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Gorakhpur News: बहुत शर्मीला है इजराइल से लाया गया जेब्रा, इस वजह से 14 माह बाद भी नहीं आ सका चिड़ियाघर
Wed, 28 Dec 2022 01:41 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 28 Dec 2022 01:41 PM IST
सार
चिड़ियाघर के पशु चिकित्साधिकारी डॉ योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि उसके लिए मौसम अब फरवरी के बाद ही अनुकूल होगा। जाहिर है कि जेब्रा को शहरवासी अब नए साल में ही देख पाएंगे। ऐसे में प्रबंधन इंतजार कर रहा है।
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गोरखपुर चिड़ियाघर।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
इजराइल से लाया गया जेब्रा लखनऊ चिड़ियाघर में रखा गया है। पिछले 14 माह में भी उसे इंसानों का साथ पसंद नहीं आया है। वह मानव को देखकर शर्मा जाता है। यही वजह है कि उसे गोरखपुर चिड़ियाघर नहीं लाया जा सका है। अब एक जू कीपर लखनऊ चिड़ियाघर जाकर जेब्रा से दोस्ती कर रहा है। जब जेब्रा को मानव का साथ पसंद आ जाएगा तो उसे गोरखपुर चिड़ियाघर लाया जाएगा।
जेब्रा को इस्राइल से लखनऊ तो लाया गया, लेकिन उसे गोरखपुर लाना आसान नहीं है। दो आईएफएफ समेत विशेषज्ञों की छह सदस्यीय टीम ने लखनऊ में जेब्रा के स्वभाव का अध्ययन किया तो पता चला कि शर्मीले स्वभाव का यह वन्यजीव इंसान को 100 मीटर दूर देखकर खुद असहज महसूस कर रहा है। ऐसे में वह चिड़ियाघर के बाडे़ में कैसे रहेगा, जहां रोजाना हजारों की संख्या में 30 मीटर की दूरी पर खड़े होकर दर्शक देखेंगे।
टीम ने सर्वे के बाद निर्णय लिया है कि जेब्रा से दोस्ती बढ़ाने के बाद ही उसे गोरखपुर चिड़ियाघर लाया जा सकता है। इसके लिए गोरखपुर चिड़ियाघर का एक जू कीपर जेब्रा से दोस्ती करने लखनऊ चिड़ियाघर गया है। वह रोजाना जेब्रा के बाड़े में भोजन सामग्री देने जा रहा है। धीरे-धीरे उसकी नजदीकी जेब्रा से बढ़ रही है। जानकारों का मानना है कि जू कीपर की दोस्ती ही उसे गोरखपुर लेकर आएगी।
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चिड़ियाघर के पशु चिकित्साधिकारी डॉ योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि उसके लिए मौसम अब फरवरी के बाद ही अनुकूल होगा। जाहिर है कि जेब्रा को शहरवासी अब नए साल में ही देख पाएंगे। ऐसे में प्रबंधन इंतजार कर रहा है।
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जेब्रा को इस्राइल से लखनऊ तो लाया गया, लेकिन उसे गोरखपुर लाना आसान नहीं है। दो आईएफएफ समेत विशेषज्ञों की छह सदस्यीय टीम ने लखनऊ में जेब्रा के स्वभाव का अध्ययन किया तो पता चला कि शर्मीले स्वभाव का यह वन्यजीव इंसान को 100 मीटर दूर देखकर खुद असहज महसूस कर रहा है। ऐसे में वह चिड़ियाघर के बाडे़ में कैसे रहेगा, जहां रोजाना हजारों की संख्या में 30 मीटर की दूरी पर खड़े होकर दर्शक देखेंगे।
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टीम ने सर्वे के बाद निर्णय लिया है कि जेब्रा से दोस्ती बढ़ाने के बाद ही उसे गोरखपुर चिड़ियाघर लाया जा सकता है। इसके लिए गोरखपुर चिड़ियाघर का एक जू कीपर जेब्रा से दोस्ती करने लखनऊ चिड़ियाघर गया है। वह रोजाना जेब्रा के बाड़े में भोजन सामग्री देने जा रहा है। धीरे-धीरे उसकी नजदीकी जेब्रा से बढ़ रही है। जानकारों का मानना है कि जू कीपर की दोस्ती ही उसे गोरखपुर लेकर आएगी।
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चिड़ियाघर के पशु चिकित्साधिकारी डॉ योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि उसके लिए मौसम अब फरवरी के बाद ही अनुकूल होगा। जाहिर है कि जेब्रा को शहरवासी अब नए साल में ही देख पाएंगे। ऐसे में प्रबंधन इंतजार कर रहा है।