25 Feb 2019 12:15 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 25 Feb 2019 12:15 AM IST
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बजट को लेकर अंबाला को आस, क्या होगा इस बार खास
अमर उजाला ब्यूरो
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अंबाला सिटी। प्रदेश सरकार द्वारा सोमवार को प्रस्तुत किए जाने वाले बजट को लेकर अंबाला के निवासियों में आस है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल का यह अंतिम बजट है और बजट को लेकर इस बार ढेरों राहत की उम्मीदें लगाए बैठें हैं। लोगों का कहना है कि प्रदेश सरकार पंजाब सरकार की तरह पेट्रोल व डीजल पर टैक्स कटौती कर जनता को राहत दे। उनका कहना है कि बजट आम आदमी को ध्यान में रख कर बनाया जाना चाहिए। इस बजट में छोटे व्यापारियों के लिए राहत होनी चाहिए वहीं इंडस्ट्री चाहती है कि टैक्सों का सरलीकरण हो। किसान भी इस बजट से आस लगाए हुए हैं जबकि शिक्षा एवं अन्य वर्ग को भी बजट से आस है।
हरियाणा सरकार अंतरिम बजट में प्रदेश में व्यापार व उद्योग को बढ़ावा देने के लिए विशेष पैकेज देना चाहिए : बजरंग गर्ग
वहीं, हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष व हरियाणा कन्फेड के पूर्व चेयरमैन बजरंग गर्ग ने व्यापारी प्रतिनिधियों कि मीटिंग लेते हुए कहा कि हरियाणा सरकार को अपने अंतरिम बजट में प्रदेश में व्यापार व उद्योग को बढ़ावा देने के लिए विशेष पैकेज देना चाहिए। सरकार को बजट में व्यापारियों की पेंशन योजना, व्यापारी जो टैक्स सरकार को जमा कराता है उसका पांच प्रतिशत कमीशन प्रोत्साहन के रूप में देने का प्रावधान बजट में बनाना चाहिए। व्यापारी की दुकान में जितना भी माल है उस माल का सरकार अपने खर्चे पर मुफ्त बीमा योजना लागू करना चाहिए। प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने कहा कि देश में जीएसटी लागू होने के बाद मार्केट फीस (मंडी टैक्स) को बजट में समाप्त किया जाए। इसके अलावा प्रदेश में व्यापार व उद्योग को बढ़ावा देने के लिए ज्यादा से ज्यादा सुविधा व रियायतें अंतरिम बजट में देनी चाहिए। हरियाणा सरकार ने हाल ही में हर व्यापारी व उद्योगपतियों पर लगाया गया नया व्यवसाय कर जो इंस्पेक्टरी राज का प्रतीक है उसे भी बजट सेशन में समाप्त किया जाए। इस मौके पर निरू वढ़ेरा, राम चरण सिंगला, तरसेम अग्रवाल, चन्द्र प्रकाश गुलाठी, प्रदीप बजाज, सुरेन्द्र सचदेवा, त्रिलोक अरोड़ा, प्रदीप गुप्ता आदि प्रतिनिधी मौजूद थे।
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बजट से यह आस विभिन्न वर्गों को
- साइंस इंडस्ट्री से जुड़े पदाधिकारी उमेश गुप्ता कुजा ने कहा कि साइंस इंडस्ट्री अंबाला की शान है जिसका टर्न ओवर डेढ़ हजार करोड़ का है। इस इंडस्ट्री पर सरकार को ध्यान देना चाहिए। इंडस्ट्री टैक्स के बीच तले दबी हुई है जिसमें सुधार की जरुरत है। इसके अलावा अन्य पैकेज भी इंडस्ट्री को मिलनी चाहिए।
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- होलसेल कपड़ा मार्किट एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल बत्तरा ने कहा कि अंबाला के कपड़ा उद्योग के लिए कुछ न कुछ बजट में होना चाहिए। वर्तमान सरकार का यह अंतिम बजट है जिससे काफी आस है। जीएसटी को एक ही स्लैब में लाना चाहिए व व्यापारी हित में यह बजट होना चाहिए।
- किसान हरनेक सिंह ने कहा कि सरकार को स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू करना चाहिए। केवल दो हजार रुपये खाते में डालने से कुछ नहीं होगा। सरकार यदि किसानों की हितैषी है तो इस रिपोर्ट को लागू करे। वर्तमान समय में किसान परेशान है और उसे राहतों भरा पैकेज सरकार को देना चाहिए।
- आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान दुनीचंद दानीपुर ने कहा कि सरकार को किसान व आढ़तियों की हालत में सुधार करना चाहिए। आढ़तियों के लिए कुछ घोषणाएं होनी चाहिए जबकि किसान को भी राहत मिलनी चाहिए। इस समय मंडियों में हालत खराब होते जा रहे हैं जिनमें सुधार की जरुरत ळै।
- व्यापारी रोहित सूरी कहते हैं कि व्यापारी वर्ग टैक्स के बोझ तले दबा है। जीएसटी इतनी है कि टैक्स के गणित में ही वह उलझकर रह गए हैं। प्रदेश सरकार को अपने नागरिकों को बेहतर बजट देना चाहिए जिससे उनको लाभ मिल सके।
- स्कूल संचालक सौरभ कपूर ने कहा कि सरकार को शिक्षा की ओर ध्यान देने की जरुरत है। सरकारी स्कूलों के मुकाबले प्राइवेट स्कूल बेहतर शिक्षा प्रदान करवा रहे हैं और ऐसे में स्कूलों की ओर ध्यान देने की जरुरत है। शिक्षा के लिए बजट में विशेष प्रावधान होना चाहिए।
- छात्र अभिनव ने कहा कि सरकार को स्कूलों में फीस कम करने पर ध्यान देना चाहिए। बजट में ऐसी घोषणा हो जिससे फीस कम हो सके। अभी फीस अदा करने में ही पसीने छूट जाते हैं। फीस का ढांचा लगातार बढ़ता जा रहा है जिसपर सरकार को ध्यान देने की जरुरत है।

- गृहणी सिम्पी शर्मा ने कहा कि बजट में सरकार को घरेलू वस्तुओं पर छूट देनी चाहिए जिससे घर का खर्च कम हो। प्रति माह चार से लेकर पांच हजार रुपये तक का राशन पड़ रहा है जबकि यही स्थिति अन्य सामग्री की है। घरेलू वषस्तुओं पर टैक्स कम होना चाहिए और महिलाओं के लिए विशेष योजनाएं होनी चाहिए।
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