फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   zoo will be able to become a zebra hideout after friendly

गोरखपुर: बढ़ेगा दोस्ताना तब चिड़ियाघर बन सकेगा जेब्रा का ठिकाना, दस माह बाद भी इंतजार जारी

Sat, 08 Oct 2022 10:43 AM IST
vivek shukla रोहित सिंह, गोरखपुर।
रोहित सिंह, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 08 Oct 2022 10:43 AM IST
सार

पिछले दिनों गोरखपुर चिड़ियाघर के निदेशक डा.एच राजा मोहन व लखनऊ चिड़ियाघर के निदेशक विष्णुकांत मिश्र के नेतृत्व में छह सदस्यीय टीम ने जेब्रा के स्वभाव के विषय में जानकारी ली। पता चला कि शर्मीले स्वभाव का यह वन्यजीव चिड़ियाघर के वातावरण में खुद को ढाल नहीं सका है। इंसानों को देखते ही वह एकांत में चला जा रहा है।

विज्ञापन
zoo will be able to become a zebra hideout after friendly
गोरखपुर चिड़ियाघर। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर चिड़ियाघर के लिए इजरायल से दस माह पहले लाए गए जेब्रा को अभी तक इंसानों की नजदीकी पसंद नहीं आ रही है। चिड़ियाघर के माहौल में अनुकूलित करने के लिए उसे लखनऊ चिड़ियाघर में रखा गया है। गोरखपुर चिड़ियाघर का एक जू कीपर जेब्रा से दोस्ती का प्रयास कर रहा है।

विज्ञापन


जू कीपर रोजाना उसके बाड़े में भोजन सामग्री डालने जाता है। धीरे-धीरे उसकी नजदीकी जेब्रा से बढ़ रही है। दोस्ती पक्की होने पर ही जेब्रा को गोरखपुर चिड़ियाघर में लाया जाएगा।
विज्ञापन


दरअसल, पिछले दिनों गोरखपुर चिड़ियाघर के निदेशक डा.एच राजा मोहन व लखनऊ चिड़ियाघर के निदेशक विष्णुकांत मिश्र के नेतृत्व में छह सदस्यीय टीम ने जेब्रा के स्वभाव के विषय में जानकारी ली। पता चला कि शर्मीले स्वभाव का यह वन्यजीव चिड़ियाघर के वातावरण में खुद को ढाल नहीं सका है। इंसानों को देखते ही वह एकांत में चला जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसे भी पढ़ें: पटरियों पर दौड़ेंगी ट्रेनें, ऊपर चलेगा फूड प्लाजा, एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित होगा गोरखपुर जंक्शन

ऐसे में टीम ने निर्णय लिया कि गोरखपुर चिड़ियाघर से एक जू कीपर भेजकर जेब्रा को उसके साथ सहज किया जाए। चिड़ियाघर प्रबंधन का मानना है कि इंसानों को देखकर सहज रहने के बाद ही जेब्रा को गोरखपुर चिड़ियाघर में लाया जाना उचित होगा। क्योंकि, यहां लाए जाने के बाद करीब तीस मीटर दूरी से रोजाना उसे सैकड़ों लोग देखेंगे। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि जेब्रा के साथ जू कीपर की दोस्ती ही उसे गोरखपुर लाने में सहायक होगी।

छह में से एक जेब्रा की हो गई थी मौत
बीते नवंबर में इजराइल से छह जेब्रा लखनऊ चिड़ियाघर लाए गए थे। उनमें से एक की 36 घंटे बाद ही मौत हो गई थी। इसके बाद से चिड़ियाघर प्रशासन जेब्रा को लेकर बेहद सावधानी बरत रहा है। जेब्रा का बाड़ा पहले गोरखपुर चिड़ियाघर में शेर के बगल में बनाया गया था। अब शेर के बाड़े से करीब 500 मीटर की दूरी पर जेब्रा का बाड़ा बनाया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed