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Alert: आपकी सहेली बन सकती है दुश्मन...मत शेयर करें व्यक्तिगत तस्वीरें
Thu, 04 Jan 2024 03:12 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 04 Jan 2024 03:12 PM IST
सार
गोरखपुर पुलिस ने एमपी बालिका इंटर कॉलेज में कार्यशाला आयोजित हुई। साइबर अपराध से बचाव के लिए एसएसपी ने सुझाव दिए। उन्होंने वर्तमान में साइबर अपराधों के तरीकों से छात्राओं को अवगत कराया।
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एमपी बालिका इंटर कॉलेज में साइबर अपराध के बारे में छात्राओं को जानकारी देते एसएसपी डॉ गौरव ग्रोवर।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
पढ़ाई के दौरान हुई दोस्ती जीवनभर चलेगी, ऐसा हमेशा नहीं होता। इस दौरान आप अपनी सहेली, दोस्त को भरोसे में व्यक्तिगत जानकारी, तस्वीरें दे देते हैं, जिनका बाद में दुरुपयोग होने का खतरा रहता है। अक्सर ऐसे केस सामने भी आते हैं, जिसमें रिश्तों में खटास पड़ने पर दोस्ती के समय दी गई तस्वीर को वायरल कर ब्लैकमेल किया जाता है। इसलिए ऐसे व्यक्तिगत तस्वीरों को साझा करने से बचना चाहिए।
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ये बातें एसएसपी डॉ गौरव ग्रोवर ने बुधवार को एमपी बालिका इंटर कॉलेज में कहीं। वह गोरखपुर पुलिस की ओर से नए साल में साइबर अपराध से लोगों को जागरूक करने की मुहिम की शुरुआत के अवसर पर बोल रहे थे। एसएसपी ने वर्तमान में साइबर अपराधों के तरीकों से छात्राओं को अवगत कराया। बताया कि आप के दुश्मन भी पहले दोस्त ही रहते हैं। जब किसी बात पर रिश्तों में खटास आ जाती है तो लोग एक दूसरे को बदनाम करने के लिए तस्वीरों को वायरल कर देते हैं।
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एसएसपी ने सुरक्षा प्रबंधों के बारे में छात्राओं को जागरूक किया। साइबर अपराध थाना जनपद गोरखपुर के हेल्पलाइन नंबर 7839876674, राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930, राष्ट्रीय साइबर हेल्प लाइन पोर्टल https://www.cybercrime.gov.in आदि के बारे में जानकारी दी।
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ये सुझाव दिए गए
- यूपीआई आदि के माध्यम से आने वाले पेमेंट रिक्वेस्ट नोटिफिकेशन को एसेप्ट करने से पहले उसको भेजने वाले की पहचान की जांच अवश्य करें।
- पेमेंट क्यूआर कोड स्कैन करते समय सावधानी बरतें।
- क्विक सपोर्ट/एनी डेस्क/टीम व्यूवर आदि रिमोट एक्सेस कंट्रोलिंग एप है, इनको डाउनलोड करने में सावधानी बरतें।
- किसी भी अनजान से वीडियो काॅल करने में सावधानी बरतें।
- किसी अनजान से ई-मेल आईडी, पासवर्ड, ओटीपी और कोई भी व्यक्तिगत जानकारी (एटीएम कार्ड, क्रेडिट कार्ड आदि) शेयर न करें।
- सोशल मीडिया के माध्यम से फोन/मैसेज करके अपने आपको रिश्तेदार या मित्र बताकर मदद के नाम पर पैसे मांगने वालों से सावधान रहें और पैसे भेजने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर कर लें।
- कस्टमर केयर नंबर हमेशा सर्विस प्रोवाइडर (बैंक, क्रेडिट काॅर्ड, कोरियर/शॉपिंग कंपनी, जोमैटो आदि) के आधिकारिक वेबसाइट पर ही जाकर सर्च करें।
- किसी भी सरकारी योजना के नाम पर पैसे मांगे जाने पर खाते में पैसा न जमा करें।
- सोशल मीडिया अकाउंट को सदैव प्राइवेट कर रखें और अनजान लोगों से न जुड़ें।