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हाईकोर्ट ने सरकार को भेजा नोटिस, सुनवाई 23 को
Updated Thu, 05 Apr 2018 12:40 AM IST
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नारायणगढ़ नगर पालिका के अध्यक्ष का पद खाली होने का मामला, हाईकोर्ट ने सरकार को भेजा नोटिस, सुनवाई 23 को
अमर उजाला ब्यूरो
नारायणगढ़। नगरपालिका नारायणगढ़ के 10 पार्षदों ने नपा के खाली अध्यक्ष पद के संबंध में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका की हुई है। इस पर बुधवार को सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता के वकील की दलीलें सुनने के बाद जस्टिस दया चौधरी ने 23 अप्रैल के लिए सरकार को नोटिस जारी कर दिया। जस्टिस ने कोर्ट में मौजूद अतिरिक्त एडवोकेट जनरल को दो हफ्ते के अंदर इस संबंध में सरकार से निर्देश लेकर अदालत को अवगत कराने के लिए कहा है।
हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकील सुखविंद्र नारा ने बताया कि नारायणगढ़ नगरपालिका का चुनाव मई 2016 में हुआ था। इसके बाद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव हुआ। अध्यक्ष का पद अनुसूचित जाति के लिए रिजर्व है, लेकिन 17 नवंबर 2017 को अविश्वास प्रस्ताव लाकर अध्यक्ष को हटा दिया गया। इसके बाद से प्रशासन ने अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए कोई मीटिंग नहीं बुलाई है। निर्वाचित 15 पार्षदों में से 10 पार्षद कोर्ट के सामने हैं। जिला प्रशासन के रवैये से खिन्न स्थानीय दस पार्षदों उपाध्यक्ष मनिका अग्रवाल, वीना चानना, सुधा शर्मा, रति राम, श्रवण कुमार, प्रवीन कुमार, जय प्रकाश, राखी देवी, सुरेश कुमार, नीलम वालिया ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर प्रधान का चुनाव कराने की गुहार लगाई है। एडवोकेट सुखविंदर नारा ने बताया कि न्यायाधीश ने अदालत में मौजूद हरियाणा सरकार के एडिशनल एडवोकेट जनरल को याचिका का नोटिस मंजूर कर न्यायालय को दो हफ्ते के भीतर अवगत कराने के निर्देश दिए हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
नारायणगढ़। नगरपालिका नारायणगढ़ के 10 पार्षदों ने नपा के खाली अध्यक्ष पद के संबंध में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका की हुई है। इस पर बुधवार को सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता के वकील की दलीलें सुनने के बाद जस्टिस दया चौधरी ने 23 अप्रैल के लिए सरकार को नोटिस जारी कर दिया। जस्टिस ने कोर्ट में मौजूद अतिरिक्त एडवोकेट जनरल को दो हफ्ते के अंदर इस संबंध में सरकार से निर्देश लेकर अदालत को अवगत कराने के लिए कहा है।
हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकील सुखविंद्र नारा ने बताया कि नारायणगढ़ नगरपालिका का चुनाव मई 2016 में हुआ था। इसके बाद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव हुआ। अध्यक्ष का पद अनुसूचित जाति के लिए रिजर्व है, लेकिन 17 नवंबर 2017 को अविश्वास प्रस्ताव लाकर अध्यक्ष को हटा दिया गया। इसके बाद से प्रशासन ने अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए कोई मीटिंग नहीं बुलाई है। निर्वाचित 15 पार्षदों में से 10 पार्षद कोर्ट के सामने हैं। जिला प्रशासन के रवैये से खिन्न स्थानीय दस पार्षदों उपाध्यक्ष मनिका अग्रवाल, वीना चानना, सुधा शर्मा, रति राम, श्रवण कुमार, प्रवीन कुमार, जय प्रकाश, राखी देवी, सुरेश कुमार, नीलम वालिया ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर प्रधान का चुनाव कराने की गुहार लगाई है। एडवोकेट सुखविंदर नारा ने बताया कि न्यायाधीश ने अदालत में मौजूद हरियाणा सरकार के एडिशनल एडवोकेट जनरल को याचिका का नोटिस मंजूर कर न्यायालय को दो हफ्ते के भीतर अवगत कराने के निर्देश दिए हैं।
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