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27 और डायरियां की चपेट में
कुरुक्षेत्र
Updated Sun, 29 Sep 2013 11:35 PM IST
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कुरुक्षेत्र जिले की लाडवा की अनाज मंडी में गंदे पानी की सप्लाई के कारण फैला डायरिया रुकने का नाम नहीं ले रहा। मजदूरों के साथ-साथ अब किसान भी इस रोग की चपेट में आने शुरू हो गए हैं।
रविवार को उल्टी-दस्त से पीड़ित 27 मजदूर लाडवा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जिनमें से 16 को कुरुक्षेत्र के लोकनायक जय प्रकाश अस्पताल में रेफर किया गया है। मंडी में बीमारी का प्रकोप बढ़ने के चलते स्वास्थ्य विभाग की ओर से रविवार को भी मजदूरों चेकअप कर दवाइयां दी गईं। गंदे पानी की सप्लाई को रोकने के लिए कुछ वाटर कनेक्शन भी काटे गए।
उल्लेखनीय है कि शनिवार को गांव दुगारी व सौंटी से मंडी में धान लेकर आए किसान भी उल्टी-दस्त की चपेट में आ गए। इन सभी को अस्पतालों में पहुंचाया गया। दुगारी निवासी किसान सलीख चंद जहां लाडवा के सरकारी अस्पताल में उपचारधीन है वहीं सौंटी निवासी अमरीक सिंह कुरुक्षेत्र के एक निजी अस्पताल में दाखिल हैं।
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रोगियों का उपचार कर रहे डॉ.कृष्ण दत्त और डॉ.प्रवीण सैनी ने बताया कि मरीजों की हालत में थोड़ा सुधार आ रहा है। ज्ञात रहे कि अनाज मंडी में बिहार, उत्तर प्रदेश, नेपाल व पश्चिम बंगाल के मजदूर काम कर रहे हैं। मंडी में पिछले कई दिनों से पीने के पानी में हुई गड़बड़ी के कारण यहां डायरिया पीड़ितों की संख्या बढ़ती जा रही है।
गंदे पानी की सप्लाई न रुकने से अब किसान भी इसकी चपेट में आने शुरू हो गए है। किसान सलीख चंद व अमरीक सिंह ने बताया कि वह शनिवार को मंडी में धान लेकर आए थे। उन्होंने मंडी में दुकान के पास लगे वाटर कूलर में कई बार पानी पिया, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गई।
परिजनों ने सौंटी के किसान को कुरुक्षेत्र के निजी अस्पताल व दुगारी के किसान को लाडवा के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। मंडी में पिछले कई दिनों से फैले उल्टी-दस्त की बीमारी से मंडी में दहशत का माहौल है।
11 रोगी दाखिल, 16 रेफर
सरकारी अस्पताल के डॉ. स्ट्रीफन ने बताया कि रविवार सुबह से लेकर अब तक करीब 10 रोगियों को कुरुक्षेत्र के अस्पताल में रेफर किया जा चुका है और छह रोगियों को रात को ही रेफर कर दिया था। उन्होंने बताया कि करीब 11 मजदूर व एक किसान अभी भी अस्पताल में उपचाराधीन है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की एक टीम मंडी में रोगियों की जांच कर दवाइयां दे रही है।
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रविवार को उल्टी-दस्त से पीड़ित 27 मजदूर लाडवा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जिनमें से 16 को कुरुक्षेत्र के लोकनायक जय प्रकाश अस्पताल में रेफर किया गया है। मंडी में बीमारी का प्रकोप बढ़ने के चलते स्वास्थ्य विभाग की ओर से रविवार को भी मजदूरों चेकअप कर दवाइयां दी गईं। गंदे पानी की सप्लाई को रोकने के लिए कुछ वाटर कनेक्शन भी काटे गए।
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उल्लेखनीय है कि शनिवार को गांव दुगारी व सौंटी से मंडी में धान लेकर आए किसान भी उल्टी-दस्त की चपेट में आ गए। इन सभी को अस्पतालों में पहुंचाया गया। दुगारी निवासी किसान सलीख चंद जहां लाडवा के सरकारी अस्पताल में उपचारधीन है वहीं सौंटी निवासी अमरीक सिंह कुरुक्षेत्र के एक निजी अस्पताल में दाखिल हैं।
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रोगियों का उपचार कर रहे डॉ.कृष्ण दत्त और डॉ.प्रवीण सैनी ने बताया कि मरीजों की हालत में थोड़ा सुधार आ रहा है। ज्ञात रहे कि अनाज मंडी में बिहार, उत्तर प्रदेश, नेपाल व पश्चिम बंगाल के मजदूर काम कर रहे हैं। मंडी में पिछले कई दिनों से पीने के पानी में हुई गड़बड़ी के कारण यहां डायरिया पीड़ितों की संख्या बढ़ती जा रही है।
गंदे पानी की सप्लाई न रुकने से अब किसान भी इसकी चपेट में आने शुरू हो गए है। किसान सलीख चंद व अमरीक सिंह ने बताया कि वह शनिवार को मंडी में धान लेकर आए थे। उन्होंने मंडी में दुकान के पास लगे वाटर कूलर में कई बार पानी पिया, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गई।
परिजनों ने सौंटी के किसान को कुरुक्षेत्र के निजी अस्पताल व दुगारी के किसान को लाडवा के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। मंडी में पिछले कई दिनों से फैले उल्टी-दस्त की बीमारी से मंडी में दहशत का माहौल है।
11 रोगी दाखिल, 16 रेफर
सरकारी अस्पताल के डॉ. स्ट्रीफन ने बताया कि रविवार सुबह से लेकर अब तक करीब 10 रोगियों को कुरुक्षेत्र के अस्पताल में रेफर किया जा चुका है और छह रोगियों को रात को ही रेफर कर दिया था। उन्होंने बताया कि करीब 11 मजदूर व एक किसान अभी भी अस्पताल में उपचाराधीन है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की एक टीम मंडी में रोगियों की जांच कर दवाइयां दे रही है।