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18 हजार में से 225 ने ही किया आवेदन
अमर उजाला गुड़गांव
Updated Wed, 25 Dec 2013 09:00 PM IST
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‘कुछ लोहे में खोट तो कुछ लुहार की नीयत में’। शहर में ऑटो वेरिफिकेशन के लिए कुछ ऐसी ही स्थिति बनी है। इसे लेकर न तो ऑटो मालिक गंभीर नजर आ रहे हैं और न ही ट्रैफिक पुलिस महकमा। तकरीबन 18000 ऑटो मालिकों में केवल 225 ने ही चालकों की जांच करवाई है।
एक सप्ताह पहले जिलाधीश की ओर से धारा 144 लगाकर किराएदार और नौकरों की तरह ही ऑटो चालकाें के लिए भी पुलिस वेरिफिकेशन के निर्देश जारी किए गए थे। नए साल से ऑटो के लिए नई व्यवस्था लागू हो जाएगी। इसी में वेरिफिकेशन रजिस्ट्रेशन भी एक है। बगैर जांच के चालकों को सड़कों पर ऑटो नहीं दौड़ाने दिया जाएगा। ऑटो और व्यक्तिगत दस्तावेजों के साथ ऑटो चालकों को साथ में पुलिस वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट रखना भी अनिवार्य किया गया है। निर्देशों के अनुसार नए साल के पहले दिन से यह निर्देश प्रभावी होंगे। इस योजना की अगर ताजा स्थिति पर नजर दौड़ाएं तो अभी तक करीब 18000 में से 225 ऑटो मालिकों ने ही चालकों की वेरिफकेशन के लिए आवेदन किया है।
जब सिस्टम में ही हो खामी
ट्रैफिक पुलिस के सिस्टम में खामी होने के कारण इन आवेदनों पर काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। वेरिफिकेशन के लिए जरूरी बायोमीट्रिक मशीन ही खराब है। इस कारण चालकों के फिंगर प्रिंट आदि नहीं लिए जा रहे हैं। ऐसे में नए साल में व्यवस्था लागू होने की कम संभावना नजर आ रही है। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर भारती अरोड़ा ने कहा कि मशीन को ठीक कराया जा रहा है।
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जल्दी ही वेरिफिकेशन करने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन चालकों को किराएदार के तौर पर पहले ही वेरिफाई किया जा चुका है, उन्हें दोबारा इसकी जरूरत नहीं है। अंदाजा है कि अधिकांश चालकों का किराएदार के रूप में वेरिफिकेशन हो चुका है।
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एक सप्ताह पहले जिलाधीश की ओर से धारा 144 लगाकर किराएदार और नौकरों की तरह ही ऑटो चालकाें के लिए भी पुलिस वेरिफिकेशन के निर्देश जारी किए गए थे। नए साल से ऑटो के लिए नई व्यवस्था लागू हो जाएगी। इसी में वेरिफिकेशन रजिस्ट्रेशन भी एक है। बगैर जांच के चालकों को सड़कों पर ऑटो नहीं दौड़ाने दिया जाएगा। ऑटो और व्यक्तिगत दस्तावेजों के साथ ऑटो चालकों को साथ में पुलिस वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट रखना भी अनिवार्य किया गया है। निर्देशों के अनुसार नए साल के पहले दिन से यह निर्देश प्रभावी होंगे। इस योजना की अगर ताजा स्थिति पर नजर दौड़ाएं तो अभी तक करीब 18000 में से 225 ऑटो मालिकों ने ही चालकों की वेरिफकेशन के लिए आवेदन किया है।
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जब सिस्टम में ही हो खामी
ट्रैफिक पुलिस के सिस्टम में खामी होने के कारण इन आवेदनों पर काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। वेरिफिकेशन के लिए जरूरी बायोमीट्रिक मशीन ही खराब है। इस कारण चालकों के फिंगर प्रिंट आदि नहीं लिए जा रहे हैं। ऐसे में नए साल में व्यवस्था लागू होने की कम संभावना नजर आ रही है। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर भारती अरोड़ा ने कहा कि मशीन को ठीक कराया जा रहा है।
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जल्दी ही वेरिफिकेशन करने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन चालकों को किराएदार के तौर पर पहले ही वेरिफाई किया जा चुका है, उन्हें दोबारा इसकी जरूरत नहीं है। अंदाजा है कि अधिकांश चालकों का किराएदार के रूप में वेरिफिकेशन हो चुका है।